{"_id":"67271f056bd046f10b0df465","slug":"uttarkashi-news-plan-to-prepare-drone-pilots-center-in-limbo-not-opened-in-ladari-even-after-two-years-2024-11-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: अधर में ड्रोन पायलट तैयार करने की योजना...लदाड़ी में दो साल बाद भी नहीं खुला सेंटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: अधर में ड्रोन पायलट तैयार करने की योजना...लदाड़ी में दो साल बाद भी नहीं खुला सेंटर
Sun, 03 Nov 2024 12:30 PM IST
अलका त्यागी
अजय कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी
अजय कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी
Published by: अलका त्यागी
Updated Sun, 03 Nov 2024 12:30 PM IST
सार
सीमांत जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा में ड्रोन के इस्तेमाल के लिए युवाओं को ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण दिए जाने की योजना बनाई गई थी। पीपीपी मोड पर खुलने वाले केंद्र में पिछले साल ही 25 युवाओं को ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जाना भी प्रस्तावित था, लेकिन यह योजना कागजों में ही सिमट कर रह गई है।
विज्ञापन
- फोटो : freepik.com
विस्तार
जनपद में ड्रोन पायलट तैयार करने की योजना अधर में लटक गई है। आईटीडीए (सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी) की ओर से लदाड़ी में ड्रोन एप्लीकेशन एंड रिसर्च सेंटर प्रस्तावित किया गया था, लेकिन दो साल बाद भी न तो यह सेंटर शुरू हो पाया और न ही ड्रोन पायलट तैयार करने का प्रशिक्षण।
विज्ञापन
सीमांत जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा में ड्रोन के इस्तेमाल के लिए युवाओं को ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण दिए जाने की योजना बनाई गई थी। आईटीडीए की ओर से इसके लिए लदाड़ी क्षेत्र में जिला पंचायत राज विभाग के जिला रिसाेर्स सेंटर में ड्रोन एप्लीकेशन एंड रिसर्च सेंटर प्रस्तावित किया गया था।
विज्ञापन
पीपीपी मोड पर खुलने वाले केंद्र में पिछले साल ही 25 युवाओं को ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जाना भी प्रस्तावित था, लेकिन यह योजना कागजों में ही सिमट कर रह गई है। हालांकि यहां आईटीडीए कैल्क (कंप्यूटर एकेडमी ऑफ लर्निंग सेंटर) का संचालन किया जा रहा है। इस केंद्र के प्रबंधक सुभाष भंडारी का कहना है कि केंद्र में आईआईटी रुड़की द्वारा मान्य कंप्यूटर संबंधी डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स का संचालन किया जा रहा है, लेकिन प्रस्तावित ड्रोन एप्लीकेशन एंड रिसर्च सेंटर नहीं खुल पाया है। उन्होंने बताया कि सेंटर खुलता तो इससे युवाओं को लाभ मिलता। युवा ड्रोन पायलट बनने के लिए उत्साहित भी थे।
विज्ञापन
Uttarkashi: जनाक्रोश रैली में हुआ था बवाल, शांतिभंग में गिरफ्तार तीनों लोगों की न्यायिक हिरासत पांच तक बढ़ी
पूर्व निदेशक ने हर जनपद में ड्रोन एप्लीकेशन एंड रिसर्च सेंटर शुरू करने की योजना बनाई थी। उनके स्थानांतरण के चलते योजना पर आगे काम नहीं हो पाया। वर्तमान में भारत सरकार से 200 ड्रोन पायलट तैयार करने बजट दिया है। वित्त वर्ष में 50 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा, लेकिन यह प्रशिक्षण उत्तरकाशी में नहीं, देहरादून में होगा। ड्रोन की उपयोगिता के चलते भविष्य में प्रशिक्षण देने का प्रयास किया जाएगा।
- वीरेंद्र चौहान, राज्य समन्वयक, आईटीडीए कैल्क।