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Uttarakhand: राजस्व पुलिस के खत्म होने पर थाने चौकी बढ़ेंगे तो फोर्स भी चाहिए, शासन को भेजी 628 पदों की मांग

Sun, 05 Oct 2025 09:08 PM IST
अलका त्यागी रुद्रेश कुमार, अमर उजाला, देहरादून
रुद्रेश कुमार, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 05 Oct 2025 09:08 PM IST
सार

दरअसल, फरवरी 2023 से पहले तक राज्य में करीब 60 फीसदी हिस्से पर राजस्व पुलिस कानून व्यवस्था संभालती थी। पूरे प्रदेश में 158 रेगुलर पुलिस थाने थे। राजस्व क्षेत्रों के लिए छह थानों का सृजन किया गया।

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Uttarakhand news police stations and outposts will increase and force will also be required
- फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्व पुलिस के खत्म होने के बाद पूरे राज्य में नियमित पुलिस ही कानून व्यवस्था संभालेगी। इसके लिए नए थाने और चौकी खोले जाने हैं तो पदों की भी आवश्यकता जरूर होगी। ऐसे में पुलिस ने दूसरे चरण के प्रस्ताव के साथ नए थाने-चौकियों के लिए पुलिस फोर्स के विभिन्न पदों की मांग भी शासन से की है।

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नौ नए थाने और 44 चौकियों के लिए 628 पदों की आवश्यकता होगी। पुलिस की ओर से इन पर हर वर्ष करीब 34 करोड़ रुपये के व्ययभार को भी शासन को बताया है। अब इस पर शासन को निर्णय लेना है।
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दरअसल, फरवरी 2023 से पहले तक राज्य में करीब 60 फीसदी हिस्से पर राजस्व पुलिस कानून व्यवस्था संभालती थी। पूरे प्रदेश में 158 रेगुलर पुलिस थाने थे। राजस्व क्षेत्रों के लिए छह थानों का सृजन किया गया। इसके बाद यह संख्या 164 पहुंच गई। अब नौ थाने और 44 चौकियां और खोली जानी हैं। पुलिस फोर्स की बात करें तो मौजूदा वक्त में करीब 3000 पद पुलिस विभाग में विभिन्न स्तर के खाली हैं।
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Uttarakhand: दूसरा चरण...1983 और राजस्व गांव रेगुलर पुलिस के 44 थानों, 33 चौकियों में हुए शामिल
 

इनमें से कुछेक में भर्तियां हुई हैं तो कुछ के लिए भर्तियां प्रस्तावित हैं। हर साल सैकड़ों सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इससे रिक्त पदों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में जब क्षेत्र बढ़ेगा तो कानून व्यवस्था संभालने के लिए फोर्स की भी आवश्यकता है। पुलिस की ओर से शासन को अपनी मांग भेज दी गई है। इस क्षेत्र की कानून व्यवस्था के लिए राजपत्रित अधिकारियों से लेकर निचले स्तर तक के पद बढ़ाने होंगे। इनमें निरीक्षक, उपनिरीक्षक, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल शामिल हैं।

अब इस मांग पर कितनी जल्दी निर्णय होगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन पदों का सृजन नहीं हुआ तो मौजूदा पुलिस बल के लिए पूरे प्रदेश की कानून व्यवस्था संभालना बेहद दुस्कर हो जाएगा। लिहाजा शासन को भी पुलिस की इस मांग पर जल्द से जल्द निर्णय लेना होगा।

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