फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand jhumailo dance on 15 August.

स्वतंत्रता दिवस पर पहाड़ का झुमैलो बढ़ाएगा शान

Sun, 09 Aug 2015 09:21 AM IST
नलिनी गुसाईं/अमर उजाला, देहरादून
नलिनी गुसाईं/अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 09 Aug 2015 09:21 AM IST
विज्ञापन
uttarakhand jhumailo dance on 15 August.

इस बार स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राजधानी दून में पहाड़ की संस्कृति के रंग बिखरते नजर आएंगे। पहली बार इस मौके पर झुमैलो नृत्य होने जा रहा है। नगर निगम में सुबह से शाम तक होने वाला पूरा कार्यक्रम अपनी संस्कृति को समर्पित रहेगा। जिला स्तर से चुनकर आने वाली 13 टीमें यहां प्रस्तुति देंगी। प्रथम विजेता टीम को दो लाख रुपये पुरस्कार राशि के रूप में दिए जाएंगे।

विज्ञापन


संस्कृति विभाग की ओर से स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में 14 अगस्त को होने वाले कार्यक्रम में हर बार जहां सिर्फ मुशायरे का आयोजन किया जाता रहा है। वहीं, पहली बार मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए यह पहल की जा रही है। इसके तहत झुमैलो नृत्य कराया जा रहा है। झुमैलो नृत्य प्रतियोगिता ब्लॉक स्तर पर शुरू हो चुकी है।
विज्ञापन


ब्लॉक में विजेता रहने वाली टीमों को 14 अगस्त को नगर निगम के टाउन हॉल में प्रस्तुति देनी होगी। इस दिन हर जिले से एक-एक टीम यानी 13 टीमें इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगी। इनमें से सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति देने वाली तीन टीमों को मुख्यमंत्री पुरस्कृत करेंगे। इसके बाद मुशायरे का आयोजन होगा। इसके साथ ही विभागों को कुमाऊं की प्रसिद्ध लोक कला एपण बनाकर सजावट करनी होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

जानिए, झुमैलो विजेता टीमों को पुरस्कार राशि

uttarakhand jhumailo dance on 15 August.

प्रथम पुरस्कार - 2 लाख रुपये
द्वितीय पुरस्कार - 1 लाख रुपये
तृतीय पुरस्कार - 75 हजार रुपये

दिया जाएगा खर्चा
तीन पुरस्कारों के अलावा बाकी प्रतियोगियों के लिए सांत्वना पुरस्कार के रूप में आने-जाने का खर्चा रखा गया है। यानी अपने जिलों से प्रतियोगिता स्थल तक पहुंचने का खर्च उन्हें संस्कृति विभाग की ओर से मिलेगा।

ये है एपण
एपण कुमाऊं की प्रसिद्ध लोक कला है। इसे हर शुभ अवसर पर घर में बनाया जाता है। चावल को भिगोकर पीसने के बाद चावल और गैरू से घर के दरवाजे से लेकर दीवार तक में इससे डिजाइन बनाया जाता है।

इनका है कहना
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद संस्कृति सचिव शैलेश बगोली की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। महिला मंगल दल और स्वैच्छिक संस्थाओं की ओर से झुमैलो नृत्य प्रतियोगिता में हिस्सा लिया जा रहा है। ब्लॉक से चयनित होने के बाद 14 अगस्त को जिला स्तर पर यानी नगर निगम में झुमैलो प्रतियोगिता कराई जाएगी। एपण बनाने के लिए भी विभागों को दिशा-निर्देश दिए हैं।
-बीना भट्ट, निदेशक, संस्कृति विभाग

ये है झुमैलो
झुमैलो गढ़वाल का प्रसिद्ध लोकनृत्य और गीत है, जो नव विवाहिता अपने माता-पिता, भाई-बहनों की याद में गाती हैं। इस गीत के माध्यम से महिलाएं ससुराल वालों (अनजान लोगों के बीच) के बीच अपनी करुणा और अन्य भावों को बेहद मर्मस्पर्शी ढंग से रखती हैं। झुमैलो में गायन और नृत्य दोनों ही शामिल होते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed