उत्तराखंडः शराब के विरोध में 'आधी आबादी' में उबाल, जगह-जगह फूटा गुस्सा
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उत्तराखंड में राजमार्गों से शराब की दुकानों की अन्यत्र शिफ्ट करने के विरोध गढ़वाल से लेकर राजधानी देहरादून तक महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है।
मैदानी जनपद हरिद्वार में भी उग्र आंदोलन हो रहे हैं। बहादराबाद स्थित दुकान को सलेमपुर गांव से सटी शक्तिनगर कालोनी में खोलने के विरोध में गांव के लोगों ने उग्र प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने दुकान के प्रचार के लिए लगाए होर्डिंग और साइन बोर्ड फूंक दिए।
श्यामपुर के पथरी क्षेत्र के मिस्सरपुर और रेलवे स्टेशन के आसपास विरोध के स्वर उठने के साथ ही अब कांगड़ी व चिड़ियापुर गांव में भी ठेका खोलने का विरोध किया है। ग्रामीणों ने एकत्र होकर आबादी में शराब की दुकानें खोलने का विरोध करने का निर्णय लिया है।
रविवार को कांगड़ी गांव के लोगों ने बैठक की और निर्णय लिया कि गांव में शराब की दुकान नहीं खोलने दी जाएगी। तहसील मुख्यालय पर संचालित अंग्रेजी शराब की दुकान को बाजार में शिफ्ट करने की सूचना पर महिलाएं भड़क गई। नाराज महिलाओं ने मामले को लेकर मुख्य बाजार में प्रदर्शन किया। इसके बाद तहसील पहुंची महिलाओं ने एसडीएम से वार्ता करते हुए कहा कि यदि बाजार में दुकान खोली गई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
सरकारी अमले को भारी झेलना पड़ा विरोध
ऊखीमठ में करीब ढाई सौ महिलाएं शनिवार रात से धरने पर बैठी हैं, जबकि देहरादून के कई मोहल्लों में दुकान खोलने के लिए पहुंच रहे सरकारी अमले को विरोध झेलना पड़ा।
देहरादून के प्रेमनगर में महिलाओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उधर, दुकानें रिहायशी इलाकों में शिफ्ट करने को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। कांग्रेस के विधायक मनोज रावत ने महिलाओं के प्रदर्शन को समर्थन दे दिया है। वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने जनभावनाओं का आदर करने की बात कही है।
ठेका विरोधी संगठन बनाया
ऊखीमठ में ठेके के विरोध में दो दिन से धरने पर बैठी आंदोलनरत महिलाओं ने पंचगाई शराब विरोधी महिला संगठन बनाया है, जिसमें सतेश्वरी देवी को अध्यक्ष, उर्मिला देवी को उपाध्यक्ष, दुर्गा देवी को महासचिव व कुशमा देवी को कोषाध्यक्ष चुना गया है, जबकि धूमा देवी को संरक्षक बनाया गया है। दस सदस्य भी नामित किए गए हैं।
हमारी नीति है कि शराब को प्रोत्साहन नहीं किया जाएगा। हम राजस्व इकट्ठा करने के लिए शराब नहीं बेचना चाहते हैं। इसको आय का जरिया हम नहीं बनाना चाहते हैं। आप लोगों का सहयोग चाहिए।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, सीएम