फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand News: Leopards Counting will held again in Central and Upper Himalayan region

उत्तराखंड: मध्य और उच्च हिमालीय क्षेत्रों में अब नए सिरे से होगी तेंदुओं की गिनती

Sun, 22 Aug 2021 11:51 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 22 Aug 2021 11:51 PM IST
सार

तेंदुओं की गणना के लिए वन्यजीव विज्ञानियों, विशेषज्ञों की टीम ट्रैप कैमरा, साइन सर्वे व ट्राजेक्ट प्लान जैसी तकनीक का इस्तेमाल करेंगे।

विज्ञापन
Uttarakhand News: Leopards Counting will held again in Central and Upper Himalayan region
तेंदुआ - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड के मध्य और उच्च हिमालीय क्षेत्रों में तेंदुओं की गणना की नए सिरे से कवायद शुरू कर दी गई है। कोरोना संकट के चलते फिलहाल तेंदुओं की गणना का काम रोक दिया गया था। अब जबकि कोरोना को लेकर स्थितियां सामान्य हो चुकी हैं तो एक बार फिर तेंदुओं की गणना का काम शुरू किया जा रहा है।

विज्ञापन


तेंदुओं की गणना के लिए वन्यजीव विज्ञानियों, विशेषज्ञों की टीम ट्रैप कैमरा, साइन सर्वे व ट्राजेक्ट प्लान जैसी तकनीक का इस्तेमाल करेंगे। तेंदुओं की गणना की जा सके इसके लिए पहले चरण के प्रशिक्षण का कार्य भी पूरा कर लिया गया है।
विज्ञापन


 राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक एवं नोडल अधिकारी डीके सिंह ने बताया कि कोरोना को लेकर स्थितियां सामान्य होने के साथ ही तेंदुओं की गणना का काम शुरू किया जा रहा है। फिलहाल पहले चरण में 1000 मीटर से लेकर 3000 मीटर और दूसरे चरण में से ऊंचाई पर पाए जाने वाले तेंदुओं की गणना की जाएगी। टाइगर रिजर्व निदेशक डीके सिंह के मुताबिक तेंदुओं की गणना की जा सके इसके लिए कई तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


साल 2018 में कराई गई गणना में पूरे देश में तेंदुओं की संख्या 12852 पाई गई थी। जबकि इससे चार साल पूर्व साल 2014 में तेंदुओं की संख्या आठ हजार की आंकी गई है। वन्यजीव विज्ञानियों की मानें तो पूूरे देश में साल दर साल तेेंदुओं की संख्या बढ़ रही है। जो अच्छा संकेत है। सबसे अधिक तेंदुए मध्य प्रदेश में पाए जाते हैं।

राजाजी टाइगर रिजर्व में 15 नवंबर से पहले दुरुस्त करनी होंगी व्यवस्थाएं

पर्यटकों के लिए ढाई माह बाद खुलने वाले राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के अधिकारियों ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्क प्रशासन बारिश से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत करने की कवायद में जुट गया है। 

टाइगर रिजर्व निदेशक डीके सिंह ने सभी दस रेंजों के वन क्षेत्राधिकारियों से ब्योरा मांगा है कि बारिश के चलते उनके क्षेत्रों में कितने किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं और इन क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए कितने बजट की जरूरत है।

15 नवंबर को पार्क को पर्यटकों के लिए खोलने से पहले ही सभी सड़कों की मरम्मत का काम पूरा किया जाना है। एक माह से हो रही बारिश के चलते राजाजी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में ज्यादातर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिसके चलते अधिकारियों और वनकर्मियों को ही गश्त करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed