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उत्तराखंड: थल-मुनस्यारी सड़क पर कार के ऊपर गिरा मलबा, बदरीनाथ हाईवे में एक घंटे तक फंसी रोडवेज की बस

Fri, 13 Aug 2021 07:03 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 13 Aug 2021 07:03 PM IST
सार

बदरीनाथ हाईवे जोशीमठ और पीपलकोटी के बीच टंगणी में भारी मलबा आने से अवरुद्ध हो गया है।

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Uttarakhand Weather Forecast: badrinath highway closed between Joshimath and pipalkoti, roadways bus stuck
बदरीनाथ हाईवे पर फंसी रोडवेज की बस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून सहित शुक्रवार को राज्य भर में बादल छाए हुए हैं और बारिश की प्रबल संभावना बन रही है। राजधानी देहरादून सहित कई इलाकों में शुक्रवार तड़के बारिश भी हुई। जिसके बाद दोहपर एक बजे फिर देहरादून में झमाझम बारिश शुरू हो गई। वहीं देहरादून-दिल्ली हाईवे भी मोहंड के पास चट्टान दरकने से करीब सवा घंटे बाधित रहा। मसूरी में सुबह कोहरा छाया रहा। यहां भी बारिश का मौसम बना हुआ है। हल्द्वानी में बारिश से कालाढुंगी रोड में  जलभराव हो गया।

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शुक्रवार को पिथौरागढ़ में थल-मुनस्यारी सड़क पर कार के ऊपर मलबा गिर गया। कार सवार सात यात्री बाल-बाल बचे। वहीं नाचनी थल-मुनस्यारी सड़क पर तेजम अब नया भूस्खलन जोन बन गया है। गुरुवार की रात 10 बजे यहां पर बिना बारिश के ही ऊपर से सड़क पर मलबा आने से यह सड़क 14 घंटे बंद रही। सड़क बंद होने इस पर दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। यात्रियों को रात सड़क पर ही बितानी पड़ी। 
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एक घंटे तक मलबे में फंसी रही रोडवेज की बस 
गोपेश्वर में शुक्रवार को बारिश के कारण बदरीनाथ हाईवे पर जोशीमठ और पीपलकोटी के बीच टंगणी में मलबा आने से रोडवेज की बस करीब एक घंटे तक फंसी रही। शुक्रवार सुबह सात बजे जोशीमठ से बस सवारियों को लेकर ऋषिकेश जा रही थी कि टंगणी में बारिश के दौरान बदरीनाथ हाईवे पर मलबा आने से बस यहां फंस गई।
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बाद में एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम) की जेसीबी से मलबा हटाया गया, जिसके बाद सुबह आठ बजे बस को मलबे से निकाला जा सका और बस गंतव्य को रवाना हुई। वहीं, मलारी हाईवे पर सुरांईथोटा में लगातार चट्टान से पत्थर छिटक रहे हैं। यहां खतरे के बीच वाहनों की आवाजाही हो रही है।

दिनभर हाईवे पर रुक-रुककर वाहनों की आवाजाही हुई। 15 अगस्त को जश्न ए आजादी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सेना, आईटीबीपी के जवानों के साथ ही कई ग्रामीण नीती घाटी पहुंच रहे हैं, लेकिन सुरांईथोटा में हाईवे के बार-बार बंद होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

शुक्रवार की सुबह यमुनोत्री हाईवे चौड़ीकरण के कारण खरादी-कुथनौर के बीच बंद हो गया। जिससे आवाजाही बाधित हो गई। हालांकि बाद में मार्ग खोल दिया गया। यहां अभी भी पहाड़ से मलबा और बोल्डर आने का खतरा बना हुआ है। उत्तरकाशी में बादल छाए हैं। यहां रुक-रुककर हल्की बूंदाबांदी हो रही है। गंगोत्री हाईवे पर यातायात सुचारू है।
 

भारी बारिश से उफनाया एनएच पर पांचवां मिल गदेरा 

कोटद्वार क्षेत्र में दो दिन से लगातार हो रही भारी बारिश से कोटद्वार-दुगड्डा के बीच नेशनल हाईवे पर पांचवां मिल गदेरा उफनाकर बहने लगा। जिससे शुक्रवार करीब एक घंटा यातायात बाधित रहा। एनएच ने गदेरे में आए बोल्डर और पत्थरों को हटाकर यातायात सुचारू कराया।

बारिश से कोटद्वार भाबर की सड़कों का भी बुरा हाल है। सड़कों पर पड़े गड्ढे लोगों की कमर तोड़ रहे हैं। एनएच खंड के अवर अभियंता अरविंद जोशी ने बताया कि विभाग की ओर से मौके पर जेसीबी मशीन खड़ी की गई है। लोगों से गदेरे के उफनाने के दौरान इसे पार न करने की अपील की जा रही है। 

