ढाई जिले का राज्य बन गया है उत्तराखंड: हरीश
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अधिवेशन में सीएम हरीश रावत ने प्रदेश की माली हालत पर गंभीर चिंता जताई। बोले, अगर चारधाम यात्रा में 50 फीसदी यात्री वापस नहीं लाते तो विकास कार्यों की ‘डोज’ आजीविका को देनी पड़ेगी। इससे लोगों की आमदनी जुड़ी है।
सीएम ने कहा कि उत्तराखंड को ढाई जिले का राज्य बना दिया है। लोग दून, हरिद्वार और थोड़ा ऊधमसिंह नगर छोड़कर कहीं जाना ही नहीं चाहते।
नगर निगम सभागार में अधिवेशन के दौरान मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि जिस दिन बर्फबारी होती है, उस रात सो नहीं पाता हूं। सीएम बोले कि बर्फबारी में कुछ गड़बड़ हो जाए तो 40 साल की राजनीति पल भर में दफन हो जाएगी। सभी लोग राज्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें।
'एनडी के सिवा सभी राज्य बनने के चलते बने CM'
एनडी को छोड़कर जो भी मुख्यमंत्री हुए हैं, सब राज्य बनने की बदौलत ही हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज परिवहन निगम बंद होने की कगार पर है। इसे बचाने के लिए अधिक व्यावसायिक करने की कोशिश की जा रही है। शिक्षक पहाड़ पर जाते नहीं हैं, लिहाजा गेस्ट टीचर की भर्ती करनी पड़ रही है।
बोले, सीएम बन रहा था तो सबने रोका
हरीश रावत ने बताया कि आपदा के बाद जब मुख्यमंत्री की बात चल रही थी तो पार्टी के वरिष्ठ जनों ने मना किया था कि ऐसे वक्त में कहां जा रहे हो? हमें देश-विदेश के लोगों के जेहन से आपदा के चिन्हों को मिटाना है।
सीएम ने कहा, पहली बार वित्त आयोग ने उत्तराखंड को कुछ नहीं दिया। प्रधानमंत्री कम्प्टेटिव फेडरलिज्म की बात कर रहे हैं यानी ‘खुद कमाओ और खाओ, हरिभजन गाओ।’ उंगली पकड़कर किसी खड़ा करने की अब बात नहीं है।