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बेरोजगारों की नुमाइश बने रोजगार मेले, डेढ़ साल में हुए 34 मेलों में 17.50 फीसदी को ही मिली नौकरी
चयन राजपूत , अमर उजाला, रुद्रपुर
Updated Fri, 02 Nov 2018 02:15 PM IST
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नौकरी की आस में रोजगार मेलों में पहुंचने वाले बेरोजगार युवाओं को एक अदद नौकरी के लिए तरसना पड़ रहा है। नौकरी न मिलने से यह रोजगार मेले सिर्फ बेरोजगारों की नुमाइश भर बनकर रह गए हैं। जिले में डेढ़ साल में आयोजित 34 रोजगार मेलों में 19,140 बेरोजगार युवाओं ने भाग लिया लेकिन सिर्फ 3351 को रोजगार मिल सका। यानी करीब साढ़े 17 फीसदी युवाओं को ही रोजगार मिल सका है।
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जिला सेवायोजन कार्यालय हर माह मॉडल कॅरिअर सेंटर के तहत रोजगार मेला आयोजित करता है। इसमें बेरोजगार युवाओं के लिए कांउसलिंग भी करवाई जाती है। पिछले डेढ़ साल में सिर्फ साढ़े 17 प्रतिशत युवाओं को नौकरी मिलने का आंकड़ा बेहद चिंताजनक है।
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मॉडल कॅरिअर सेंटर की शुरुआत 23 जनवरी 2017 में की गई। सेवायोजन कार्यालय ने मेलों में प्रतिभाग कर चुके 19,140 बेरोजगार युवाओं में से 7,759 छात्र-छात्राओं को शॉट लिस्ट किया था। इनमें से सिर्फ 3,551 युवाओं को रोजगार मिल सका। शेष युवाओं को रोजगार के लिए विभिन्न कंपनियों में सीवी लेकर भटकना पड़ रहा है।
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जो छात्र-छात्राएं कंपनी में जॉब करने के लिए योग्य होते हैं, सिर्फ उन्हीं का चयन होता है। कुछ युवा मॉडल कॅरिअर सेंटर के रोजगार मेले में भाग तो ले लेते हैं लेकिन वह कंपनी के लिए योग्य नहीं होते। इसलिए सिर्फ 3,551 योग्य युवाओं को रोजगार मिला है।
- नारायण सिंह दरम्वाल, जिला सेवायोजन अधिकारी, ऊधमसिंह नगर