उत्तराखंड: पहली इन्वेस्टर्स समिट से पहले 65 हजार करोड़ के एमओयू साइन करेगी त्रिवेंद्र सरकार
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इन्वेस्टर समिट से पहले प्रदेश सरकार 65 हजार करोड़ के एमओयू विभिन्न निवेशकों के साथ कर लेगी। सरकार ने अभी तक पचास हजार करोड़ के एमओयू हस्ताक्षरित कर लिए हैं। उधर, बुधवार को प्रधानमंत्री कार्यालय ने मुख्य सचिव उत्पल कुमार को दिल्ली बुलाया।
उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार सीएस ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर उन्हें इन्वेस्टर समिट की तैयारियों और केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण से अवगत करवाया है। इन्वेस्टर समिट को सफल बनाने के लिए राज्य सरकार ने पूरी ताकत लगा दी है।
इसके चलते सरकार के प्रयास सार्थक होते दिख रहे हैं। समिट से पहले सरकार ने निवेशकों के साथ तय लक्ष्य से अधिक एमओयू साइन कर लिए हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के अनुसार अभी तक पचास हजार करोड़ के एमओयू हो चुके हैं।
इसमें रोपवे निर्माण, औषधीय पौधों की खेती, सौर और पनविद्युत ऊर्जा, होटल निर्माण के क्षेत्र में करार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि अडानी ग्रुप से गौतम अडानी भी पांच हजार करोड़ के करार करेंगे। वहीं, बुधवार को मुख्य सचिव उत्पल कुमार नई दिल्ली रवाना हुए। प्रधानमंत्री कार्यालय से सीएस को बुलाए जाने के चलते सरकार को कैबिनेट बैठक एक दिन आगे खिसकानी पड़ी।
पांच हजार करोड़ के एमओयू हुए हस्ताक्षरित
रजस एयरोस्पोर्ट्स एंड एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड ने रोपवे निर्माण, एयरो एडवेंचर फैसिलिटी पार्क, सफारी एवं हॉट एयर बेलूनिंग, कैफेटेरिया व लाउंज विकसित करने के लिए 2020 करोड़ रुपये का एमओयू हस्ताक्षर किया गया। कुमार ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के बीच 1160 करोड़ का करार हुआ। इंडियन इंडस्ट्रीज हैंप ऐसोसिएशन के साथ भांग उत्पादन के लिए 650 करोड़ रुपये का एमओयू किया गया। उत्तम शुगर देहरादून के साथ डिस्टलरी उत्पादन के क्षेत्र में 145 करोड़ एमओयू किया गया। गोल्ड प्लस ग्लास इंडस्ट्रीज से 600 करोड़ रुपये का करार हुआ।