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एस्मा लगाने से डर रही उत्तराखंड सरकार

Sun, 02 Nov 2014 10:32 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 02 Nov 2014 10:32 AM IST
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uttarakhand government fear of ESMA.

हड़ताली मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों पर एस्मा लगाने के हाईकोर्ट के निर्देश का चार दिन बाद भी उत्तराखंड सरकार पालन नहीं कर पाई है।

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कर्मचारियों को नाराज नहीं करना चाहती सरकार

सरकार की दुविधा यह है कि वह मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों की हड़ताल तो खत्म कराना चाहती है, लेकिन उन्हें नाराज नहीं करना चाहती है। दूसरी तरफ मिनिस्ट्रीयल हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि अगर सरकार ने एस्मा लगाया तो वह हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

वहीं, कानून के जानकारों का कहना है कि हाईकोर्ट मामले में मुख्य सचिव को तलब कर कोर्ट की अवमानना की कार्यवाही कर कसता है। शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री हरीश रावत हड़ताली कर्मचारियों के प्रति काफी नरम नजर आए। उन्होंने कहा कि मिनिस्ट्रियल कर्मचारी हमारे भाई हैं।
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उन्हें हड़ताल से वापस आ जाना चाहिए। अगर हड़ताल से नहीं लौटते हैं तो हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करना सरकार का कर्तव्य है। दूसरी ओर, कानून के जानकार सरकार की सुस्ती को कोर्ट की अवमानना करार देते हैं।
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वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रशेखर तिवारी के मुताबिक हाईकोर्ट इस मामले में मुख्य सचिव को तलब कर कोर्ट की अवमानना की कार्यवाही कर सकता है। जनहित में आदेश का पालन कराना सरकार और शासन का काम है। जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता आरएस राघव बताते हैं कि अब तक एक भी हड़ताली कर्मचारी पर एस्मा की कार्रवाई नहीं हुई, यह कोर्ट की अवमानना है।

एस्मा लगा तो हाईकोर्ट से लाएंगे स्टे
कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संघ ने अपनी मांगों पर शासन से वार्ता की इच्छा जताई है। पदाधिकारियों का कहना है कि वे वार्ता के लिए तैयार हैं, लेकिन अगर सरकार ने एस्मा लगाया तो वे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। संघ ने डबल बेंच में याचिका दायर करने की तैयारी कर ली है।

शनिवार को कलक्ट्रेट परिसर स्थित धरनास्थल पर वक्ताओं ने कहा कि एस्मा लगा तो सभी कर्मचारी सड़कों पर आ जाएंगे। संघ के प्रांतीय महामंत्री आशीष वर्मा ने बताया कि संघ चार सूत्री मांगों पर आंदोलनरत है।


नायब तहसीलदारी में कोटा बहाली ही अकेली मांग नहीं है। जब तक उनकी मांगों से संबंधित शासनादेश नहीं आ जाता आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों ने बताया कि सोमवार को नैनीताल हाईकोर्ट की डबल बेंच में रिव्यू पेटीशन दाखिल की जाएगी।

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