फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand mamta in zee tv everest serial.

आपदा से लड़कर ‘एवरेस्ट’ पहुंची ममता

Tue, 04 Nov 2014 03:19 PM IST
सुधाकर भट्ट / अमर उजाला, देहरादून
सुधाकर भट्ट / अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 04 Nov 2014 03:19 PM IST
विज्ञापन
uttarakhand mamta in zee tv everest serial.

इरादे मजबूत हों तो सामने आती परेशानियां खुद ही दूर हो जाती हैं। आपदा पीड़ित उत्तराखंड के एक गांव भंकोली की ममता ने भी इसे साबित किया है।

विज्ञापन


आपदा की चुनौतियों से लड़कर ममता ‘एवरेस्ट’ तक पहुंच गई। एवरेस्ट सीरियल बनाने आशुतोष गोवारिकर जब उत्तरकाशी आए तो वे ममता की हिम्मत और जज्बे को देखकर काफी प्रभावित हुए।
विज्ञापन


उन्होंने सीरियल में इंस्ट्रक्टर की भूमिका के लिए ममता का चयन कर लिया। उत्तरकाशी से करीब 19 किलोमीटर दूर असी घाटी में एक छोटा सा गांव है भंकोली।

2012 की आपदा के बाद रोजी-रोटी गंवा चुके लोग जब सरकार और अन्य संगठनों की ओर देख रहे थे, तब 19 किमी का दुर्गम रास्ता पार कर ममता उत्तरकाशी पहुंचती और पर्वतारोहियों को प्रशिक्षण देती।
विज्ञापन
विज्ञापन

सैलाब आया और सबकुछ बहा ले गया

uttarakhand mamta in zee tv everest serial.

2012 में ममता के सिर से पिता का साया उठ गया। तीन बहनों में सबसे बड़ी होने के कारण पूरे घर की जिम्मेदारी ममता पर आ गई। यह ममता की जिंदगी की पहली परीक्षा थी।

इससे उबरने के लिए ममता ने असी गंगा के किनारे स्थित टाटा एंडवेचर कंपनी में नौकरी की। वह अपने परिजनों को पिता की कमी खलने नहीं देना चाहती थी।

इस नौकरी के सहारे वह परिवार को संभालने की कोशिश में जुट गई। अभी वह ठीक से संभली भी नहीं थी कि कुदरत ने एक और कहर बरपाया।

अगस्त 2012 में असी गंगा में ऐसा सैलाब आया कि बड़े-बड़े दरख्त बह गए। पर्यटन गतिविधियों से गुलजार रहने वाली यह घाटी बेजार हो गया। घाटी का बाजार संगमचट्टी असी गंगा के बाढ़ में बह गया। करीब 400 परिवार वाला भंकोली गांव पूरी तरह आपदाग्रस्त हो गया।

आपदा के टूट गई परिवार की कमर

uttarakhand mamta in zee tv everest serial.

आपदा से ममता का परिवार भी अछूता नहीं रहा। टाटा एंडवेचर कंपनी का परिसर भी बाढ़ में बह गया। ममता इसी कंपनी के सहारे घर चला रही थी।

उधेड़बुन में फंसी ममता ने नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) से संपर्क किया। ममता निम से पर्वतारोहण का कोर्स कर चुकी थी। निम ने ममता की कहानी सुनी तो उसको अपने अनुभवों को प्रशिक्षण में ढालने का मौका दिया। लेकिन इसमें भी एक दिक्कत थी।

निम का कार्यालय उत्तरकाशी में था और ममता भंकोली में रहती थी। 19 किमी का कठिन रास्ता पार कर उत्तरकाशी पहुंचना किसी युवती के लिए आसान नहीं था।

ममता ने हार नहीं मानी। उसने निम का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। हर हफ्ते वह उत्तरकाशी पहुंच कर प्रशिक्षण देने लगी। ममता के हौसले ने आपदा को हारने पर बाध्य कर दिया।

ममता ने किए लीड रोल के स्टंट

uttarakhand mamta in zee tv everest serial.

निम के प्रिंसिपल कर्नल अजय कोटियाल की मदद से ममता ने भंकोली में ही अपना नया मकान बनाया। इसी दौरान एवरेस्ट पर टीवी सीरियल बनाने के लिए आशुतोष गोवारिकर उत्तरकाशी पहुंचे।

उन्होंने जाना कि ममता आपदा पीड़ित है और अपने हिम्मत और जज्बे से यहां तक पहुंची है तो काफी प्रभावित हुए। उन्होंने लीड रोल का बॉडी डबल (स्टंट) भी ममता से ही कराया।

एवरेस्ट पर चढ़ने से लेकर खतरनाक दर्रों को पार करने में ममता ने लीड रोल का बाडी डबल किया है। खुद ममता मान रही है कि यह रोल उसके लिए किसी चुनौती से कम नहीं था।

3 नवंबर से रात दस बजे स्टार प्लस पर एवरेस्ट का प्रसारण होना है। इस सीरियल में आपदाग्रस्त ममता निम में इंस्ट्रक्टरकी भूमिका में नजर आएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed