रियो ओलंपिक में धमाल मचाने को रेडी उत्तराखंड की बेटी वंदना
- रियो ओलंपिक के लिए रवाना होने से पहले वंदना ने अमर उजाला से की खास बातचीत
- कहा-हर चांस को गोल में बदलने की करूंगी कोशिश, पूरी टीम आत्मविश्वास से लबरेज
- नई कप्तान सुशीला चानु के नेतृत्व में भारतीय हॉकी टीम करेगी ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन
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‘हमारा हौसला बुलंद है, एंटवर्प में अच्छे प्रदर्शन से पूरी टीम आत्मविश्वास से लबरेज है। पूरा भरोसा है हम विरोधी टीमों को कड़ी टक्कर देंगे और उन्हें हराकर गोल्ड मेडल जीतेंगे।’ यह बातें भारतीय हॉकी टीम में शामिल हरिद्वार की वंदना कटारिया ने टीम चयन के बाद अमर उजाला से फोन पर खास बातचीत में कही।
वंदना कटारिया भारतीय राष्ट्रीय महिला हॉकी टीम में जगह बनाने के बाद रियो ओलंपिक के लिए पूरी तरह रेडी हैं। भारतीय टीम के साथ रियो ओलंपिक उनके लिए इस वजह से भी खास है, क्योंकि 1980 के बाद पहली बार भारतीय महिला हॉकी टीम ने ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया है।
टीम में शामिल वंदना कटारिया बेहद खुश और रोमांचित हैं। वंदना को पूरा यकीन है कि भारतीय महिला हॉकी टीम ओलंपिक में गोल्ड मेडल लाकर हर देशवासी के सपने को हकीकत में तब्दील करेगी।
हर मौके को गोल में बदलने की कोशिश
ग्राउंड में फारवर्ड खेलने वाली वंदना ने बताया कि पूरी टीम का कोऑर्डिनेशन बेहतर है और इसका असर मैदान पर भी दिखेगा।
उन्होंने कहा कि रियो ओलंपिक के लिए पूरी टीम ने कोच नील हॉगुड की देखरेख में कड़ी मेहनत की है। उम्मीद ही नहीं पक्का यकीन है कि इसके बेहतर परिणाम आएंगे।
जहां तक मेरा सवाल है तो मेरी कोशिश रहेगी कि हर मौके को गोल में तब्दील कर टीम को जीत दिलाऊं। नई कप्तान की अगुवाई में टीम के प्रदर्शन के सवाल पर उन्होंने कहा कि सुशीला चानु के साथ हमने काफी मैच खेला है। हमारी तरह वह भी युवा हैं और आपसी समन्वय से हम देश को मेडल दिलाने की पूरी कोशिश करेंगे।
कप्तान बदलना कोच और हॉकी इंडिया का फैसला
अपने कुशल नेतृत्व के बूते भारतीय महिला हॉकी टीम को रियो ओलंपिक में क्वालीफाई कराने वाली पूर्व कप्तान रितु रानी से कप्तानी छीनने के साथ टीम से बाहर करने के सवाल पर वंदना कुछ भी बोलने से बचती रहीं।
उन्होंने कहा कि यह कोच और हॉकी इंडिया की ओर से लिया गया फैसला है, इस पर वह ज्यादा कुछ नहीं कह सकती हैं। जहां तक रितु रानी का सवाल है तो उन्होंने एक अच्छे खिलाड़ी और कप्तान के रूप में टीम को काफी कुछ दिया है। उन्होंने कहा कि पुरुष और महिला दोनों टीमें नए कप्तान के नेतृत्व में निश्चित ही अच्छा प्रदर्शन करेंगी।
पदक दिलवा चुकी हैं वंदना
हरिद्वार के रोशनाबाद की रहने वाली वंदना कटारिया अब 140 मैचों में 35 से अधिक गोल कर कई मौकों पर टीम को जीत दिला चुकी हैं। 2013 में जर्मनी में हुए जूनियर वर्ल्ड कप में वंदना ने टीम की ओर से सर्वाधिक पांच गोल कर भारत को कांस्य पदक दिलाया था।
सीरीज में वह तीसरी सर्वश्रेष्ठ स्कोरर भी थीं। इसके अलावा भी वंदना ने कई मैचों में शानदार प्रदर्शन कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई है।
रियो ओलंपिक के लिए वंदना का चयन होने पर पिता एनएस कटारिया और माता सोरन देवी भी काफी खुश हैं। उनका कहना है कि बेटी देश के लिए ओलंपिक खेलने जा रही है, इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है।