फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand Silver Jubilee Ninad Festival CM Dhami announced for pension for old and unwell artists

उत्तराखंड रजत जयंती: निनाद महोत्सव में सीएम धामी की घोषणा, वृद्ध व अस्वस्थ कलाकारों को अब छह हजार पेंशन

Fri, 07 Nov 2025 10:52 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 07 Nov 2025 10:52 PM IST
सार

मुख्यमंत्री ने वृद्ध और आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों व लेखकों की मासिक पेंशन में तीन हजार रुपये की वृद्धि की।

विज्ञापन
Uttarakhand Silver Jubilee Ninad Festival CM Dhami announced for  pension for old and unwell artists
निनाद महोत्सव में सीएम धामी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

प्रदेश में एक राज्य स्तरीय और दो मंडल स्तरीय संग्रहालय का निर्माण होगा। इसके अलावा हर जिले में सभागार बनाया जाएगा तो वहीं अब वृद्ध व अस्वस्थ कलाकारों को मासिक पेंशन तीन हजार से बढ़कर छह हजार रुपये तक मिलेगी। इसके अलावा संस्कृति विभाग में सूचीबद्ध सांस्कृतिक कलाकारों को मानदेय अब नॉर्थ जोन कल्चरल सेंटर की तर्ज पर दिया जाएगा। शुक्रवार को देहरादून में आयोजित निनाद महोत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसकी घोषणा की।

विज्ञापन


निंबूवाला में आयोजित निनाद महोत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कलाकारों के हित में चार घोषणाएं की। उन्होंने वृद्ध और आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों व लेखकों की मासिक पेंशन में तीन हजार रुपये की वृद्धि की। इसके अलावा संस्कृति विभाग के अंतर्गत सूचीबद्ध सांस्कृतिक दलों के कलाकारों का मानदेय और अन्य व्यवस्थाएं भारत सरकार के उपक्रम नॉर्थ जोन कल्चरल सेंटर की तर्ज पर दिए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हर जिले में एक प्रेक्षागृह का निर्माण कराया जाएगा।
विज्ञापन


उत्तराखंड रजत जंयती उत्सव: सीएम धामी ने एफआरआई पहुंचकर लिया तैयारियों का जायजा, नौ को पहुंचेंगे पीएम मोदी
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके साथ ही सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण व प्रदर्शन के लिए प्रदेश में एक राज्य स्तरीय संग्रहालय और कुमाऊं व गढ़वाल मंडल में एक-एक मंडल स्तरीय संग्रहालय का निर्माण होगा। वहीं, कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सांस्कृतिक संगम इस बात का भी प्रमाण है कि भौगोलिक सीमाएं हमें बांट नहीं सकती, हम सब एक साझा विरासत और एक साझा हिमालय की चेतना से जुड़े हुए हैं। राज्य आंदोलनकारियों की स्मृति हमें याद दिलाती है कि यह राज्य हमें कितनी कठिनाइयों, बलिदानों और जनसमर्पण के बाद मिला है। उनकी यादों को संजोना और नई पीढ़ी को उस संघर्ष की प्रेरणा देना हम सबका कर्तव्य बनता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed