{"_id":"5ef4e4b38ebc3e433f0b4605","slug":"uttarakhand-state-minister-rekha-arya-caught-money-fraud-in-medicine-purchase-for-veterinary-department","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड: राज्य मंत्री रेखा आर्य ने पशुपालन विभाग में दवा खरीद में लाखों का गोलमाल पकड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड: राज्य मंत्री रेखा आर्य ने पशुपालन विभाग में दवा खरीद में लाखों का गोलमाल पकड़ा
Thu, 25 Jun 2020 11:24 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 25 Jun 2020 11:24 PM IST
सार
- विभागीय मंत्री रेखा आर्य ने औचक निरीक्षण में पकड़ीं वित्तीय अनियमितताएं
- केंद्रीय भंडारण गृह से वितरण और स्टॉक रजिस्टर समेत अन्य दस्तावेज किए सील
- अनियमितता में संलिप्त अधिकारी के खिलाफ दर्ज होगी एफआईआर : रेखा आर्य
विज्ञापन
राज्यमंत्री रेखा आर्य
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड पशुपालन विभाग में दवा खरीद में लाखों का गोलमाल हुआ है। विभागीय मंत्री रेखा आर्य ने हरिद्वार और टिहरी जिले के केंद्रीय भंडारण गृह का औचक निरीक्षण कर दवा खरीद में हुई वित्तीय अनियमितता पकड़ी है। दवा फर्मों को विभाग ने एडवांस में भुगतान कर दिया है और स्टॉक में दवा नहीं है। रजिस्टर में बिल और फर्म का नाम अंकित है, लेकिन दवाईयों की सप्लाई कब हुई और कहां वितरित की गईं, इसका कोई उल्लेख नहीं है।
विज्ञापन
पशुपालन मंत्री रेखा आर्य ने गत बुधवार को हरिद्वार जिले के बहादराबाद, हरिद्वार और सदर क्षेत्र में विभागीय भंडारण गृह और पशु चिकित्सालयों का निरीक्षण किया। जिसमें दवा खरीदी में बड़ी अनियमितता मिली है। बृहस्पतिवार को मंत्री ने बिना प्रोटोकॉल के टिहरी जिले के मुनि की रेती स्थित भंडारण गृह का निरीक्षण किया।
विज्ञापन
वहां भी दवा खरीद में गड़बड़ी पाई गई। कंपनियों को एडवांस में भुगतान किया गया, लेकिन दवाईयों को कोई पता नहीं है। स्टॉक रजिस्टर में न तो दवाईयों की सप्लाई मिलने की तारीख है और न ही वितरण की। मंत्री रेखा आर्य ने सभी दस्तावेजों को जांच के लिए सील करवा दिया है।
विज्ञापन
केंद्रीय भंडारण गृह का निरीक्षण करने पर दवा खरीद में भारी वित्तीय अनियमितता मिली है। दवाईयां आई नहीं और विभाग ने फर्मों को पहले ही भुगतान कर दिया। सरकारी खरीद में इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं है कि पहले पैसे दो फिर दवाई लो। दवाईयों की गुणवत्ता पर कोई नियंत्रण नहीं है। जांच में जिस भी अधिकारी की संलिप्तता पाई जाएगी, उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। सरकार के एक रुपये का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
-रेखा आर्य, पशुपालन मंत्री