फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand police do not know politician address

इन मंत्रियों के घर का पता नहीं जानती पुलिस

Sat, 13 Sep 2014 12:19 PM IST
बिशन सिंह बोरा/अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 13 Sep 2014 12:19 PM IST
विज्ञापन
uttarakhand police do not know politician address

उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी, खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल और भाजपा विधायक प्रेमचंद अग्रवाल का निवास स्थान पुलिस नहीं जानती। इनके बारे में अदालत में पुलिस ने कम से कम यही जवाब दिया है।

विज्ञापन


बता दें कि अलग-अलग आपराधिक मामलों में उक्त तीनों जनप्रतिनिधि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में वांछित हैं।

कोर्ट कई बार नोटिस, समन जारी कर चुकी है, लेकिन तीनों अदालत में पेश नहीं हुए हैं, जबकि पुलिस हर बार समन तामील नहीं करा पाने के पीछे तर्क देती है कि उन्हें इन नेताओं का पता नहीं मिला। अदालत ने तीनों नेताओं के विरुद्ध वारंट भी जारी कर चुकी है, लेकिन पुलिस इन पर हाथ डालने से बच रही है।
विज्ञापन

दून के कप्‍तान को मामले का पता नहीं

uttarakhand police do not know politician address

नेताओं के खिलाफ जारी समन पुलिस के तामील नहीं कराने पर सीजेएम राजीव कुमार ने नाराजगी जताई है। शुक्रवार को मुख्य सचिव सुभाष कुमार और डीजीपी बीएस सिद्धू को भेजे पत्र में सीजेएम ने कहा कि यह खेद का विषय है कि पुलिस अदालत के आदेश का अनुपालन नहीं कर रही है।

सीजेएम ने संबंधित नेताओं के नाम और उन पर दर्ज मामलों की सूची साथ में भेजी है। यह सुनिश्चित कराने के लिए कहा है कि अगली तिथि पर इन्हें कोर्ट में पेश करवाया जाए। यह भी कहा है कि इन जनप्रतिनिधियों, विधायकों के आवास सर्वविदित हैं। इसके बावजूद पुलिस उन्हें कोर्ट में पेश करने में नाकाम रही है।

यदि अदालत के आदेश का पालन नहीं हो तो अदालत उसका पालन नहीं कराने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है।
-चंद्रशेखर तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता

मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। वैसे कई बार ऐसा होता है कि पुलिस जाती है तो मंत्री जी नहीं मिलते हैं। सीजेएम ने मुख्य सचिव को लिखा है तो आदेश मुझे भी मिल जाएगा। इसके बाद देखेंगे।
-अजय रौतेला, एसएसपी देहरादून

समन तामील नहीं कराया जा सका

uttarakhand police do not know politician address

केस नंबर एक
शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी को कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर कुर्की के आदेश जारी किए हैं। मंत्री के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी है, लेकिन पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पा रही। वर्ष 2001 में उनके खिलाफ बलवा और हथियार लेकर बलवा मामले में थाना डालनवाला में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस कोर्ट में कह चुकी है कि उसे नैथानी का पता नहीं मिला, लिहाजा समन तामील नहीं कराया जा सका।

केस नंबर दो
खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल के खिलाफ वर्ष 2007 में कोतवाली थाना क्षेत्र में दो व चार सी प्रिवेंशनल इंसल्ट टू ऑनर अधिनियम में मुकदमा दर्ज है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया है, लेकिन पुलिस कोर्ट से जारी समन तामील नहीं करा पा रही है। तर्क वही, पता नहीं मिल रहा है।

केस नंबर तीन
ऋषिकेश से भाजपा विधायक प्रेमचंद्र अग्रवाल के खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज हैं। कोतवाली थाने में उनके खिलाफ वर्ष 2007 में बलवा करना, सरकारी कार्य में बाधा, हथियार लेकर बलवा, गालीगलौज कर अपमानित करने का मामला दर्ज है। डोईवाला थाने में उसी वर्ष उत्तराखंड लोक संपत्ति विरूपण अधिनियम में भी मुकदमा दर्ज है। सीजेएम कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं, लेकिन पुलिस उन्हें पेश नहीं कर पा रही।

मैं एक वकील हूं और कानून का सम्मान करता हूं। मेरी जानकारी में ऐसा कोई मामला नहीं है। मुझे कोर्ट से कभी समन नहीं आया है। सोमवार को पता कराऊंगा कि ऐसा कोई मामला मेरे ऊपर है क्या?
-दिनेश अग्रवाल, खेल मंत्री

विधानसभा चुनाव के दौरान जरूर डोईवाला में मेरे खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में मैं कोर्ट में पेश हुआ था, लेकिन दूसरे किसी मामले की मुझे जानकारी नहीं है।
-प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक ऋषिकेश

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed