Uttarakhand: शिक्षक दिवस पर सीएम धामी ने की घोषणा, अनाथ बच्चों के लिए शुरू होगी बालाश्रय योजना
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को मुख्यमंत्री ट्रॉफी और मेधावी छात्रों को पुरस्कृत किया। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले 105 शिक्षकों के साथ मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री एवं विभागीय अधिकारियों ने शैक्षिक संवाद किया।
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उत्तराखंड में अनाथ बच्चों की कक्षा एक से 12वीं तक की शिक्षा व्यवस्था के लिए सरकार बालाश्रय योजना शुरू करेगी। वहीं, बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित किए जाने के लिए राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों की तरह हर जिले में बालिका आवासीय विद्यालय खोले जाएंगे।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षक दिवस पर मुख्य सेवक सदन में आयोजित समारोह में शिक्षकों और मेधावी छात्रों को पुरस्कृत करते हुए यह घोषणा की। सीएम ने प्रदेश भर से आए शिक्षकों से उनके सुझाव लिए और चयनित स्कूलों को सीएम ट्रॉफी दी।
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सीएम ने ये घोषणाएं कीं
1. मुख्यमंत्री ने कहा कि बालाश्रय योजना के तहत अनाथ बच्चों की 12वीं तक की पढ़ाई के साथ ही उन्हें मुफ्त पुस्तकें, स्कूल ड्रेस, बैग, जूते, मोजे एवं लेखन सामग्री दी जाएगी।
2. प्रदेश में दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में पहले चरण में अधिक छात्र संख्या वाले 50 स्कूलों में शिक्षकों के लिए शिक्षक आवास बनाए जाएंगे। सरकारी स्कूलों में भूमि की उपलब्धता के आधार पर पंचायतों को दी जाने वाली धनराशि से स्कूलों में खेल मैदान तैयार किए जाएंगे।
3. संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर हाईस्कूल स्तर पर 100 स्कूलों में एकीकृत प्रयोगशाला एवं इंटरमीडिएट स्तर पर 100 स्कूलों में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, भूगोल आदि की प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।
4. पीएम पोषण योजना के तहत छह लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को सप्ताह में एक दिन के स्थान पर अब दो दिन दूध दिया जाएगा।
5. राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका छात्रावास एवं नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय छात्रावास में छात्र-छात्राओं की भोजन व्यवस्था के लिए सौ रुपये प्रतिदिन की दर से धनराशि दी जाएगी।
6. केंद्र पोषित योजना के तहत दी जाने वाली धनराशि के अलावा होने वाले व्यय को राज्य सरकार वहन करेगी।
7. केंद्रीय विद्यालयों की तरह प्रदेश के माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों के लंबे अवकाश पर रहने के दौरान स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई पर इसका असर न पड़े, इसके लिए स्थानीय स्तर पर विषयगत शिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी।
8. निदेशालय स्तर पर शिक्षा में सुधार के लिए सुझाव प्रकोष्ठ गठित किया जाएगा।
9. प्रधानाचार्य के पास 50 हजार रुपये की व्यवस्था रहेगी।
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों और मेधावी छात्रों को किया पुरस्कृत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षक दिवस पर मुख्य सेवक सदन में आयोजित समारोह में बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को मुख्यमंत्री ट्रॉफी और मेधावी छात्रों को पुरस्कृत किया। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले 105 शिक्षकों के साथ मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री एवं विभागीय अधिकारियों ने शैक्षिक संवाद किया।
मुख्यमंत्री ने पं. दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार योजना के तहत इंटरमीडिएट स्तर पर आईपी इंटर कालेज लक्सर हरिद्वार, ग्लोरियल एचएस डीडीहाट पिथौरागढ़, डीएनपीएसएस स्कूल भतरौजखान अल्मोड़ा एवं हाईस्कूल स्तर पर देवभूमि चिल्ड्रन एकेडमी एचएसएस संकला रुद्रप्रयाग, ग्लोरिया एचएस डीडीहाट पिथौरागढ़ और एमडीएसपी स्कूल लंबगांव टिहरी गढ़वाल को मुख्यमंत्री ने ट्रॉफी देकर पुरस्कृत किया।
उत्तराखंड बोर्ड की 12 वीं परीक्षा में पहले स्थान पर रही एसवीएमआईसी मायापुर हरिद्वार की छात्रा दिया राजपूत, एसपीवीएमआईसी गोपेश्वर चमोली के अंशुल बहुगुणा, विवेकानंद वीएमआईसी मडलसेरा बागेश्वर के सुमित सिंह मेहता एवं एसवीएमआईसी जसपुर ऊधमसिंह नगर के दर्शित चौहान को पुरस्कार मिला। हाईस्कूल स्तर पर सुभाष इंटर कालेज थौलधार टिहरी गढ़वाल के मुकुल सिल्सवाल, एसएसएस ब्रहमखाल उत्तरकाशी के आयुष अवस्थी, सुभाष इंटर कालेज थौलधार टिहरी के आयुष जुयाल एवं विवेकानंद वीएमआईसी मंडलसेरा बागेश्वर की रबीना कोरंगा को पुरस्कृत किया गया।
22 हजार प्राथमिक शिक्षकों को मिलेंगे मुफ्त टैबलेट: डॉ. धन सिंह
शिक्षा मंत्री डा.धन सिंह रावत ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा को डिजिटल माध्यम से जोड़ने के लिए शीघ्र ही 22 हजार प्राथमिक शिक्षकों को टैबलेट दिए जाएंगे। इसके अलावा एक हजार विज्ञान शिक्षकों को राष्ट्रीय विज्ञान संस्थान बैंगलुरू में शैक्षणिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि विज्ञान के क्षेत्र में छात्र-छात्राओं को और बेहत्तर ढंग से शिक्षा दी जा सके। कार्यक्रम में विद्यालयी शिक्षा सचिव रविनाथ रमन, अपर सचिव योगेन्द्र यादव, महानिदेशक बंशीधर तिवारी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा आरके कुंवर, निदेशक सीमैट सीमा जौनसारी, निदेशक प्राथमिक शिक्षा वंदना गर्ब्याल, अपर निदेशक एसपी. खाली, मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून मुकुल सती, डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, मोना बाली आदि मौजूद रहे।