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उत्तराखंड: अब स्प्रे गन से लैस होंगे वन विभाग के फील्ड कर्मचारी, सुरक्षात्मक ढंग से कर सकेंगे गश्त
Mon, 26 Jul 2021 05:44 PM IST
अलका त्यागी
विनोद मुसान, अमर उजाला, देहरादून
विनोद मुसान, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 26 Jul 2021 05:44 PM IST
सार
उत्तराखंड के चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जेएस सुहाग ने बताया कि मानव-वन्यजीव के बीच संघर्ष को कम करने के लिए विभाग में व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
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वाइल्ड इफेक्ट एनिमल डिट्रेन स्प्रे गन
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
हाथ में बंदूक न होने की स्थिति में भी वन विभाग के फील्ड कर्मचारी सुरक्षात्मक ढंग से जंगल में गश्त कर सकेंगे। ऐसा संभव होगा वाइल्ड इफेक्ट एनिमल डिट्रेन स्प्रे गन से। जो किसी भी जानवर के नजदीक आने पर अनलॉक होते ही स्प्रे करेगी। इसके बाद जानवर 10 मीटर की परिधि तक गश्ती दल से दूर रहेंगे। जर्मन संस्था जीआईजेड, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ और वाइल्ड लाइफ टैरिफिक ऑफ इंडिया की ओर से ऐसे तमाम उपकरण वन विभाग को सौंपे गए हैं।
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उत्तराखंड के चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जेएस सुहाग ने बताया कि मानव-वन्यजीव के बीच संघर्ष को कम करने के लिए विभाग में व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। फील्ड में काम करते हुए वनकर्मियों को तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सुरक्षा उपकरणों की कमी के चलते अकसर दुर्घटनाएं भी हो जाती हैं। ऐसे में अब वन फील्ड कर्मियों को तमाम सुरक्षा उपकरणों से लैस करने के लिए विभागीय स्तर पर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
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हाल में कुछ संस्थाओं की ओर से विभाग को कई सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। जिनका वितरण राजाजी टाइगर रिजर्व और कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की विभिन्न रेंजों में किया जा रहा है। इसके अलावा पार्कों की सीमा से लगते आबादी क्षेत्र में भी इस बार कुछ ऐसे उपकरण लोगों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनका इस्तेमाल वे जंगली जानवरों को दूर भगाने में कर सकेंगे।
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विभिन्न प्रभागों को सौंपे जा रहे उपकरण
मानव वन्य जीव संघर्ष को रोकने और वन्यजीवों की सुरक्षा में ये उपकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनमें वाइल्ड इफेक्ट एनिमल डिट्रेन स्प्रे गन, कैमरा ट्रैप, हाथी और तेंदुओं के लिए रेडियो कॉलर, नाइट विजन और थर्मल दूरबीन, ड्रोन, स्नैक स्ट्रीक, रैपिड रिस्पांस टीम के लिए रेस्क्यू किट, टैंट, कंपास, सिलिपिंग बैग, सुरक्षा शील्ड, हेलमेट आदि उपकरण मंगाए गए हैं, जो विभिन्न प्रभागों को सौंपे जा रहे हैं।
चिड़ियाघर रेस्क्यू सेंटर में हो सकेगा जानवरों का एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड
चिड़ियाघर रेस्क्यू सेंटर, हरिद्वार में वन्यजीवों के इलाज के लिए पहली बार कुछ नए मेडिकल उपकरण खरीदे गए हैं। जिनसे जानवरों के इजाल में आसानी हो सकेगी। रेस्क्यू सेंटर में तैनात वरिष्ठ पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ अमित ध्यानी ने बताया कि सेंटर इस बार कई नए उपकरण वन विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें जानवरों के लिए एक्स-रे मशीन, अल्ट्रासाउंड मशीन, प्रोटेबल ब्लड गैस एनालाइजर, बेंच गैस एनालाइजर, मल्टीपैरा मीटर मेडिकल उपकरण शामिल हैं। यह सभी मेडिकल उपकरण सेंटर में पहली बार उपलब्ध कराए गए हैं।