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उत्तराखंड: ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण की वर्षगांठ पर जलाए 1100 दीए, मांगल और जागर गीतों ने मोहा मन
Thu, 04 Mar 2021 11:57 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भराड़ीसैंण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भराड़ीसैंण
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 04 Mar 2021 11:57 PM IST
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Gairsain
- फोटो : अमर उजाला
गैरसैंण को उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी बने एक साल पूरे हो गया है। एक साल पहले मुख्यमंत्री ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की घोषणा की थी। वर्षगांठ के उपलक्ष पर भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में जश्न मनाया गया। परिसर में 1100 दीए जलाए गए। वहीं, केदार घाटी से आए लोक कलाकारों व स्कूली बच्चों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों पर मांगल, जागर गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मन मोहा। कार्यक्रम के समापन चमोली आपदा में मृतकों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।
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कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल समेत मंत्री व विधायक शामिल हुए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गैरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी क्षेत्र के विकास के लिए सरकार प्रयासरत है। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले कलाकारों को 10-10 हजार और सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल गैरसैंण को 20 कंप्यूटर देने की घोषणा की है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ने कलाकारों को दो-दो हजार रुपये की घोषणा की है।
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चला-चला बाबा कुंभ स्नान
केदार घाट के भंजण व अखोड़ी गांव से आए कलाकार रामेश्वरी, आशा देवी, सरोजनी देवी समेत अन्य कलाकारों ने मांगल व जागर गीतों से सभी का मनमोहा। उन्होंने प्रसिद्व मांगल चला-चला बाबा कुंभ स्नान समेत कई जागर भी प्रस्तुत किए।
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एक का दिन ऐतिहासिक है। एक साल पहले सरकार ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित की थी। वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री ने गैरसैंण को कमिश्नरी की ऐतिहासिक घोषणा की है। मैं स्वयं भी राज्य आंदोलनकारी रहा हूं और पहाड़ की राजधानी पहाड़ में होने का पक्षधर रहा हूं। ग्रीष्मकालीन राजधानी की वर्षगांठ पर दीप उत्सव व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन किया गया
-प्रेम चंद अग्रवाल, अध्यक्ष विधानसभा
बजट में अवस्थापना के साथ युवाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के लिए विशेष ध्यान रखा गया। बजट से प्रदेश के हर वर्ग के लोगों को लाभ मिलेगा और प्रदेश विकास और तेजी के साथ आगे बढ़ेगा।
-डॉ. हरक सिंह रावत, वन एवं श्रम मंत्री
बजट युवाओं, महिलाओं को समर्पित होने के साथ सड़क, रोजगार, स्वरोजगार, बिजली, पानी से संबंधित एक समावेशी व यतार्थ वादी बजट है। इससे सरकार की दूरदर्शिता दिखाई पड़ती है। बजट में हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ दिया गया। मुख्यमंत्री ने कमिश्नरी की ऐतिहासिक घोषणा की है।
-रेखा आर्य, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री