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Uttarakhand News : मिशन 2022 के तहत पानी सस्ता होने के आसार, राशन में राहत पर विचार
Mon, 18 Jan 2021 01:06 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Mon, 18 Jan 2021 01:06 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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मिशन 2022 के तहत सत्तारूढ़ भाजपा उन मुद्दों की तलाश में है जो जनता को सीधे राहत देने वाले हों और जिनका चुनाव के लिहाज से उसे फायदा मिले। प्रदेश सरकार के स्तर पर बिजली, पानी की दरों और खाद्यान्न की योजना में राहत देने पर विचार हो रहा है। पानी सस्ता करने को लेकर सरकार ने कदम आगे बढ़ा दिए हैं।
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और राज्यमंत्री डॉ.धनसिंह रावत को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। सूत्रों के अनुसार, सरकार का अगला कदम गरीबी की रेखा से ऊपर (एपीएल) जीवनयापन करने वाले राशन कार्ड धारकों को राहत देने का है। प्रदेश में 23.50 लाख राशन कार्ड धारकों में से 13.50 लाख को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत प्रति यूनिट पांच किग्रा खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
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उन्हें राशन की दुकानों पर दो रुपये किग्रा गेहूं और तीन रुपये किग्रा चावल मिल रहा है। लेकिन एपीएल कार्ड धारकों को प्रति किग्रा गेहूं के 6.80 और प्रति किग्रा चावल के 11 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, सरकार राशन सस्ता बेशक न करे, लेकिन खाद्यान्न की मात्रा को बढ़ा सकती है। एपीएल कार्ड धारकों की ओर से यह मांग बार-बार उठ रही है। चुनावी साल में सरकार इस पर विचार कर सकती है। उच्च पदस्थ सूत्रों ने इसके संकेत दिए हैं।
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चुनावी राहत के तौर पर सरकार का तीसरा दांव बिजली हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक सरकार बिजली की दरों में बेशक कोई छेड़छाड़ न करे, लेकिन बकायेदारी या अन्य स्कीम के माध्यम से 20 लाख से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को रिझाने का प्रयास कर सकती है।
18 मार्च के बाद पूरी तरह से चुनावी मोड में होगी सरकार
त्रिवेंद्र सरकार को आगामी 18 मार्च को चाल साल पूरे हो जाएंगे। इसके साथ ही सरकार पूरी तरह से चुनावी मोड में आ जाएगी। सरकार के स्तर पर कई लुभावनी घोषणाएं होने के आसार जताए जा रहे हैं। उनमें सस्ता पानी और सबको राशन जैसे फैसले होने के प्रबल आसार हैं।
प्रदेश की जनता को राहत देना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार बुुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ सरकार उन्हें सरल और सुगम बनाने पर जोर दे रही है। पेयजल को लेकर कमेटी बनाई गई है, जो इन सभी पहलुओं पर विचार करेगी। विधानसभा चुनाव को लेकर सरकार और संगठन की अपनी तैयारियां हैं।
- मदन कौशिक, कैबिनेट मंत्री, उत्तराखंड सरकार