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Tunnel Rescue: भाई के लिए बॉबी ने दिन-रात सुरंग में घुसकर निकाला मलबा, सफलता मिलते ही चेहरे पर छा गई मुस्कान

Wed, 29 Nov 2023 11:14 AM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, सिलक्यारा(उत्तरकाशी)।
संवाद न्यूज एजेंसी, सिलक्यारा(उत्तरकाशी)। Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 29 Nov 2023 11:14 AM IST
सार

संतोष 12 नवंबर को नाइट शिफ्ट में होने के चलते सुरंग के अंदर फंस गया। बड़े भाई बॉबी को जब इसकी सूचना मिली तो वह उसके बाद से ही छोटे भाई के लिए चिंतित था। बॉबी ने बताया उसने पहले दिन से ही भाई को सुरंग से बाहर निकालने के लिए मलबा हटाने का काम किया।

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Uttarkashi Silkyara operation Bobby entered the tunnel day and night and took out debris for his brother
श्रमिकों के परिजनों के चेहरे पर खुशी - फोटो : amar ujala

विस्तार

सिलक्यारा सुरंग में फंसे छोटे भाई के लिए बॉबी ने सुरंग में घुसकर दिन-रात मलबा निकाला। इस दौरान जब ऑगर मशीन सरियों में फंसी और करीब तीन तक ड्रिलिंग नहीं हो पाई तो उसे हताशा भी हुई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। मंगलवार को जैसे ही रेस्क्यू ऑपरेशन सफल होने की खबर आई तो बॉबी के चेहरे पर मुस्कान छा गई।

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उत्तरप्रदेश के मोतीपुर श्रावस्ती निवासी संतोष कुमार व बॉबी कुमार दोनों यहां सुरंग निर्माण में कार्यरत थे। संतोष 12 नवंबर को नाइट शिफ्ट में होने के चलते सुरंग के अंदर फंस गया। बड़े भाई बॉबी को जब इसकी सूचना मिली तो वह उसके बाद से ही छोटे भाई के लिए चिंतित था। बॉबी ने बताया उसने पहले दिन से ही भाई को सुरंग से बाहर निकालने के लिए मलबा हटाने का काम किया।

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पहले जब मलबा हटाने के दौरान और मलबा गिरा तो यह काम बंद कर दिया गया। फिर ऑगर मशीन से पाइप डालने काम शुरू हुआ। इसमें भी जो मलबा निकलता था, वह उसे उठाने का काम करता था। वह पिछले 17 दिन से सुरंग के अंदर मलबा हटाने के काम में मदद कर रहा था।



बताया कि जब ऑगर मशीन फेल हुई तो उसे बहुत निराशा हुई। इस हताशा में उसकी तबीयत भी खराब रही, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। उसे पूरी उम्मीद थी कि यह ऑपरेशन जरूर सफल होगा। बताया कि अब वह दोनों भाई यहां कभी लौटकर नहीं आएंगे। इसके बाद गांव में रहकर ही मेहनत व मजदूरी कर आजीविका चलाएंगे।


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