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पहाड़ से मुंह चुराने वाले अफसर नपे
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 12 Sep 2014 08:46 AM IST
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सरकारी सिस्टम को ढर्रे पर लाने के लिए उत्तराखंड सरकार एकाएक सक्रिय हो उठी है। पहाड़ी क्षेत्रों में तैनाती से बचने के लिए सिफारिश से ट्रांसफर रुकवाने के जुगाड़ में लगे पांच पीसीएस अफसरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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ऊंची सिफारिश लगवाकर रुकवाए तबादले
इसी तरह के मामलों में पीडब्लूडी के 43 अभियंताओं को भी एडवर्स एंट्री दे दी गई है। सूत्रों के मुताबिक पिछले दिनों जिन डिप्टी कलक्टरों ने ऊंची सिफारिश लगवाकर अपने तबादले रुकवाए, उन पर कार्रवाई के लिए सरकार सक्रिय हो गई है।
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इनमें ऊधमसिंह नगर ऊधमसिंह नगर में तैनात हिमालय सिंह मार्तोलिया, देहरादून में तैनात रामजीशरण शर्मा, हरिद्वार में तैनात मायादत्त जोशी, चम्पावत में तैनात यशवंत सिंह राठौर, उत्तरकाशी में तैनात हरिगिरी हैं।
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प्रमुख सचिव कार्मिक सुखबीर सिंह संधू ने इन अफसरों द्वारा सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली-2002 का उल्लंघन पाते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए है। कार्मिक विभाग ने बाकी अधिकारियों के लिए चेतावनी जारी की है कि अगर किसी ने तबादला रुकवाने के लिए सिफारिश लगवाई तो ऐसी ही कार्रवाई होगी।
ऐसे ही मामलों में पीडब्लूडी के 43 अभियंताओं पर भी गाज गिर गई है। विभागीय प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह संधू ने बताया है कि पर्वतीय जिलों में कमी के मद्देनजर मैदानी क्षेत्रों से एई व जेई के तबादले किए थे। लेकिन कई ने ट्रांसफर आदेश का पालन नहीं किया।
तय तिथि तक नई जगह कार्यभार ग्रहण न करने वाले 9 सहायक अभियंताओं व 30 कनिष्ठ अभियंताओं की चरित्र पंजिका में विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दे दी गई है। चार ऐसे अधिशासी अभियंताओं को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है जिन्होंने अपने मातहत एई व जेई को ट्रांसफर आदेश के बावजूद कार्यमुक्त नहीं किया।
संधू ने बताया कि अभी भी यदि किसी अभियंता ने नई जगह ज्वाइनिंग नहीं दी तो सस्पेंड करने के साथ ही कार्रवाई का विवरण उनकी व्यक्तिगत पत्रावली में रखा जाएगा ताकि भविष्य में पदोन्नति केसमय उसका संज्ञान लिया जा सके।
कहीं कार्रवाई, कहीं अवहेलना की छूट
शासन के आदेशों की अवहेलना करने पर फील्ड के अफसरों के खिलाफ तो कार्रवाई का अभियान शुरू हो गया लेकिन सरकार के आदेशों की अवहेलना शासन में बैठे वरिष्ठ अफसर ही कर रहे है।
लगभग दस दिन पहले आईएएस अफसर विनोद शर्मा को 10 दिन पहले गृह विभाग से हटाकर प्रभारी सचिव-गन्ना व चीनी नियुक्त किया गया था। लेकिन वह फिर भी गृह विभाग में जमे हैं। मुख्य सचिव ने इस मामले में प्रमुख सचिव-कार्मिक व प्रमुख सचिव-गृह से जवाब मांगा है।
मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने कहा है कि यदि विनोद शर्मा को जल्द कार्यमुक्त नहीं किया तो शासन के आदेश की अवहेलना का मामला बनेगा और प्रमुख सचिव गृह से भी स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
कई डिप्टी कलक्टर बदले
शासन ने देर शाम पांच डिप्टी कलक्टरों का तबादला कर दिया है।
अपर सचिव कार्मिक रमेश चंद्र लोहनी ने बताया है कि हरिद्वार से डिप्टी कलक्टर मायादत्त जोशी को पौड़ी, ऊधमसिंहनगर से डिप्टी कलक्टर त्रिलोक सिंह मार्तोलिया को पिथौरागढ़, देहरादून से डिप्टी कलक्टर एनएस डांगी को पिथौरागढ़, हरिद्वार से डिप्टी कलक्टर सोहन सिंह को पौड़ी व चम्पावत से डिप्टी कलक्टर नंदन सिंह नगन्याल अल्मोड़ा भेजा गया है।