उत्तराखंड: प्रदेश के हजारों छोटे व्यापारियों को सरकार ने दी बड़ी सौगात, ऋण की सीमा बढ़ाकर की 50 हजार
स्वरोजगार योजना के तहत अभी तक 10 हजार रुपये तक ऋण मिलता था, जिसमें सीधे पांच हजार रुपये का अनुदान सरकार देती थी। छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने इसमें बदलाव कर दिया है।
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छोटे कामकाज करने वाले व्यापारियों को राज्य सरकार ने बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना अति सूक्ष्म (नैनो) उद्यम संशोधन 2021 का शासनादेश जारी हो गया है। इसके तहत प्रवासियों और अन्य छोटे व्यापारियों को बैंकों से अब 10 के बजाए 50 हजार रुपये तक का ऋण मिल सकेगा। क्षेत्र विशेष के हिसाब से इस पर अनुदान का प्रावधान किया गया है।
स्वरोजगार योजना के तहत अभी तक 10 हजार रुपये तक ऋण मिलता था, जिसमें सीधे पांच हजार रुपये का अनुदान सरकार देती थी। छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने इसमें बदलाव कर दिया है। इसके तहत अब बैंक से 50 हजार रुपये तक का ऋण मिल सकेगा। इसके तहत ऋण लेने वालों से बैंक कोई भी जमीन आदि के कागज गिरवी नहीं रखेगा। सरकार का मकसद कम से कम 20 हजार लोगों तक इस योजना लाभ पहुंचाना है।
इन कामों के लिए ले सकते हैं लोन
सब्जी विक्रेता, फल विक्रेता, फास्ट फूड, चाय, पकौड़ा, ब्रेड, अंडे आदि की बिक्री, दर्जीगिरी, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, मोबाइल रिपेयरिंग, मोबाइल रिचार्ज प्वाइंट, ब्यूटी पार्लर, एंब्रॉयडरी, सिलाई-बुनाई, बुक बाइंडिंग, स्क्रीन प्रिंटिंग, चूड़ीवाला, पेपर मैच क्राफ्ट, धूप-अगरबत्ती निर्माण, झाडू निर्माण, रिंगाल कार्य, पेपर बैग निर्माण, कैंडल निर्माण, देसी गाय पालन, मशरूम की खेती, साग-सब्जी उगाना, मत्स्य पालन, मशीन रिपेयरिंग, फूल विक्रेता, कार वाशिंग, ब्लॉगिंग, ट्यूबर, बार्बर, कॉबलर्स, पैन शॉप्स, डेयरी, बैकयार्ड पॉल्ट्री, चिकन-मटन शॉप, छोटी बेकरी, कारपेंट्री, लौहारगिरी, लांड्री आदि। इनमें से जिनका कारोबार कोविड के कारण प्रभावित हुआ है, उनके लिए भी यह योजना बड़ा सहारा बनेगी।
यह पात्रता है जरूरी
आवेदक की आयु 18 से 65 वर्ष के बीच हो। शैक्षिक योग्यता की बाध्यता नहीं। आवेदक राज्य का मूल निवासी हो। किसी भी बैंक से डिफॉल्टर न हो। संबंधित बैंक में आवेदक का खाता हो। कारोबार में अगर जरूरी हो तो संबंधित अधिकारी से एनओसी लें।
ऐसे करें आवेदन
इसके लिए जिला उद्योग केंद्र के जीएम को वेबसाइट के माध्यम से आवेदन करना होगा। जिन आवेदकों ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में पंजीकरण किया हुआ है, उन्हें दोबारा पंजीकरण की जरूरत नहीं होगी। जिनका पूर्व में बैंक से आवेदन रिजेक्ट हो चुका है, वह भी इस योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।
दो से तीन साल में ऋण अदायगी, मिलेगा यह अनुदान
श्रेणी ए : पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चमोली, चंपावत, रुद्रप्रयाग व बागेश्वर के संपूर्ण क्षेत्र में सामान्य श्रेणी के लिए 35 प्रतिशत व अधिकतम 17500 रुपये तक, एससी, एसटी, पूर्व सैनिक, महिला, दिव्यांग, ओबीसी, अल्पसंख्यक के लिए 40 प्रतिशत व अधिकतम 20 हजार रुपये तक अनुदान मिलेगा।
श्रेणी बी प्लस : अल्मोड़ा का संपूर्ण भू-भाग, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल के केवल पर्वतीय बहुल विकासखंड, नैनीताल और देहरादून के पर्वतीय बहुल क्षेत्र, पौड़ी गढ़वाल के दुगड्डा के कोटद्वार, सिगड्डी और इनसे जुड़े हुए मैदानी क्षेत्र और टिहरी के फकोट विकासखंड के ढालवाला, मुनिकीरेती, तपोवन और उससे जुड़े मैदानी क्षेत्र, नैनीताल के कोटाबाग विकासखंड का संपूर्ण क्षेत्र, देहरादून के कालसी विकासखंड के मैदानी क्षेत्र में सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों को 30 प्रतिशत व अधिकतम 15 हजार रुपये, एससी, एसटी, ओबीसी, महिला, दिव्यांग, पूर्व सैनिक आदि को 35 प्रतिशत व अधिकतम 17500 रुपये।
श्रेणी सी व डी: देहरादून के रायपुर, सहसपुर, विकासनगर व डोईवाला विकासखंड के समुद्रतल से 650 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र, नैनीताल के रामनगर व हल्द्वानी विकासखंड के तहत आने वाले क्षेत्र। हरिद्वार एवं ऊधमसिंह नगर का संपूर्ण क्षेत्र और देहरादून व नैनीताल के बाकी मैदानी क्षेत्र (बी प्लस व सी को छोड़कर) में सामान्य श्रेेेणी के लाभार्थियों को 25 प्रतिशत व अधिकतम 12500 रुपये, जबकि एससी, एसटी, दिव्यांग, महिला, पूर्व सैनिक, ओबीसी आदि के लिए 30 प्रतिशत व अधिकतम 15 हजार रुपये तक।