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उत्तराखंड: रोपवे के लिए केदारनाथ पहुंची केंद्र की टीम ने लिया जायजा, तीन परियोजनाओं पर काम करेगा एनएचएआई

Sun, 17 Oct 2021 09:21 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal विनोद मुसान , अमर उजाला, देहरादून
विनोद मुसान , अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sun, 17 Oct 2021 09:21 AM IST
सार

एनएचएआई की रोपवे विंग लॉजिस्टीक मैनेजमेंट लिमिटेड के सीईओ प्रकाश गौड़ के नेतृत्व में टीम ने सोनप्रयाग-गौरीकुंड और केदारनाथ क्षेत्र का दौरा किया है।

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uttarakhand news: Center team reached Kedarnath for ropeway, took stock
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

सबकुछ ठीक रहा तो केदारनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की कठिन यात्रा भविष्य में सुखद और आरामदायक हो सकेगी। दोनों तीर्थस्थलों को रोपवे लिंक से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने पहल की है। इसके तहत दो दिन पहले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की टीम केदारनाथ में रोपवे की संभावनाओं का जायजा लेकर लौट चुकी है। 

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सोनप्रयाग-गौरीकुंड और केदारनाथ क्षेत्र का दौरा किया
एनएचएआई की रोपवे विंग लॉजिस्टीक मैनेजमेंट लिमिटेड के सीईओ प्रकाश गौड़ के नेतृत्व में दो दिन पहले टीम ने सोनप्रयाग-गौरीकुंड और केदारनाथ क्षेत्र का दौरा किया था। संपर्क करने पर सीईओ प्रकाश गौड़ ने बताया कि उत्तराखंड में कुल 29 किमी की संयुक्त लंबाई के साथ तीन रोपवे लिंक प्रस्तावित हैं।
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इसमें रुद्रप्रयाग जिले में सोनप्रयाग-गौरीकुठ से केदारनाथ मंदिर, चमोली जिले में गोविंदघाट-घांघरिया से हेमकुंड साहिब और नैनीताल में रानीबाग से हनुमान मंदिर रोपवे लिंक शामिल हैं। जबकि हिमाचल प्रदेश में 42.5 किमी की एक संयुक्त लंबाई के रोपवे-लिंक प्रस्तावित हैं। इसके लिए एनएचएआई ने फिजिबिलिटी और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के लिए बिड मांगी हैं। 
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एनएचएआई ने उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के लिए आठ रोपवे लिंक परियोजना के लिए फिजिबिलिटी और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए बोलियां आमंत्रित की हैं। आठ में से तीन परियोजनाएं उत्तराखंड में धरातल पर उतारी जानी हैं। उत्तराखंड और हिमाचल में रोपवे लिंक परियोजना का काम भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को सौंपा गया है। 

देश में रोपवे का विकास प्रारंभिक चरण में 

दुनिया के अन्य हिस्सों की तुलना में भारत अभी भी रोपवे विकास के प्रारंभिक चरण में है। फ्रांस में चार हजार सक्रिय रोपवे, संयुक्त राज्य अमेरिका में दो हजार और स्विट्जरलैंड में 15 सौ की तुलना में भारत में मुश्किल से 65 रोपवे परियोजनाएं हैं। इनमें से भी केवल 22 ही सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। 
 
                परियोजना                         -           कुल लंबाई 
रुद्रप्रयाग जिले में सोनप्रयाग-गौरीकुठ से केदारनाथ मंदिर - 8.5 किमी
चमोली जिले में गोविंदघाट-घांघरिया से हेमकुंड साहिब -  8.8 किमी 
नैनीताल में रानीबाग से हनुमान मंदिर रोपवे लिंक - 12 किमी

(तीन परियोजनाओं की कुल लंबाई 29 किमी है।)
 
हमने केदारनाथ में रोपवे लिंक परियोजना के तहत सोनप्रयाग-गौरीकुंड-केदारनाथ का दौरा किया था। परियोजना अभी शुरूआती चरण में है। यहां रोपवे सोनप्रयाग से शुरू किया जाए या गौरीकुंड से। इसके अलावा तमाम दूसरे पहलुओं को भी ध्यान में रखते हुए सर्वे किया गया। 
- प्रकाश गौड़, सीईओ, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की रोपवे विंग लॉजिस्टीक मैनेंजमेंट लिमिटेड

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