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उत्तराखंड : अब कैमरा, जीपीएस से परिवहन विभाग लेगा एक्शन, पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लगेंगे दो वीएमआर कैमरे

आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 11 Jun 2021 03:48 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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उत्तराखंड में चलने वाले वाहन अब परिवहन विभाग की नजर से नहीं बच पाएंगे। एक ओर विभाग अत्याधुनिक तकनीकों के आधार पर गड़बड़ी करने वालों पर शिकंजा कसेगा तो दूसरी ओर लोगों को अपार सुविधाएं भी देगा। आईए बताते हैं, विभाग क्या करने जा रहा है बदलाव।
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वीएलटी के लिए सभी संपत्तियों की जीपीएस मैपिंग
परिवहन विभाग के जितने भी बस अड्डे, वर्कशॉप व अन्य संपत्तियां हैं, उन सबकी जीपीएस मैपिंग की जाएगी। विभाग जल्द ही व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग(वीएलटी) को मजबूत करने जा रहा है। इन सभी संपत्तियों को भी वीएलटी के सॉफ्टवेयर से लिंक किया जाएगा। इसके बाद प्रदेश में कहीं भी अगर किसी वाहन में कोई खराबी होगी तो नजदीकी वर्कशॉप या बस अड्डे से तुरंत मदद मिलनी आसान हो जाएगी।


रामनगर में बनेगा राज्य का पहला बस पोर्ट
एयरपोर्ट की तर्ज पर रामनगर में राज्य का पहला बस पोर्ट बनने जा रहा है। इस प्रस्ताव परिवहन विभाग ने केंद्र सरकार को भेज दिया है। रामनगर बस अड्डे की पूरी जमीन में यह बसपोर्ट बनेगा। खास बात यह है कि इसमें यात्रियों को ठहरने के अलावा बाथरूम, टॉयलेट, लॉकर की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा वाईफाई की सुविधा मिलेगी। वह ऑनलाइन बस टिकट खरीद सकेंगे। पोर्ट में रियल टाइम बड़े इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड होंगे। इसके अलावा शॉपिंग कांप्लेक्स, सिनेमा हॉल, एसी वेटिंग हॉल, बस, कार व मोटर साइकिल के लिए अलग-अलग पार्किंग जैसी सुविधाएं मिलेंगी। यह पूरी तरह से एयरपोर्ट की तर्ज पर ही तैयार होगा। राज्य सरकार ने इसकी एनओसी दे दी है। अब परिवहन विभाग को केंद्र सरकार से इसके लिए बजट मिलने का इंतजार है।

हरिद्वार-हल्द्वानी में बदलेगी फिटनेस की परिभाषा
वाहनों के फिटनेस का हरिद्वार और हल्द्वानी में जल्द ही मैन्युअल काम बंद हो जाएगा। परिवहन विभाग यहां ऑटोमैटिड फिटनेस लेन तैयार कर रहा है। आने वाले एक साल के भीतर यह दोनों लेन शुरू हो जाएंगी। 

सड़क सुरक्षा: जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम होगी
सड़क सुरक्षा को लेकर केंद्र से छह करोड़ और राज्य से करीब डेढ़ करोड़ रुपये जारी हुए हैं। इसके तहत सड़क सुरक्षा का कंट्रोल रूम बनेगा। जीपीएस ट्रैकिंग होगी। मास्टर कंट्रोल रूम भी बनेगा। इंटरसेप्टर खरीदे जाएंगे। इसके बाद सड़क सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता हो जाएंगे। 

पायलट प्रोजेक्ट: एमवीआर कैमरा पकड़ेगा टैक्स चोरी
अब देहरादून में बाहर से जो भी वाहन आएगा, उसने टैक्स भरा है या नहीं, पलक झपकते ही पता चल जाएगा। इसके लिए परिवहन विभाग पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर दून में दो एमवीआर कैमरा लगाने जा रहा है। यह कैमरे तेज गति के ट्रक के नंबर को भी स्कैन करने में सक्षम होंगे। नंबर स्कैन करने के बाद सॉफ्टवेयर की मदद से तत्काल टैक्स की जानकारी मिल जाएगी। 

हम पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर दून में एमवीआर कैमरा लगाने जा रहे हैं। रामनगर में बस पोर्ट का प्रस्ताव केंद्र को भेज दिया गया है। फिटनेस लेन ऑटोमैटिक की जा रही हैं। सभी संपत्तियों की जीआईएस मैपिंग कराई जा रही है। जल्द ही यह सभी बदलाव धरातल पर नजर आएंगे।
-डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, परिवहन सचिव

सड़कों से मलबा हटाने वाली मशीनों में जीपीएस लगाना अनिवार्य
लोक निर्माण विभाग ने मानसून के दौरान सड़कों से मलबा हटाने में इस्तेमाल होने वाली जेसीबी व अन्य मशीनों में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लगाना अनिवार्य कर दिया है। विभागीय इंजीनियरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निजी क्षेत्र से मलबा हटाने वाली जो भी मशीनें लेंगे उनमें जीपीएस होना जरूरी है। मानसून के दौरान लोनिवि मलबा हटाने के लिए करीब 309 मशीनें तैनात करेगा।

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