देहरादूनः यूपीसीएल ने निजी कंपनी को सौंपा शहरी डिवीजन का दायित्व
- नए कनेक्शन, मीटर बदलने, लोड घटाने या बढ़ाने आदि कार्य करेगी मोवेनियर प्राइवेट लिमिटेड
- फिलहाल शहरी डिवीजन का दिया गया है दायित्व
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उत्तराखंड पॉवर कारपोरेशन (यूपीसीएल) तेजी से निजीकरण की तरफ बढ़ रहा है। बिजलीघरों, मीटर रीडिंग का कार्य निजी हाथों में सौंपने के बाद अब यूपीसीएल ने नए कनेक्शन लेने, मीटर बदलने, लोड कम करने या अधिक करने सहित अन्य कार्यों को भी निजी कंपनी के हाथों में सौंप दिया है।
फिलहाल इसकी शुुरुआत राजधानी के शहरी डिवीजन में किया गया है। इसके बाद अन्य डिविजनों में यह कार्य निजी हाथों में सौंपने पर यूपीसीएल विचार कर रहा है। दरअसल, ऊर्जा निगम में लंबे समय से फील्ड कर्मचारियों की कमी है। लंबे समय से भर्ती न होने के कारण यह कमी लगातार बढ़ती जा रही है। हालांकि निगम में बड़ी संख्या में उपनल, सेल्फ हेल्प ग्रुप और पीआरडी के माध्यम से लगभग 3792 कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
बावजूद इसके भी निगम में कर्मचारियों का टोटा है। इसी कमी के चलते निगम ने पहले अपनी बिजलीघरों को निजी हाथों में सौंपा। इसके बाद मीटर रीडिंग सहित कई कार्य निजी हाथों में सौंप दिया।
अन्य डिविजनों में भी यह कार्य निजी हाथों में सौंपेगा यूपीसीएल
इन सबके बाद अब यूपीसीएल ने उपभोक्ताओं से संबंधित कार्य जिसमें नए कनेक्शन जारी, करना, बिल जमा करना, लोड बढ़ाना, घटाना, कनेक्शन चेंज करना, बिलिंग के सभी कार्य निजी हाथों में सौंपने की पूरी तैयारी कर ली है। शहरी डिवीजन का दायित्व दिल्ली की कंपनी मोवेनियर प्राइवेट लिमिटेड को काम सौंपा गया है। इसके बाद यूपीसीएल अन्य डिविजनों में भी यह कार्य निजी हाथों में सौंपेगा।
निगम में कर्मचारियों की कमी है। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए नए कनेक्शन जारी करने, लोड बढ़ाने, घटाने, नाम परिवर्तन करने सहित अन्य कार्य निजी कंपनी को सौंपी गई है। उनके कार्यों का यूपीसीलए मॉनिटरिंग करेगा। धीरे-धीरे इसक ा विस्तार किया जाएगा।
- शैलेंद्र सिंह, एसई, दून डिविजन
ऊर्जा निगम को पर्याप्त मात्रा में कर्मचारी हैं। यूपीसीएल को निजी हाथों में सौंपने की साजिश रची जा रही है। एसोसिएशन निजीकरण का विरोध करेगा और इसके खिलाफ आंदोलन करेगा।
- राकेश शर्मा, अध्यक्ष, ऊर्जा कामगार संगठन