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Uttarakhand: 20 किलोमीटर बर्फ में पैदल चलकर पोस्टों तक पहुंच रहे हिमवीर, सीमा की निगहबानी के लिए आईटीबीपी ने संभाला है मोर्चा
Fri, 04 Mar 2022 11:34 PM IST
रेनू सकलानी
संवाद न्यूज एजेंसी, धारचूला/पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, धारचूला/पिथौरागढ़
Published by: रेनू सकलानी
Updated Fri, 04 Mar 2022 11:34 PM IST
सार
दारमा घाटी को जोड़ने वाली सड़क पर बर्फबारी के कारण विशाल ग्लेशियर बने हुए हैं। नालों में जमे इन ग्लेशियरों के कारण वाहनों का संचालन बंद है। ऐसे में हिमवीरों को पोस्टों तक पैदल ही जाना पड़ रहा है।
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बर्फ में चलते जवान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दारमा घाटी को जोड़ने वाली सड़क पर जगह-जगह विशाल ग्लेशियर बन गए हैं। इसके चलते सीमा की सुरक्षा के लिए तैनात आईटीबीपी के हिमवीरों को भारत-चीन सीमा पर स्थित चौकियों तक पहुंचने के लिए 15 से 20 किलोमीटर बर्फ में पैदल चलना पड़ रहा है।
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पिथौरागढ़ एक ओर चीन तो दूसरी ओर नेपाल से लगा हुआ है। नेपाल सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के पास है, जबकि चीन सीमा पर भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान तैनात हैं। हालांकि, चीन से तनातनी के बाद सेना भी अग्रिम चौकियों में तैनात की गई है।
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दारमा घाटी को जोड़ने वाली सड़क पर बर्फबारी के कारण बने हुए विशाल ग्लेशियर
धारचूला के व्यास और दारमा क्षेत्र में पिछले तीन माह से बर्फबारी हो रही है। यहां दो फुट से लेकर आठ फुट तक बर्फ गिरती है। बर्फबारी से कई चौकियां ढक जाती हैं। रात में इस क्षेत्र का तापमान माइनस 20 से 30 डिग्री सेल्सियस रहता है। बावजूद इसके हिमवीर सीमा की निगहबानी में डटे हुए हैं।
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बर्फबारी के कारण मार्च-अप्रैल से पहले इन चौकियों तक पहुंचना भी आसान नहीं होता है। दारमा घाटी को जोड़ने वाली सड़क पर बर्फबारी के कारण विशाल ग्लेशियर बने हुए हैं। नालों में जमे इन ग्लेशियरों के कारण वाहनों का संचालन बंद है। ऐसे में हिमवीरों को पोस्टों तक पैदल ही जाना पड़ रहा है।
यूनिट से जो जवान अग्रिम चौकियों या पोस्टों में जा रहे हैं, वे धारचूला से सोबला और वहां से उर्थिंग तक वाहनों से आवाजाही कर रहे हैं। फिर आगे का सफर उन्हें पैदल तय करना पड़ रहा है। आईटीबीपी के जवान उर्थिंग से लगभग 20 किलोमीटर पैदल चलकर चौकियों तक पहुंच पा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार सेला और नागलिंग सहित पूरे क्षेत्र में अब भी दो फुट से अधिक बर्फ जमी है।
ग्लेशियर खिसकने से बार-बार बंद हो रही कैलास मानसरोवर सड़क
व्यास घाटी से होकर जाने वाली घट्टाबगड़-लिपूलेख सड़क (कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग) पर गुंजी से ऊपर बर्फ जमी है। मौसम साफ होने पर बीआरओ सड़क के चौड़ीकरण का काम भी कर रहा है। छियालेख से लिपुलेख के बीच कई स्थानों पर नालों में ग्लेशियर खिसकने से बीआरओ को बार-बार सड़क खोलनी पड़ रही है।
इस समय व्यास घाटी के गांवों के लोगों के प्रवास पर होने से इस रूट में केवल बीआरओ और सुरक्षा एजेंसियों के वाहन ही चलते हैं। बीआरओ से मिली जानकारी के अनुसार ग्लेशियरों के कारण बंद हुई सड़क को खोला जा रहा है। छियालेख से ऊपर इस समय बार-बार हिमपात हो रहा है। मौसम सामान्य होने पर सड़क चौड़ीकरण का काम भी जारी रखा गया है।