उत्तराखंड से इन्हें मिल सकती है मोदी मंत्रिमंडल में जगह
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मोदी मंत्रिमंडल के प्रस्तावित विस्तार में उत्तराखंड से दो मंत्री बनाए जा सकते हैं। भाजपा के कोर ग्रुप में पूर्व मुख्यमंत्री और नैनीताल के सांसद भगत सिंह कोश्यारी को कैबिनेट मंत्री और अल्मोड़ा के सांसद अजय टम्टा को राज्यमंत्री बनाए जाने को लेकर खासी चर्चा है।
तर्क यह है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में उत्तराखंड को प्रतिनिधित्व देकर राज्य में चुनाव से पहले भाजपा में उत्साह भरा जा सके। जानकार इसके पीछे कुमाऊं मंडल में भाजपा की ताकत बढ़ना और सीएम हरीश रावत के समकक्ष कोश्यारी को ठाकुर नेता के तौर पर खड़ा करने का भी प्रयास बता रहे हैं।
अल्मोड़ा से सांसद अजय टम्टा का भाग्य इस तर्क पर खुल सकने की बात कही जा रही है कि एक तो वे कुमाऊं से हैं और दलित नेता भी हैं।
सीएम रावत राज्य सभा में दलित नेता प्रदीप टम्टा को भिजवा भी चुके हैं, लिहाजा संतुलन के तौर पर अजय टम्टा को मौका मिल सकता है। एक बार पहले भी अजय टम्टा का नाम केंद्रीय मंत्रिमंडल में राज्य मंत्री शामिल करने के लिए लगभग फाइनल हुआ था।
यूपी और उत्तराखंड के सांसदों को दी जाएगी खास तरजीह
माना जा रहा है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल के भावी विस्तार में यूपी और उत्तराखंड के सांसदों को खास तरजीह दी जाएगी, क्योंकि दोनों राज्यों में विधानसभा का चुनाव होने वाला है। उत्तराखंड में हालिया राजनीतिक घटनाक्रम में भाजपा की फजीहत दर फजीहत के बाद केंद्रीय नेतृत्व की चिंता लाजिमी भी है।
हालत यहां तक पहुंच गए हैं कि अगला चुनाव संभवत: कांग्रेस बनाम भाजपा न होकर हरीश रावत बनाम भाजपा हो जाए। ऐसे में हरीश रावत के कद के बराबर किसी भाजपा नेता का जनाधार खड़ा करना जरूरी-सा हो गया है। यह तभी हो सकता है जबकि भाजपा कुमाऊं में सेंध लगा सके।
भाजपा ने कुमाऊं से अजय भट्ट को इसीलिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनाया था कि रावत के कद पर नकेल डाली जा सकेगी, मगर भाजपा के नेता ही कहते हैं कि यह प्रयास दिवास्वप्न साबित हुआ। अजय भट्ट अपनी प्रभावी मौजूदगी का अहसास नहीं करा सके। अब भाजपा कुमाऊंनी नेता कोश्यारी और टम्टा को केंद्रीय मंत्रिमंडल में लेकर इस कमजोरी की भरपाई करने की कोशिश करेगी।