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एक्सक्लूसिव: राजधानी से गायब हुआ उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय

Sun, 05 Feb 2017 10:57 AM IST
अनिल चन्दोला/ अमर उजाला, देहरादून
अनिल चन्दोला/ अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 05 Feb 2017 10:57 AM IST
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uttarakhand police head quarter missing from dehradun zonal plan.
उत्तराखंड पुल‌िस मुख्यालय

देहरादून से पुलिस मुख्यालय, गांधी शताब्दी नेत्र चिकित्सालय, शहर कोतवाली समेत तमाम महत्वपूर्ण कार्यालय और स्थान गायब हो गए हैं। नगर नियोजन विभाग के जोनल प्लान को देखकर तो यही लगता है।

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प्लान में से शहर के तमाम इलाके गायब हैं जबकि कई अन्य का लैंड यूज एकदम गलत दिखाया गया है। उत्तराखंड इंजीनियर्स एंड ड्राफ्ट्समैन वेलफेयर एसोसिएशन ने प्लान की पड़ताल के बाद ऐसी 200 से ज्यादा खामियां पकड़ी हैं।
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मास्टर प्लान के आधार पर तैयार जोनल प्लान में पुलिस मुख्यालय गायब है। सेंट जोजेफ्स स्कूल के बाद सीधे सचिवालय दिखाया गया है। जबकि इस बीच पुलिस मुख्यालय के साथ ही नीति आयोग का भवन भी है। वहीं शहर कोतवाली, चकराता रोड स्थित एलआईसी कार्यालय, तिलक रोड स्थित डीएफओ दफ्तर व कालोनी, पलटन बाजार व धामावाला स्थित मस्जिद, एमकेपी कॉलेज का एक हिस्सा, कांवली रोड स्थित एमडीडीए कालोनी को कॉमर्शियल दिखाया है।

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फॉरेस्ट एरिया को बता दिया आवासीय

uttarakhand police head quarter missing from dehradun zonal plan.

दूसरी ओर, ईसी रोड स्थित विद्युत कार्यालय को आवासीय दिखाया गया है। जाखन-जोहड़ी रोड स्थित फॉरेस्ट एरिया को आवासीय दर्शाया गया है। वहीं ओल्ड मसूरी रोड के एक बड़े फॉरेस्ट हिस्से को कृषि दिखाया गया है।

राजपुर स्थित एमडीडीए पार्क से नदी के बीच के जंगल को आवासीय दिखाया है। धौरण खास स्थित बीमा विहार कॉलोनी के ज्यादातर हिस्से सार्वजनिक संपत्ति दर्शाया है। आईटी पार्क को पूरा आईटी दिखा दिया जबकि इसके बड़े हिस्से में ग्रुप हाउसिंग व स्कूल के प्रोजेक्ट चल रहे हैं।

रायपुर कैंट एरिया के बाद पुराने बस अड्डे के हिस्से को कैंट में दर्शाया है। बालावाला, नकरौंदा, नथुवावाला क्षेत्र में बड़ी संख्या में आवासीय कॉलोनियां बन चुकी है जबकि प्लान में इसे कृषि क्षेत्र दर्शाया गया है। रायपुर रिंग रोड स्थित सरकारी कार्यालयों को गायब कर उनकी जगह आवास दिखाए गए हैं। 

आवास-विकास क्षेत्र भी शामिल
जोनल प्लान में आवास विकास के क्षेत्र भी लिए गए हैं, जबकि यह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। वहां निर्माण की अनुमति फिलहाल किसी विभाग के पास नहीं है। ऐसे में बिना अधिग्रहण के उसका जोनल प्लान तैयार नहीं किए जा सकता है। 

प्लान से गायब हैं ज्यादातर स्कूल

uttarakhand police head quarter missing from dehradun zonal plan.
स्कूल - फोटो : concept photo

जोनल प्लान से शहर के ज्यादातर स्कूल गायब हैं। वर्णी स्कूल, साधुराम इंटर कॉलेज, दून इंटरनेशनल, गुरुनानक गर्ल्स स्कूल समेत अन्य स्कूलों को जोनल प्लान में जगह नहीं मिल पाई है। ज्यादातर जगहों पर स्कूलों को सार्वजनिक या आवासीय दर्शाया गया है। 

2025 तक करना होगा इंतजार
लैंड यूज में गड़बड़ी अगर अभी ठीक नहीं करवाई गई तो 2025 तक इंतजार करना पड़ सकता है। इसके अलावा लैंड यूज बदलवाने के लिए शासन के चक्कर भी काटने पड़ सकते हैं। लैंड यूज चेंज करने की प्रक्रिया शासन से होती है। 

जोनल प्लान में 195 खामियां खोजी गई हैं, जिनकी आपत्ति दर्ज करा दी गई है। शहर के ज्यादातर इलाकों को गलत दर्शाया गया है या गायब किया गया है।
-डीएस राणा, अध्यक्ष, उत्तराखंड इंजीनियर्स एंड ड्राफ्ट्समैन वेलफेयर एसोसिएशन

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