उत्तराखंड मौसम: मैदान में तेज अंधड़ और बदरी-केदार समेत ऊंची चोटियों पर बर्फबारी, मसूरी में हुई ओलावृष्टि
- पिछले कई दिनों से मौसम लगातार खराब हो रहा है। रविवार को केदारनाथ, मद्महेश्वर व तुंगनाथ धाम में हल्की बर्फबारी हुई, जबकि निचले इलाकों में बारिश हुई। वहीं, जखोली ब्लॉक के पूर्वी बांगर के क्षेत्र के गांवों में भारी ओलावृष्टि से खेती को काफी नुकसान हुआ है।
विस्तार
उत्तराखंड के चमोली जिले में रविवार को दिनभर मौसम खराब रहा और दोपहर बाद बदरीनाथ धाम की चोटियों समेत हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, फूलों की घाटी सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई, जिससे मौसम में ठंडक आ गई है। वहीं केदारनाथ में भी बर्फबारी हुई।
पिछले कई दिनों से मौसम लगातार खराब हो रहा है। रविवार को केदारनाथ, मद्महेश्वर व तुंगनाथ धाम में हल्की बर्फबारी हुई, जबकि निचले इलाकों में बारिश हुई। वहीं, जखोली ब्लॉक के पूर्वी बांगर के क्षेत्र के गांवों में भारी ओलावृष्टि से खेती को काफी नुकसान हुआ है।
उत्तराखंड में कोरोना : लगातार दूसरे वर्ष नहीं होगी कैलाश मानसरोवर यात्रा, आदिकैलाश यात्रा भी निरस्त
गिरीश बैरवाण ने बताया कि ओलावृष्टि से प्याज, लहसुन, मटर, धनिया आदि की फसल खराब हो गई है। दूसरी तरफ केदारनाथ समेत अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कुछ देर तक तेज बर्फबारी हुई। धाम में पहले से लगभग ढाई फीट तक बर्फ है। आए दिन मौसम खराब होने से यहां पुनर्निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
पहाड़ों की रानी मसूरी में जमकर पड़े ओले
मसूरी में पिछले दो दिन से पल-पल मौसम का मिजाज बदल रहा है ,शहर में रविवार को भी बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इसके चलते मई के महीने में जनवरी जैसी ठंड का एहसास हो रहा है। ओलावृष्टि से शहर में ओलों की सफेद चादर बिछ गई, ओले पड़ने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
कुमाऊं में मुनस्यारी और धारचूला की ऊंची चोटियों पर हिमपात
कुमाऊं में मुनस्यारी और धारचूला की ऊंची चोटियों पर रविवार को फिर से बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश हुई है। बागेश्वर में झमाझम बारिश के साथ ओलावृष्टि होने स फलों और सब्जियों को काफी नुकसान हुआ है। चंपावत में भी दोपहर बाद हुई हल्की बारिश से तपिश में कुछ कमी आई।
शनिवार की पिथौरागढ़ जिले के देर शाम गणाई गंगोली के पोखरी, कुनलता, चौनलिया, सिमाली, खटाली सहित आसपास के कई गांवों में भारी ओलावृष्टि हुई जबकि जिला मुख्यालय सहित अन्य स्थानों पर शाम को तेज बारिश हुई।
थल, अस्कोट और डीडीहाट में भी बारिश हुई। लगातार तीन दिनों से मौसम खराब होने से उच्च हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी हो रही है। रविवार को भी मुनस्यारी और धारचूला की ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ।
उधर, बागेश्वर जिले में रविवार दोपहर बाद जिला मुख्यालय पर करीब आधे घंटे तक ओलावृष्टि के साथ झमाझम बारिश हुई। कपकोट और दुगनाकुरी तहसील क्षेत्र में 22 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
राजधानी व आसपास के इलाकों में तेज अंधड़
राजधानी दून व आसपास के इलाकों में रविवार को शाम तेज हवाओं के साथ आसमान में बादल उमड़ने से मौसम सुहाना हो गया। मौसम के अचानक बदले मिजाज से पारे में कमी आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं, मौसम विज्ञानियों का कहना है कि सोमवार को आसमान में बादल छाए रहेंगे, जिससे तापमान में कमी आ सकती है।
वैसे तो रविवार को राजधानी व आसपास के इलाकों में दिनभर चटक धूप रही। इसके चलते दिन भर जबरदस्त गर्मी रही और लोग दिन भर गर्मी से परेशान रहे। लेकिन, शाम पांच बजे के करीब मसूरी समेत पर्वतीय इलाकों में घने काले बादल उमड़ने के साथ ही राजधानी दून में भी तेज हवाएं चलीं। इससे मौसम खुशगवार हो गया। मौसम के इस अचानक बदले मिजाज से एकबारगी लगा कि राजधानी दून व आसपास के इलाकों में एक बार फिर जोरदार बारिश होगी। लेकिन, देखते ही देखते न सिर्फ तेज हवाएं रुक गईं, वरन बादल भी आसमान से अचानक गायब हो गए। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि सोमवार को राजधानी दूर में आसपास के इलाकों में आसमान में बादल छाए रहेंगे।
तेज हवाओं के चलते कई इलाकों में गुल हुई बिजली
राजधानी में मौसम के अचानक बदले मिजाज और तेज हवाओं के चलते वसंत विहार, पटेल नगर, क्लेमेंटटाउन, कैंट एरिया, घंटाघर, जाखन समेत कई इलाकों में तार के जंफर टूट गए। जिसके चलते कुछ देर के लिए बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। हालांकि, जैसे ही तेज हवाओं का दौर थमा तो बिजली विभाग के अधिकारियों की अगुवाई में कर्मचारियों ने तत्काल टूटे हुए जंपर को दुरुस्त कर बिजली आपूर्ति बहाल की। वैसे भी कोरोना संकट के मद्देनजर सरकार की ओर से यूपीसीएल अधिकारियों को इस बात की सख्त हिदायत दी गई है कि बिजली आपूर्ति किसी भी सूरत में बाधित न होने पाए।