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उत्तराखंड : चमोली जिले में फिर हुई बारिश-बर्फबारी, गढ़वाल में मानसून के मौसम को इस बार भी बारीकी से पढ़ना होगा मुश्किल
Sat, 15 May 2021 07:10 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 15 May 2021 07:10 PM IST
सार
बदरीनाथ धाम की ऊंची चोटियों के साथ ही हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, रुद्रनाथ सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई।
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
चमोली जिले में शनिवार को दोपहर बाद निचले क्षेत्रों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई, जिससे मौसम में ठंडक आ गई है। प्रतिदिन जिले में दोपहर बाद मौसम खराब हो रहा है।
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बदरीनाथ धाम की ऊंची चोटियों के साथ ही हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, रुद्रनाथ सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई।
बागेश्वर में शनिवार को एक बार फिर मौसम ने मिजाज बदला और कई स्थानों पर बारिश हुई। शुक्रवार को 13 दिन की लगातार बारिश के बाद जिले में बारिश नहीं हुई। शनिवार को सुबह से आसमान में हल्के बादल थे। शाम को करीब 4 बजे से बूंदाबांदी शुरू हो गई। जिला मुख्यालय में कुछ देर बारिश हुई।
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दुगनाकुरी तहसील के धरमघर, बास्ती क्षेत्र में काफी देर तक बारिश हुई। बारिश के बाद आसमान में इंद्रधनुष का शानदार नजारा देखने को मिला। लोगों ने इंद्रधनुष के नजारे को कैमरे में कैद किया। शाम छह बजे बाद मौसम खुल गया था।
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मानसून के मौसम को इस बार भी बारीकी से पढ़ना होगा मुश्किल
आपदा प्रबंधन मंत्री धन सिंह रावत का दावा है कि सुरकंडा में डाप्लर रडार लगाने का काम दो माह में पूरा हो जाएगा। मंत्री के इस दावे के बाद भी साफ है कि इस बार भी मानसून में मौसम को पढ़ने के लिए इस रडार का इस्तेमाल नहीं हो पाएगा।
प्रदेश में इस समय तीन डाप्लर रडार लगाए जा रहे हैं। इनमें से एक रडार मुक्तेश्वर में स्थापित किया जा चुका है और इसने काम करना शुरू भी कर दिया है। इसके अलावा गढ़वाल मंडल में सुरकंडा और लैंसडौन में भी डाप्लर रडार लगाया जा रहा है।
सुरकुंडा में स्थापित किए जा रहे डाप्लर रडार का काम करीब दो साल पहले शुरू हुआ था और अभी तक यह काम पूरा नहीं हो पाया है। खुद आपदा प्रबंधन मंत्री ने माना कि काम की रफ्तार धीमी है। शुक्रवार को आपदा प्रबंधन मंत्री ने सुरकुंडा देवी में डाप्लर रडार क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों को दो माह के भीतर डाप्लर रडार स्थापित करने का आदेश दिया।
मंत्री के म़ुताबिक डॉप्लर रडार से मौसम के सटीक पूर्वानुमान लगाने में मदद मिलेगी। यह रडार 100 किमी रेडियस क्षमता का है। भूमि का चयन और वन विभाग से सहमति में देरी के कारण निर्माण कार्य हाल ही में शुरू हुआ है।
आपदा प्रबंधन मंत्री ने 15 दिन के भीतर रडार स्थापना का सिविल कार्य पूरा कर दो माह के भीतर रडार स्थापित करने के आदेश दिए हैं। मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि सुरकंडा में स्थापित किए जा रहे रडार का सामान देहरादून पहुंच चुका है। इस सामान को राज्य आपदा विभाग के सहयोग से एयर लिफ्ट किया जाना है।
पर्वतीय जिलों में बारिश और हिमपात की संभावना
चटक धूप ने शुक्रवार को गर्मी का एहसास कराया। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 24 घंटे में उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग जिले में कहीं-कहीं हल्की बारिश या हिमपात की संभावना जताई है।