फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand roads reconstruction work pending in the state read All Updates in hindi

Uttarakhand News: प्रदेश में लटका सड़कों के पुनर्निर्माण का काम, दूसरे चरण की नहीं मिल रही वित्तीय मंजूरी

Mon, 01 Sep 2025 02:44 PM IST
रेनू सकलानी बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 01 Sep 2025 02:44 PM IST
सार

सड़कों के लिए दूसरे चरण की वित्तीय मंजूरी नहीं मिलने से प्रदेश में सड़कों के पुनर्निर्माण का काम लटक गया है। प्रमुख अभियंता के मुताबिक पुर्निर्माण के लिए विभाग के पास सीमित बजट हैं।

विज्ञापन
Uttarakhand roads reconstruction work pending in the state read All Updates in hindi
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : प्रतीकात्मक

विस्तार

प्रदेश के पांच किलोमीटर से अधिक की लंबाई की सड़कों को दूसरे चरण के पुनर्निर्माण की अनुमति नहीं मिल रही है। इससे सैकड़ों सड़कों का काम लटका हुआ है। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता राजेश शर्मा के मुताबिक विभाग के पास सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए सीमित बजट है। यही वजह है कि मार्गों के पुनर्निर्माण के लिए दूसरे चरण की मंजूरी नहीं दी जा रही है।

विज्ञापन

प्रदेश में पहले ही आपदा की मार झेल रहे कई सड़क मार्ग खस्ताहाल हैं। सड़कों में जगह-जगह न सिर्फ मलबा आया हुआ है, बल्कि कुछ स्थानों पर भूधंसाव भी हुआ है। बरसात में सड़कों पर बने गड्ढे भी हादसों की वजह बने हुए हैं। ऐसे में राज्य में पांच किलोमीटर से अधिक की सड़कों का न तो डामरीकरण और न ही पुनर्निर्माण हो पा रहा है। सल्ट से विधायक महेश जीना के मुताबिक सैकड़ों सड़कों का नवीनीकरण एवं पुनर्निर्माण नहीं हो पा रहा है। पांच किलोमीटर सड़क डामरीकरण होता है, तो उससे आगे की सड़क खराब हो जाती है। उन्होंने कहा, सड़क का काम एक बार में होना चाहिए।

विज्ञापन

लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राज्य के सीमित वित्तीय संसाधनों को देखते हुए पांच किलोमीटर से अधिक के मोटर मार्गों को दूसरे चरण की स्वीकृति के लिए प्रस्तावित न करने की व्यवस्था है। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता राजेश शर्मा ने बताया कि विभाग के पास सीमित बजट है। यदि किसी एक सड़क पर अधिक बजट लगा दिया जाएगा तो अन्य सड़कों पर काम कैसे होगा। यही वजह है कि सड़कों के नवीनीकरण एवं पुनर्निर्माण के लिए शासन की ओर से पांच किलोमीटर का मानक तय किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

ये भी पढ़ें...Uttarakhand: देश के टॉप 10 असुरक्षित शहरों में देहरादून भी शामिल, महिला सुरक्षा पर आयोग की रिपोर्ट चिंताजनक

दूधली-मोथरोवाला मार्ग भी बदहाल

दूधली क्षेत्र के कई गांवों को देहरादून शहर से जोड़ने वाला दूधली-मोथरोवाला मार्ग भी बदहाल है। मार्ग में नौंका और फायरिंग रेंज के पास बने गड्ढों से हादसों का खतरा बना है। स्थानीय लोगों के मुताबिक ऋषिकेश, हरिद्वार से देहरादून के लिए यह वैकल्पिक मार्ग है, लेकिन वर्षों से विभाग ने इस मार्ग की सुध नहीं ली।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed