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हाईकोर्ट के फैसलों से उत्तराखंड सरकार हलकान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 22 Jun 2018 10:42 AM IST
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नैनीताल उच्च न्यायालय
- फोटो : file photo
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एक के बाद एक हाईकोर्ट के फैसलों से सरकार हलकान है। तमाम याचिकाओं पर जिस तरह से हाईकोर्ट ने अहम फैसले दिए हैं, उनके अनुपालन को लेकर सरकार असहज है। इनमें से कुछ मामलों को लेकर वह डबल बेंच में जाने पर विचार कर रही है। वैसे, कुछ मामलों में ये भी देखा जा रहा है कि किस तरह से हाईकोर्ट के फैसलों का समयबद्ध ढंग से पालन किया जा सकता है।
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हाईकोर्ट के फैसले इन दिनों सरकार की नींद उड़ा रहे हैं। इससे पहले, नगर निकायों से संबंधित मामलों में हाईकोर्ट के फैसलों ने सरकार को असहज किए रखा। कई मामलों में एलान के बावजूद सरकार अब भी डबल बेंच में नहीं जा पाई है। दून का मास्टर प्लान रद्द करने के अलावा नजूल भूमि 2009 को खारिज कर देने के बाद सरकार आगे का रास्ता तलाश रही है। अतिक्रमण पर हाईकोर्ट ने जिस तेजी से कार्रवाई की अपेक्षा की है, सरकार को उसमें व्यवहारिक दिक्कतें भी दिख रही हैं।
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हालांकि सरकार अतिक्रमण पर ठोस कार्रवाई करने के पक्ष में हैं। इसी तरह, आवारा कुत्तों को लेकर हाईकोर्ट के फैसले पर ठोस अमल के लिए सरकार रास्ते तलाश रही है। इधर, कैबिनेट मंत्री/शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक का कहना है कि दो-तीन दिन के भीतर सारे मसलों पर निर्णय ले लिया जाएगा। हाईकोर्ट के फैसलों का अध्ययन किया जा रहा है। सरकार जिन मामलों में डबल बेंच की आवश्यकता महसूस करेगी, वहां उसी अनुरूप फैसला किया जाएगा। जहां हाईकोर्ट के फैसले का पालन करने की स्थिति होगी, वहां इसी अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
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