Uttarakhand : यूट्यूब वीडियो देखकर महिलाओं ने बनाई एलईडी झालर, गणतंत्र दिवस पर इन्हीं झालरों से सजा कलक्ट्रेट
इंटरनेट और सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल करने में ग्रामीण महिलाएं भी पीछे नहीं हैं। गदरपुर ब्लॉक की 35 महिलाओं ने यूट्यूब देखकर एलईडी झालर बनाना सीखा है। इन झालरों से 26 जनवरी को कलक्ट्रेट और विकास भवन की इमारत जगमगाई गई थी। ग्रामीण महिलाओं के इस हुनर की डीएम रंजना राजगुरु भी सराहना कर चुकीं हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गदरपुर ब्लॉक के 13 समूहों की महिलाओं को बैंक ऑफ बड़ौदा की आरसेटी संस्था की ओर से पिछले साल दिसंबर में निशुल्क छह दिवसीय एलईडी बल्ब बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। महिलाओं ने छह दिन के अंदर ही एलईडी बल्ब बनाना सीख लिया।
ग्राम पंचायत बराखेड़ा की वाहेगुरु स्वयं सहायता समूह की सदस्य पलक नारंग ने बताया कि आरसेटी संस्था की ओर से गदरपुर के विकास खंड सभागार में महिलाओं को बल्ब बनाने का प्रशिक्षण दिया गया था।
जिला प्रशासन की ओर से दिया गया कच्चा माल
महिलाओं को जानकारी मिली थी कि 26 जनवरी में कलक्ट्रेट व विकास भवन को तिरंगे के रंग में सजाने के लिए झालरों की आवश्यकता है। सभी महिलाओं ने मिलकर यूट्यूब में अपलोड वीडियो को देखकर झालर बनाने की योजना बनाई। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से उन्हें कच्चा माल दिया गया।
पलक ने बताया कि यूट्यूब की वीडियो देखने के बाद सभी महिलाओं ने एक साथ बैठकर एक सप्ताह में 500 एलईडी झालरें तैयार कर दीं। जिनसे 26 जनवरी को कलक्ट्रेट और विकास भवन की इमारत को सजाया गया। डीएम के साथ ही सीडीओ, परियोजना निदेशक, बीडीओ ने उनके कार्य की प्रशंसा की है। संवाद
एलईडी झालर व बल्ब बनाने से 35 महिलाओं को मिलेगा रोजगार
मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु खुराना ने बताया कि महिलाओं को एलईडी बल्ब बनाने का प्रशिक्षण दे दिया गया है। प्रशासन की ओर से इन्हें कच्चा माल दिया जाएगा। महिलाओं के बल्ब व एलईडी झालर पहले चरण में ग्रामीण इलाकों में बेची जाएंगी। उसके बाद उन्हें स्थानीय बाजारों में उतारा जाएगा। अगर प्रोजेक्ट सफल रहा था, देहरादून व नैनीताल की तर्ज पर जिले में भी एलईडी ग्रोथ सेंटर तैयार किया जा सकता है।