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उत्तराखंड: 740 फैक्ट्रियों को PCB का नोटिस, 30 दिन में जवाब न देने पर सील होंगी फैक्ट्रियां

Sat, 15 Sep 2018 09:20 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 15 Sep 2018 09:20 AM IST
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Uttarakhand Pollution Control Board Notice to 740 factories
factory - फोटो : demo pics

उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से बिना अनुमति या लाइसेंस का नवीनीकरण कराए बगैर संचालित 740 फैक्ट्रियों को नोटिस जारी कर दिया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धि ने बताया कि फैक्ट्री संचालकों को नोटिस का जवाब देने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। यदि इस अवधि में जवाब नहीं दिया गया तो फैक्ट्रियों के सील करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। 

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उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव एसपी सुबुद्धि ने बताया कि जिन फैक्ट्री संचालकाें को नोटिस जारी किया गया है, उनमें 60 ऊधमसिंहनगर के काशीपुर और 680 हरिद्वार के सिडकुल रोशनाबाद, सिडकुल भगवानपुर व सिडकुल लक्सर की फैक्ट्रियां हैं। इनमें से अधिकतर ऐसी है जिनका प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में पंजीकरण ही नहीं कराया गया है।
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कुछ ने पंजीकरण तो कराया है लेकिन लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराया है। प्रावधानों के तहत पहले तो इनका हर साल नवीनीकरण कराना होता था लेकिन अब इसे पांच और दस साल बाद कराना है।

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सीपीसीबी की टीम भी कर रही जांच

Uttarakhand Pollution Control Board Notice to 740 factories
Notice

इसके बावजूद फैक्ट्री संचालक पंजीकरण नहीं करा रहे हैं। सुबुद्धि ने बताया कि हरिद्वार में ऐसी 801 फैक्ट्रियां चिन्हित की गई थी लेकिन इसमें 121 फैक्ट्री संचालकों ने पंजीकरण कराने के साथ ही लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी। ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। बता दें कि पहले भी बड़े पैमाने पर फैक्ट्री संचालकों पर कार्रवाई की गई थी।
 
सीपीसीबी की टीम भी कर रही जांच
उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट के आदेश पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की टीम हरिद्वार समेत राज्य के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित फैक्ट्रियों व कंपनियों की जांच कर रही है। टीम को सीलबंद लिफाफे में हाईकोर्ट को रिपोर्ट सौंपनी है।

ऐसे में यदि सीपीसीबी की टीम ने सही तरीके से फैक्ट्रियाें की जांच कर दी तो सैकड़ाें फैक्ट्रियों पर ताले लग सकते हैं। बताया गया है कि अधिकतर फैक्ट्रियां प्रदूषण नियंत्रण के नियमों के तहत संचालित ही नहीं की जा रही हैं।

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