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चारधाम समेत 36 गांवों में सड़क निर्माण में अड़चन खत्म

Sat, 05 May 2018 10:54 AM IST
विजेंद्र श्रीवास्तव, अमर उजाला, देहरादून
विजेंद्र श्रीवास्तव, अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 05 May 2018 10:54 AM IST
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uttarakhand road construction problem resolve
चार धाम यात्रा मार्ग - फोटो : file photo

उत्तरकाशी जिले में चारधाम मार्ग समेत 36 सड़क विहीन गांवों में मार्ग निर्माण की अड़चन दूर हो गई है। केंद्र सरकार ने भागीरथी इको सेंसिटिव जोन के नियमों को शिथिल करने संबंधित संशोधित अधिसूचना (ड्राफ्ट नोटिफिकेशन) जारी कर दी है। नियमों के शिथिल होेने से आसानी से घर, होटल भी बन सकेंगे। 

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2012 में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने गोमुख से उत्तरकाशी तक भागीरथी नदी के लगभग 100 किमी फैलाव वाले क्षेत्र को इको सेंसिटिव जोन घोषित कर दिया था। इसके बाद से पूरे इलाके में निर्माण संबंधी नियम सख्त हो गए थे। अब करीब छह साल बाद पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने संशोधित अधिसूचना जारी कर लोगों को राहत देने का संकेत दे दिया है। फाइनल नोटिफिकेशन संबंधी औपचारिकता पूरी होने के बाद इलाके में विकास का पूरी तरह रास्ता खुल जाएगा। 
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राज्य सरकार से लेनी होगी अनुमति
आने वाले समय में किसी व्यक्ति को कृषि भूमि को अकृषि उपयोग में बदलना (घर आदि निर्माण कार्य करने के लिए) है, तो उसके लिए वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, दिल्ली से अनुमति नहीं लेनी होगी। अब आवेदक को राज्य सरकार के पास आवेदन करना होगा। इससे लोगों को स्थानीय स्तर पर ही निर्माण संबंधी अनुमति मिल सकेगी। इससे काफी सहूलियत हो जाएगी।
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सड़क बनाने का रास्ता साफ
इको सेंसिटिव जोन बनने से सबसे ज्यादा समस्या सड़क निर्माण को लेकर आ रही थी। अब सड़क की लंबाई, चौड़ाई बढ़ाने तक के लिए सशर्त अनुमति मिल गई है। इससे उत्तरकाशी जिले में चारधाम मार्ग का काम हो सकेगा। सड़क चौड़ी होने से सीमा पर बोफोर्स तोप भी आसानी से पहुंच सकेगी। इसके अलावा उत्तरकाशी जिले में 36 ऐसे गांव है, जो आज तक सड़क से नहीं जुड़े हैं। अब इन गांवों तक सड़क पहुंच सकेगी। संशोधित अधिसूचना में लोकहित और राष्ट्रीय सुरक्षा, नागरिक सुविधाओं के मद्देनजर हरित क्षेत्रों में भी काम करने की अनुमति कड़ी शर्तों साथ दी गई है। इसके लिए राज्य सरकार को पहले पर्यावरणीय प्रभावों का अध्ययन कराना होगा। इसके अलावा पहाड़ की ढाल संबंधी नियमों में भी राहत प्रदान की गई है।

पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा 
अब क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकेगा। रिसोर्ट और दूसरे कामर्शियल भवन का निर्माण ग्रामसभा के परामर्श के बाद हो सकेगा। इसके अलावा राज्य स्तर पर स्टेट इनावयरमेंट इंपेक्ट एस्समेंट अथारिटी से भी अनुमति लेनी होगी।


बुनियादी सुविधाओं की भी बढ़ोतरी
आपदा पुनर्निर्माण, लिफ्ट सिंचाई, स्कूल, विद्युत उपकेंद्रों, अस्पतालों से लेकर सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण निर्माण हो सकेंगे। यह कार्य भी स्टेट इनावयरमेंट इंपेक्ट एस्समेंट अथारिटी से भी अनुमति के बाद होंगे। इसके साथ ही भूजल उपयोग की भी सशर्त अनुमति प्रदान की गई है।

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