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31 अक्तूबर तक ही कर सकेंगे फूलों की घाटी का दीदार, अभी तक पहुंचे 6750 पर्यटक

Fri, 16 Oct 2020 05:29 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 16 Oct 2020 05:29 PM IST
सार

  • 31 अक्तूबर तक पर्यटक कर सकेंगे घाटी का दीदार

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Uttarakhand: valley of flowers Will open for tourist till 31st October
फूलों की घाटी - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

विश्व धरोहर फूलों की घाटी के दीदार 31 अक्तूबर तक हो सकेंगे। 31 अक्तूबर से घाटी सैलानियों के लिए बंद हो जाएगी। इस सीजन में अब तक घाटी में 6750 पर्यटक पहुंच चुके हैं। विभाग को इस साल अभी तक एक लाख तक का राजस्व प्राप्त हुआ है। घाटी बंद होने से पूर्व घाटी में सुरक्षा की दृष्टि से विभाग आठ ट्रैप कैमरे लगाएगा।

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फूलों की घाटी एक जून से खुल गई थी, लेकिन कोरोना के कारण पर्यटकों को यहां जाने की अनुमति एक अगस्त से मिली। शुरू में तो यहां बहुत कम पर्यटक पहुंचे, लेकिन जैसे ही सरकार ने लॉकडाउन में छूट दी तो पर्यटक यहां आने लगे।
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अब घाटी में बहुत कम फूल ही नजर आ रहे हैं। 31 अक्तूबर के बाद यहां किसी को जाने की अनुमति नहीं होगी। फूलों की घाटी के वन क्षेत्राधिकारी बृज मोहन भारती ने बताया कि घाटी में अब तक घाटी में 6750 पर्यटक पहुंच चुके हैं, जिसमें 11 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। 

ट्रेकिंग दल लौटा, शासन को भेजेगा रिपोर्ट

चौमासी-खाम बुग्याल-हथनी कुंड-भैकुंड-भैरव-केदारनाथ ट्रेकिंग पर गया 16 सदस्यीय दल सकुशल लौट आया है। दल का कहना है कि इस ट्रेक को यात्रा वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग कर कालीमठ क्षेत्र में पर्यटन व तीर्थाटन को गति मिलने के साथ स्थानीय को रोजगार मिल सकता है।

‘बेरोजगारों को भी रोजगार दो, चलो चौमासी से केदार’ अभियान के तहत बीते 11 अक्तूबर को केदारनाथ विधायक मनोज रावत और गढ़वाल आईजी अभिनव कुमार ने गुप्तकाशी से ट्रेक के लिए दल को रवाना किया था। तीन दिन की ट्रेकिंग के बाद यह दल बीते 14 अक्तूबर को लौट आया है। दल का मुख्य उद्देश्य ट्रेकिंग रूट को पर्यटन से जोड़कर स्थानीय युवाओं को रोजगार मुहैया कराना था।

विधायक मनोज रावत ने बताया कि ट्रेकिंग दल के प्रमुख ग्राम पंचायत चौमासी के ग्राम प्रधान द्वारा रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे शासन को भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि रुद्रप्रयाग जनपद में ट्रेकिंग, एडवेंचर के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। 

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