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Uttarakhand News : उत्तराखंड में आठ हजार से ज्यादा सवारी वाहनों में लगा पैनिक बटन
Wed, 30 Dec 2020 01:17 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 30 Dec 2020 01:17 PM IST
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उत्तराखंड में पिछले एक साल में आठ हजार से ज्यादा नए सवारी वाहनों में सरकार के नियमों के मुताबिक व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन लग चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी की सालाना समीक्षा बैठक में यह तथ्य सामने आए।
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मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी के अध्यक्ष पूर्व न्यायाधीश अभय मनोहर सप्रे की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्य सचिव ओम प्रकाश, परिवहन आयुक्त दीपेंद्र चौधरी, यातायात निदेशक केवल खुराना, उप परिवहन आयुक्त सुधांशु गर्ग शामिल हुए।
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बैठक में बताया गया कि वर्ष 2019 में उत्तराखंड में हुए सड़क हादसों में 899 की मौत हुई, जबकि 1459 गंभीर रूप से घायल हुए। चिंताजनक बात यह है कि इन हादसों में 79 फीसदी हादसे चालकों की गलती की वजह से हुए। लिहाजा, यह निर्देश दिए गए कि ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया पुख्ता होनी चाहिए।
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चालकों पर नजर रख रहा ट्रैफिक आई एप
यातायात निदेशालय की ओर से चालकों पर नजर रखने के लिए ट्रैफिक आई एप तैयार किया गया है। उत्तराखंड पुलिस इस एप की मदद से ऐसे चालकों पर नजर रखती है, जो गलत तरीके से वाहन चलाते हैं।
यह वेब और मोबाइल बेस्ड एप है, जिसकी मदद से अपराध और अपराधियों से जुड़ी जानकारी पर भी बारीक नजर रखी जा सकती है। इसके साथ ही सीसीटीएनएस और एएनपीआर कैमरों की मदद से वीडियो और डाटा कैप्चर किया जा सकता है।
पांच शहरों में अत्याधुनिक ड्राइविंग टेस्टिंग लेन
आने वाले समय में देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, टिहरी और हल्द्वानी में अत्याधुनिक ऑटोमैटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक तैयार हो रहे हैं। तीन करोड़ की लागत से यह तैयार किए जाएंगे। इनकी शुरुआत होने के बाद सीधे तौर पर हस्तक्षेप खत्म हो जाएगा, सीधे ऑटोमैटिक ड्राइविंग टेस्ट होंगे।
10 करोड़ से वाहनों की ऑटोमैटिक फिटनेस जांच
हल्द्वानी और हरिद्वार में जल्द वाहनों की फिटनेस जांच के लिए ऑटोमैटिक फिटनेस जांच लेन बनने जा रही हैं। 10.58 करोड़ की लागत से एक जांच केंद्र तैयार होगा। इसके लिए इस साल चार करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। वहीं, सभी आरटीओ ऑफिस में एम-फिटनेस एप लांच किया गया है, जिसमें मोबाइल की मदद से वाहनों की फिटनेस जांच की जाती है।