तबादलों में 'जुगाड़बाजी' करने वालों कर कसेगा नकेल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड के दुर्गम में तबादला होने के बाद भी वहां जाने से कतराने और जुगाड़बाजी कर अपना ट्रांसफर रुकवाने की ‘प्रथा’ पर शासन के तेवर सख्त हो गए हैं।
शासन ने ऐसा ड्राफ्ट तैयार किया है जिसके लागू होने पर अधिकारियों और कर्मचारियों को जाना ही होगा। तबादले के बाद अपने मातहतों को रिलीव करने से रोकने वाले अफसरों पर भी गाज गिराने की तैयारी है।
कार्रवाई की जद में अब जिलाधिकारियों को भी लाया गया है। बृहस्पतिवार को शासन ने पांच डिप्टी कलक्टरों व पीडब्ल्यूडी के तीन दर्जन से ज्यादा अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई के बाद सख्ती के संकेत साफ संकेत दिए थे।
इस बाबत प्रमुख सचिव कार्मिक सुखबीर सिंह संधू ने बताया कि सीएम के निर्देश पर स्थानांतरण के प्रावधानों को और विस्तृत किया गया है।
नपेंगे तबादलों से दूसरों को बचाने वाले
शासन अब तबादलों को लेकर सख्त नजर आ रहा है। इस बाबत शासन ने एक वृहद नीति का ड्राफ्ट तैयार किया है।
इसके अनुसार अब दुर्गम की राह पकड़ने और पहाड़ चढ़ने से कतराने वाले अफसरों और कर्मचारियों को कड़ाई से तैनाती की जगह पर भेजा जाएगा।
अपने मातहतों को उन्हें रिलीव न करने वाले अफसरों की गर्दन भी नापने की तैयारी है। उल्लेखनीय है कि बृहस्पतिवार को शासन ने पांच डिप्टी कलक्टरों व पीडब्ल्यूडी के तीन दर्जन से ज्यादा अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई के बाद सख्ती के संकेत दिए थे।
प्रमुख सचिव कार्मिक सुखबीर सिंह संधू ने बताया कि सीएम के निर्देश पर स्थानांतरण के प्रावधानों को और विस्तृत किया गया है।
स्थानांतरण के प्रावधानों में विस्तार
आदेश के बाद अपने कनिष्ठ को तत्काल रिलीव नहीं करने पर संबंधित डीएम के खिलाफ होगी विभागीय कार्रवाई। रिलीव नहीं होने के लिए सिफारिश करने या रिलीव होकर नवीन तैनाती स्थल पर तत्काल ज्वाइन नहीं करने वाले अफसर के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई।
जिला कोषाधिकारी को निर्देश होंगे कि ट्रांसफर आर्डर मिलने के बाद वेतन निर्गत ना करे तबादला आदेश का समय, कार्यमुक्त और नई जगह ज्वाइनिंग देने का विवरण सर्विस रिकॉर्ड में शामिल होगा ताकि प्रमोशन के समय इसे देखा जा सके।
हर तीसरा अफसर तबादला रुकवाने का जुगाड़ करने लगता है। प्रावधान इसीलिए कड़े किए गए है। अब यदि किसी ने ऐसा किया तो विभागीय कार्रवाई झेलनी होगी।
- सुखबीर सिंह संधू, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री