नेपाल के दार्चुला में घरों में घुसा नहर का पानी, भूस्खलन से बाप बेटे की मौत, चार गंभीर
- पिथौरागढ़ जिले के बंगापानी तहसील के दाखिम गांव में भी घुसा मलबा, छह साल के बच्चे सहित चार लोग घायल
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नेपाल के दार्चुला जिले में नहर का पानी घुसने के बाद हुए भूस्खलन से दो लोगों की मौत हो गई है। घटना में पांच लोग घायल हो गए हैं। घायलों को नजदीक के अस्पताल में भर्ती किया गया है। इधर, पिथौरागढ़ जिले की बंगापानी तहसील के दाखिम गांव में मूसलाधार बारिश से भूस्खलन हो गया।
इससे गांव के ऊपरी हिस्से में मलबा घरों में घुस गया और इसकी चपेट में आकर छह साल के बच्चे सहित चार लोग घायल हो गए। गोठ में बंधे मवेशी भी चोटिल हुए हैं। नाचनी थाने और बंगापानी तहसील से दाखिम गांव पहुंची पुलिस और राजस्व टीमों ने ग्रामीणों के साथ रेस्क्यू अभियान चलाया। जिले में भारी बारिश से पौड़ी-घटकून, हिनकोट सड़क, सेलमाली-दाखिम, बांसबगड़-धामीगांव, मसूरी कांडा-होकरा की सड़कें बंद पड़ी हैं।
दार्चुला प्रहरी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार तड़के नौगाढ़ गांव पालिका चार के पास जलविद्युत परियोजना की दीवार टूट गई, जिससे नहर का पानी और मलबा पास के तीन घरों में घुस गया। मलबे में कई लोग दब गए।
सूचना मिलने के बाद सिप्टी प्रहरी चैकपोस्ट के एएसआई रामबहादुर बोहरा के नेतृत्व में पुलिस दल और क्षेत्र के लोग मौके पर पहुंचे। घटना में चंद्र सिंह महता(25) और चार वर्षीय बेटा सुशांत की मौत हो गई। घटना में मृतक की पत्नी चनमति महत और अन्य, नारंती महता, कमल महता, जयंती महता और अशोक महता घायल हो गए।
दार्चुला के डीएसपी पदम बहादुर बिस्टा ने बताया घायलों में चनमती की हालत गंभीर है। उसे गोकुलेश्वर अस्पताल में भर्ती किया गया है। जबकि अन्य चार लोगों का नजीदीक के अस्पताल में इलाज चल रहा है। इधर, पिथौरागढ़ के बंगापानी तहसील के कई इलाकों में रविवार रात मूसलाधार बारिश हुई। दाखिम गांव के कुरुवा तोक में जमीन दरकने से मलबा और पानी मकानों में घुस गया। इससे दो मकान टूट गए।
मलबे की चपेट में आने से रमोती देवी पत्नी हुकुम सिंह, भूपाल राम पुत्र पुष्कर राम, तारा देवी पत्नी भूपाल राम और लकी पुत्र भूपाल राम गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीण मंगल सिंह ने बंगापानी तहसील प्रशासन और नाचनी थाना पुलिस को सूचना देने के साथ स्वयं राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
सभी घायलों को मलबे से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। बाद में एसडीआरएफ और चिकित्सा टीम भी मौके पर पहुंची। प्राथमिक उपचार के बाद चारों घायलों को 108 से जिला अस्पताल पिथौरागढ़ पहुंचाया गया। मकान ध्वस्त होने से मलबे में दबे मवेशियों को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पत्थर और मलबे की चपेट में आने से 12 से अधिक मवेशियों को भी चोटें आई हैं।