उत्तराखंड: 400 करोड़ का घोटाला, दो आईएएस समेत 7 प्रशासनिक अधिकारी निलंबित, जानिए कब-क्या हुआ
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करीब 400 करोड़ के एनएच-74 मुआवजा घोटाले में अब तक 22 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। घोटाले में अब तक दो आईएएस अफसरों समेत कुल सात प्रशासनिक अधिकारियों पर निलंबन की गाज गिर चुकी है। आठ पीसीएस अफसरों को सरकार पहले ही निलंबित कर चुकी है।
सूत्रों की मानें तो मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेश सरकार ने ऊधमसिंह नगर के तत्कालीन जिलाधिकारी रहे आईएएस अफसर डॉ. पंकज कुमार पांडेय और चंद्रेश यादव को जिन आरोपों में निलंबित किया है, वे भूमि का कई गुना मुआवजा निर्धारित करने से संबंधित हैं। सूत्रों के मुताबिक, दोनों अफसरों की भूमिका आर्बिट्रेशन के करीब 15 प्रकरणों में संदिग्ध मानी गई है।
इनमें 11 प्रकरण किच्छा से संबंधित हैं, जबकि तीन प्रकरण काशीपुर के हैं। एसआईटी ने अपनी जांच में पाया कि काशीपुर के तीन मामलों में विशेष भूमि अध्यापित अधिकारी (एसएलओ) के विवादित आदेश पर आर्बिटेशन ने तीन गुना अधिक मुआवजा निर्धारित कर दिया। एसआईटी की रिपोर्ट का यही तथ्य आईएएस अफसरों के खिलाफ गया है, जिससे उनकी सत्यनिष्ठा पर सवालिया निशान लगा है।
जानिए कब-क्या हुआ
वर्ष 2017
11 मार्च: एडीएम प्रताप शाह की तहरीर पर सिडकुल चौकी में एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर, नजीमाबाद और रुद्रपुर एनएचएआई देहरादून क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारी, कर्मचारी, जसपुर, गदरपुर, खटीमा, किच्छा, रुद्रपुर, बाजपुर और सितारगंज के एसडीएमए एसडीएम कार्यालय में तैनात रीडर, पेशकार, तहसीलदार राजस्व निरीक्षक, खतौनी से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज।
12 मार्च: एसएलओए उनके कार्यालय में तैनात कर्मचारियों का नाम रिपोर्ट में दर्ज।
3 जून: जसपुर से निलंबित पेशकार विकास चौहान की गिरफ्तारी।
7 नवंबर: एसआईटी ने निलंबित एसडीएम भगत सिंह फ ोनिया, निलंबित संग्रह अमीन अनिल कुमार, तत्कालीन प्रभारी तहसीलदार मदन मोहन पलड़िया, रिटायर्ड तहसीलदार भोले लाल, अनुसेवक रामसमुझ, स्टांप वेंडर जीशान, और किसान ओमप्रकाश, चरन सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
24 नवंबर: घोटाले के मुख्य आरोपी डीपी सिंह ने एसएसपी के आगे सरेंडर किया, डीपी को जेल भेजा गया।
24 नवंबर: राजस्व अहलमद संजय चौहान, डाटा एंट्री ऑपरेटर अर्पण कुमार गिरफ्तार कर जेल भेजे गए थे।
24 नवंबर: डीपी सरेंडर करने के बाद जेल की सलाखों की पीछे पहुंचा था।
वर्ष 2018
16 जनवरी: सितारगंज से राजस्व अहलमद संतराम गिरफ्तार।
8 फ रवरी: एसआईटी ने निलंबित पीसीएस अधिकारी एनएस नगन्याल, चकबंदी अधिकारी अमर सिंह, सहायक चकबंदी अधिकारी गणेश प्रसाद निरंजन को जेल भेजा।
20 मार्च: पुलिस ने गुड़गांव के एक मॉल से एलाइड इंफ्रा की एमडी प्रिया शर्मा और सुधीर चावला को गिरफ्तार किया।
7 जुुलाई: बेरीनाग के नायब तहसीलदार रघुवीर सिंह गिरफ्तार कर जेल भेजे गए।
नौ जुलाई: निलंबित पीसीएस अफ सर तीरथपाल गिरफ्तार कर जेल भेजे गए।
10 जुलाई: एसआईटी ने शासन को जांच रिपोर्ट सौंपी।
12 जुलाई: एसआईटी की रिपोर्ट पर शासन ने आईएएस अफसर पंकज पांडेय और चंद्रेश यादव को नोटिस भेजे।
10 अगस्त: को दोनों आईएएस अफसरों ने शासन को अपना जवाब सौंप दिया था।
18 अगस्त: एसआईटी ने दोनों आईएएस अफसरों से पूछताछ का समय मांगा था, सरकार ने पूछताछ की अनुमति दे दी थी।
11 सिंतबर: शासन ने एसआईटी की जांच आख्या पर आईएएस अफसर डॉ. पंकज कुमार पांडेय और चंद्रेश कुमार यादव को निलंबित कर दिया।