उधर, कोटद्वार भाबर में मोटाढांक से लेकर किशनपुर-झंडीचौड़ और सिगड्डी तक सड़क का बुरा हाल है। भारी बारिश से सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। बरसात में पानी से भरे गड्ढे नजर न आने से लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। लोनिवि दुगड्डा के सहायक अभियंता सुदेश बिंजोला ने बताया कि बीते सप्ताह गड्ढों को भरवाया गया था, एक बार फिर से सड़क का निरीक्षण कर गड्ढों को भरवा दिया जाएगा। स्थायी मरम्मत बरसात के बाद की जाएगी। 

बारिश से बंद हुए चकराता के पांच संपर्क मार्ग
रोजाना हो रही बारिश के चलते देहरादून जिले के चकराता क्षेत्र में मोटर मार्गों का बंद होने का सिलसिला जारी है। गुरुवार को भी क्षेत्र के पांच मोटर मार्ग यातायात के लिए बंद हो गए। जिसके चलते लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।विगत रात हुई बारिश के बाद बागिया डाडू ग्रामीण मार्ग, पाटी ग्रामीण मार्ग, मागटी पोखरी ककनोई ग्रामीण मार्ग, बैराड़ ग्रामीण मार्ग, अणु चिल्हाड ग्रामीण मार्ग मलबा आने के कारण बंद हो गए।

जहां लोगों को कई किमी पैदल चल मुख्य मार्गों तक आना पड़ रहा है। वहीं लोगों की नकदी फसलें भी समय से मंडी नहीं पहुंच पा रही हैं। ग्रामीण मेहर सिह, भगत सिंह, कृष्ण दत्त, भोपाल दास, सब्बल सिंह आदि का कहना है कि इन दिनों गोभी, टमाटर, नाशपाती, सेब आदि फसल मंडी जा रही हैं, लेकिन बारिश के चलते रोजाना मार्ग बंद हो रहे हैं। जिससे इन्हें परेशानी हो रही है।

संपर्क करने पर अधिशासी अभियंता चकराता लोनिवि एम एस बेडवाल का कहना है कि सभी मार्गों को खोलने के निर्देश संबंधित अभियंताओं को दिए गए हैं।

दिनभर खुलता बंद होता रहा मलारी हाईवे 

भारत-चीन सीमा क्षेत्र को जोड़ने वाले जोशीमठ-मलारी हाईवे के सुरांईथोटा में खुलने और बंद होने का सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहा। यहां चट्टान से रुक-रुककर पत्थर और मलबा हाईवे पर आ रहा है, जिससे वाहनों की सुचारू आवाजाही में दिक्कतें आ रही हैं।

सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की जेसीबी के जरिए सुबह नौ बजे हाईवे से मलबा और बोल्डर हटाए गए, जिसके बाद सेना और स्थानीय वाहनों को गंतव्य तक भेजा गया। इसके बाद सुबह 10 बजे फिर से हाईवे बंद हो गया। यहां चट्टान से रुक-रुककर बोल्डर गिरने से वाहनों की आवाजाही बार-बार बाधित हो रही है।

बीआरओ के कमांडर मनीष कपिल ने बताया कि सुरांईथोटा में चट्टान से पत्थर व मलबा गिरने का सिलसिला जारी है। हाईवे सुचारू रखने की पूरी कोशिश की जा रही है। फिलहाल हाईवे सुचारू है। 

पैदल यात्रियों को हादसों से बचाने के लिए बनेगी विशेष योजना

प्रदेश में कई मार्ग ऐसे हैं, जहां अक्सर पैदल चलने वाले यात्रियों को सड़क हादसे में जान गंवानी पड़ रही है। परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने इसे गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग और लोक निर्माण विभाग को प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

परिवहन मंत्री आर्य ने 27 जुलाई को सड़क सुरक्षा समिति की बैठक ली थी। इस बैठक का कार्यवृत्त जारी हो गया है। इसमें परिवहन मंत्री ने कहा है कि अधिकतर हादसों के मामले में मजिस्ट्रियल जांच समय से पूरी नहीं हो पाती, जिससे पीड़ितों को राहत राशि भी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने इसमें समयबद्धता पर जोर दिया।

मंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि सभी सरकारी के साथ ही निजी एंबुलेंस को भी 108 सेवा से जोड़ा जाए। ताकि दुर्घटना होने पर जल्द से जल्द उपचार मिल सके। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए हैं कि वह सभी ब्लैक स्पॉट का चिन्हिकरण करने के बाद वहां बचाव के पुख्ता इंतजाम करें।

दुर्घटनाएं रोकने को कुल चिन्हित 2038 जंक्शनों पर सुधारीकरण का कार्य समय से पूरा करें। विभाग के सभी इंजीनियरों को समय से प्रशिक्षण प्रदान करें। जहां भी अवैध रूप से मीडियंस खोले गए हैं, उन्हें बंद किया जाए। रोड सेफ्टी ऑडिट भी समय से पूरा कराया जाए।

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