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उत्तराखंडः प्रदेश में 22 हजार उपनल कर्मचारियों का बढ़ेगा मानदेय, कोई कर्मचारी नहीं हटेगा
Sat, 10 Jul 2021 03:53 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 10 Jul 2021 03:53 PM IST
सार
मंत्रिमंडल की उप समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि उप समिति की ओर से कर्मचारियों के पक्ष को सुना गया। जिसके बाद निर्णय लिया गया कि कदाचार और अनुशासनहीनता के मामले को छोड़कर अन्य किसी प्रकरण में कर्मचारी को हटाया नहीं जाएगा।
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हरक सिंह रावत
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
प्रदेश के 22 हजार उपनल कर्मचारियों का मानदेय बढ़ेगा। विभागों से कोई उपनलकर्मी नहीं हटेगा और हटाए गए उपनल कर्मचारियों को फिर से नियुक्ति मिलेगी। उनकी मांगों के संबंध में गठित मंत्रिमंडल की उप समिति की ओर से कर्मचारियों को सम्मानजनक मानदेय देने की सिफारिश की गई है।
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मंत्रिमंडल की उप समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि उप समिति की ओर से कर्मचारियों के पक्ष को सुना गया। जिसके बाद निर्णय लिया गया कि कदाचार और अनुशासनहीनता के मामले को छोड़कर अन्य किसी प्रकरण में कर्मचारी को हटाया नहीं जाएगा। पूर्व में जिन कर्मचारियों को हटाया गया है उन्हें फिर से नियुक्ति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को सम्मानजनक मानदेय दिया जाएगा।
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इसे लेकर युवा कल्याण एवं अन्य विभागों के कर्मचारियों के न्यूनतम मानदेय को देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि उपनल कर्मचारियों का विभिन्न विभागों में बड़ा योगदान रहा है। उनकी अध्यक्षता में गठित मंत्रिमंडल की उप समिति में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी संयोजक, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत, प्रमुख सचिव सैनिक कल्याण सदस्य के रूप में शामिल हैं। उपनल कर्मचारियों की मांगों के संबंध में गठित मंत्रिमंडल की उप समिति ने उपनल कर्मचारियों के पक्ष में तैनाती से नहीं हटाने, हटाए कर्मियों को फिर रखने और सम्मानजनक मानदेय देने की सिफारिश की है।
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जल संस्थान में उपनल से भर्ती इंजीनियरों पर रार
जल संस्थान में उपनल के माध्यम से आए असिस्टेंट इंजीनियरों को लेकर उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ जल संस्थान विरोध में उतर आया है। संघ ने चेतावनी दी है कि अगर इस तरह से भर्ती हुए इंजीनियरों को न हटाया गया तो वह आंदोलन को बाध्य होंगे। संगठन के मुताबिक, असिस्टेंट इंजीनियर का पद एक राजपत्रित या समकक्ष अधिकारी का पद है। यह पद अपर सहायक अभियंता का नियंत्रक अधिकारी है।
ऐसे पद पर आउटसोर्सिंग से नियुक्ति करना पूर्णतय: समझ से परे है। जबकि वरिष्ठ अपर सहायक अभियंताओं को पदोन्नति या प्रभार देने का विकल्प भी उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्य की बात है कि उपनल के माध्यम से आए हुए एई, लोक सेवा आयोग के माध्यम से आए हुए जेई के ऊपर तैनात किए गए हैं। उन्होंने मांग की है कि तत्काल यह नियुक्तियां रद्द की जाएं। इस संबंध में संगठन ने प्रांतीय अध्यक्ष को भी पत्र भेजा है।
रोजगार कार्यालय : नौकरी पाने वालों का हर साल बढ़ेगा मानदेय
प्रदेश में रोजगार कार्यालयों को आउटसोर्सिंग एजेंसी बनाया जाएगा। इसके माध्यम से नौकरी पाने वालों के वेतन में हर साल बढ़ोत्तरी होगी। विभागीय मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि रोजगार कार्यालयों के माध्यम से नौकरी पाने वाले 1900 से कम ग्रेड पे के पद पर कार्यरत कर्मचारी को 15 हजार रुपये, 1900-2800 ग्रेड पे के पदों पर कार्यरत कर्मचारी को 20 हजार, 4200-4600 ग्रेड पे के पद पर कार्यरत को 25000 एवं 4600 से अधिक ग्रेड पे वाले कर्मचारी को 40 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा।
कर्मचारियों के मानदेय में हर साल चार सौ रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक की वृद्धि की जाएगी। विभागीय मंत्री ने कहा कि उपनल भी आउटसोर्सिंग एजेंसी है जो ढाई फीसदी कमीशन लेता है, लेकिन रोजगार कार्यालयों के माध्यम से कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा।
प्रदेश का कोई आईटीआई नहीं होगा बंद
कौशल विकास मंत्री ने कहा कि प्रदेश में किसी भी आईटीआई को बंद नहीं किया जाएगा। सभी आईटीआई में एडमिशन किए जाएंगे। करीब 1400 छात्र एडमिशन पा सकेंगे। वहीं प्रदेश की 25 आईटीआई को अपग्रेड कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाया जाएगा। इसके लिए 600 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं।