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उत्तराखंड हाईकोर्ट: मुकदमों की स्वयं पैरवी के लिए जारी व्यवस्था पार्टी इन पर्सन संशोधित, नई नियमावली बनी

Mon, 28 Dec 2020 09:25 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 28 Dec 2020 09:25 PM IST
सार

  • पार्टी इन पर्सन को गठित कमेटी के समक्ष होना होगा प्रस्तुत
  • शपथपत्र देने के बाद ही व्यक्ति पैरवी के लिए होगा पात्र 

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Uttarakhand High Court: Party-in-person revision system issued for self-defense of cases, new rules made
- फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

नैनीताल हाईकोर्ट की ओर से अपने मुकदमों की स्वयं पैरवी के लिए जारी व्यवस्था पार्टी इन पर्सन को संशोधित कर नियमावली तैयार की गई है। नई नियमावली में अपने मुकदमों की स्वयं पैरवी के लिए पार्टी इन पर्सन को जांच के लिए गठित कमेटी के समक्ष प्रस्तुत होना होगा। आवश्यक पड़ताल व पैरवी के लिए दिए गए निर्देशों के क्रम में शपथपत्र देने के बाद ही व्यक्ति पैरवी के लिए पात्र होगा।

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हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल धनंजय चतुर्वेदी ने इस आशय की अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना में कहा गया है कि हाईकोर्ट ने अपने मुकदमों की पैरवी स्वयं करने (पार्टी इन पर्सन) के संबंध में नियमावली बनाई है। नियमों के तहत जो भी व्यक्ति अपने वादों में पार्टी इन पर्सन पैरवी करना चाहते हैं उन्हें इस संबंध में रजिस्ट्री कार्यालय में प्रार्थना पत्र देना होगा। इस प्रार्थना पत्र के क्रम में मुख्य न्यायाधीश की ओर से गठित कमेटी इस पर विचार करेगी।
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पार्टी इन पर्सन कमेटी में रजिस्ट्री कार्यालय के दो अफसर नामित होंगे। कमेटी के अधिकारी आवश्यक जांच आदि के बाद ही संबंधित व्यक्ति को पैरवी के लिए प्रमाण पत्र देंगे। इस दौरान मुख्य रूप से पैरवी करने वाले को कोर्ट डेकोरम, आचरण, बहस की भाषा सहित विभिन्न आवश्यक पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। उसके बाद पार्टी इन पर्सन रहने वाले व्यक्ति को भी कोर्ट की गरिमा के पालन करने का शपथपत्र देना होगा। इसके बाद वह अपने वाद की पैरवी कर सकेगा। 
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उल्लेखनीय है कि अभी तक यह व्यवस्था थी कि कोई भी व्यक्ति अपने केस की पैरवी या बहस बिना अधिवक्ता नियुक्त किए स्वयं कर सकता था। हाईकोर्ट ने कोर्ट की मर्यादा, डेकोरम सहित विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए यह नियमावली बनाई है।


कॉज लिस्ट में नहीं होगा राष्ट्रीय चिह्न
हाईकोर्ट की एक अन्य अधिसूचना के अनुसार अब वादों की सूची (कॉज लिस्ट) में राष्ट्रीय चिह्न प्रकाशित नहीं किया जाएगा। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल धनंजय चतुर्वेदी की ओर से इस आशय की अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दिया गया है।

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