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मोदी सरकार पर धावा बोलेगी उत्तराखंड सरकार

Fri, 12 Dec 2014 01:49 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 12 Dec 2014 01:49 PM IST
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uttarakhand government protest against modi government.

केंद्रीय योजना आयोग भंग होने के बाद के दौर में उत्तराखंड सत्ता पक्ष ने केंद्र के खिलाफ मोर्चा खोल लिया है। मुख्यमंत्री हरीश रावत बैठक में पहले ही विरोध जता ही चुके हैं।

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अब कांग्रेस 18 दिसंबर को दिल्ली में केंद्र के खिलाफ धरना देने की तैयारी में जुट गई है। बतौर प्रेक्षक कांग्रेस प्रदेश महामंत्री विजय सारस्वत और कांग्रेस प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप प्रदेश के दौरे पर निकल भी पड़े हैं।
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18 दिसंबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित धरना प्रदर्शन में मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश के अन्य कांग्रेस कैबिनेट मंत्रियों और संगठन के पदाधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है।
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कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश आपदा से प्रभावित है और केंद्र सरकार राजनीतिक चश्मे से स्थिति का आकलन कर रही है। पुनर्निर्माण और पुनर्वास के लिए केंद्र से बार-बारमदद का आग्रह किया जा रहा है पर सब बेनतीजा है। ऐसे में 18 दिसंबर को जंतर-मंतर पर धरना देकर विरोध जताया जाएगा।

उत्तराखंड के लोगों को प्रतिनिधित्व देने की मांग

uttarakhand government protest against modi government.

दूसरी तरफ प्रदेश ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड मूल के लोगों को अधिक प्रतिनिधित्व देने की मांग भी की है। इसके लिए दिल्ली में 14 दिसंबर को महापंचायत बुलाई गई है।

कांग्रेस प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप के मुताबिक उत्तराखंड एकता मंच के नाम से दिल्ली में रह रहे प्रवासी उत्तराखंडियों ने अलग से संस्था गठित की है। सीएम ने भी महापंचायत का समर्थन किया है।

उनका कहना है कि दिल्ली में उत्तराखंडियों को उनकी संख्या के हिसाब से भी विधानसभा चुनाव में प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए।

सीएम खुद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से आग्रह करेंगे कि कांग्रेस उत्तराखंड मूल के लोगों को टिकट दे। दिल्ली में करीब 10 लाख उत्तराखंड मूल के लोग हैं। इस हिसाब से कम से कम पांच टिकट मिलने चाहिए।

...तो सरकार की निगरानी में भी जुटा संगठन

अगर पार्टी सूत्रों की माने तो मंत्रियों के काम-काज का आकलन करने के लिए पार्टी हाईकमान ने एआइसीसी को भी जिम्मा सौंप दिया है। बताया जा रहा है कि इस काम को अंजाम देने के लिए एआईसीसी पदाधिकारियों ने उत्तराखंड के दौरे भी शुरू कर दिए हैं।

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