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उत्तराखंड में आफत की बारिश, मैदान से लेकर पहाड़ तक मचा हाहाकार

Mon, 18 Jul 2016 02:23 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 18 Jul 2016 02:23 PM IST
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uttarakhand facing flood due to heavy rain
disaster in uttarakhand - फोटो : amar ujala

उत्तराखंड में शुक्रवार से लगातार हो रही बारिश सोमवार को भी जारी रही। राजधानी देहरादून सहित अन्य पहाड़ी इलाकों में बारिश होने से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया।

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गढ़वाल के पहाड़ी इलाकों के साथ ही हरिद्वार और रुड़की में भी बारिश ने कहर बरपाया है। यहां खानपुर लक्‍सर मार्ग का सपर्क कटा हुआ है। लक्सर के सीमली, कोतवाली रोड और मेन बाजार में बाढ़ का पानी घुसने से लोग दहशत में हैं।
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रुड़की में बारिश से दूसरे दिन भी जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शहर और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को करोड़ों की नुकसान होने की खबर है। लक्सर के एक घर में ही आंगन में भरे पानी में गिरकर एक युवक की मौत हो गई। मृतक का नाम हिमांशु (24) पुत्र नरेंद्र है। मृतक हाइड्रोफिया का मरीज था। यहां एक अन्य हादसे में लकड़ी चुनने के चक्कर में एक युवक कोर कालेज के पास रतमऊ नदी में बह गया। युवक बढेड़ी राजपूतान का निवासी था। रुड़की में कई गांवों में ग्रामीण बेघर हो गए हैं।
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पिछले तीन दिन से मूसलाधार बारिश होने से हरिद्वार जिले में बुरा हाल है। जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई है। पानी भरने से नेशनल हाईवे बाधित हो गया है। संवेदनशील स्थिति को देखते हुए पुलिस ने रूट डायवर्ट कर दिया है। रुड़की जाने वाले बाहरी वाहन लक्सर से जा रहे हैं। हल्के वाहन गंगनहर से रुड़की की ओर निकाले जा रहे हैं। 

पर्वतीय क्षेत्र में हो रही बारिश से ऋषिकेश के गंगा का जल स्तर भी लगतार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को सुबह 11 बजे गंगा का जल स्तर 339.40 मीटर तक पहुंच गया, जो खतरे के निशान से 10 सेंटी मीटर नीचे है। चंद्रभागा के जलस्तर में भी लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। उधर, रविवार रात को थमे रहने के बाद सोमवार सुबह से उत्तरकाशी में फिर बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे पर जगह-जगह भूस्खलन से यातायात अवरुद्ध होने के साथ बहाली के प्रयास जारी हैं। यात्रा मार्ग पर रुक-रुक कर यातायात जारी है।

जोशीमठ स्थित नव निर्मित केंद्रीय विद्यालय भवन की दीवार लगातार बारिश के कारण धराशायी हो गई। 2015 मई में नव निर्मित भवन का उद्घाटन हुआ था। लगातार हो रही बारिश के कारण सोमवार की सुबह 4 बजे विद्यालय की दीवार गिर गई और दीवार से लगी हुई पार्किंग में स्थित अनेक गाड़िया व बाइक्स मलबे में दब गए।

यहां लगातार मलबा गिर रहा है। इसे देखते हुए तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा की लिहाज से विद्यालय आगामी दो दिन के लिए बंद कर दिया गया। वहीं चमोली जनपद में रविवार रात से बारिश थम गयी है। घाटियों में घना कोहरा छाया हुआ है। बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में अभी भी बंद पड़ा है। बीआरओ के अधिकारी सोमवार सुबह 11 बजे तक हाईवे को सुचारू करने की बात कह रहे हैं। कर्णप्रयाग में रविवार रात से बारिश न होने की सूचना है।

लगातार बारिश से देवभूमि में तबाही

uttarakhand facing flood due to heavy rain
uttarakhand rains

तीन दिन से हो रही मूसलाधार बारिश ने रविवार को देवभूमि में भारी तबाही मचाई। जहां-तहां सड़कें बंद हैं। जनजीवन अस्त-व्यस्त है और नदियां उफान पर है। ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर नरेंद्रनगर बाईपास पर एक कार मलबे में दब गई। इसमें सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

उधर, हरिद्वार के जमानपुर खुर्द गांव की सड़क पर आए तेज बहाव में तीन ग्रामीण बह गए। इनमें से एक को बचा लिया गया, जबकि दो का देर रात तक पता नहीं लग पाया। बीरोखाल के बैजरो पोखड़ा मोटर मार्ग पर भी कोलादरिया गांव के पास सड़क का पुश्ता ढहने से डीजल से भरा टैंकर गदेरे में जा गिरा। चालक और सहचालक ने टैंकर से कूदकर जान बचाई।

हरिद्वार में ट्रैक पर मलबा आने से पांच घंटे तक ट्रेनों का संचालन पूरी तरह बाधित रहा। हाईवे पर पानी आने से वाहनों की रफ्तार भी घंटों थमी रही। सीएम हरीश रावत को रविवार को लोहाघाट जाना था, लेकिन खराब मौसम के चलते उनका दौरा टल गया।

गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार दोपहर साढ़े बारह बजे भारी बारिश के बीच राजमहल बाईपास के ऊपरी हिस्से में भारी भूस्खलन से मलबा नरेंद्रनगर बाजार जाने वाले मार्ग पर फैल गया। हरिद्वार में रानीपुर कोतवाली क्षेत्र के जमालपुर खुर्द गांव की शिव विहार कालोनी में तेज गति से घुसे पानी की चपेट में आने से तीन युवक बह गए। इनमें से एक युवक को बचा लिया गया। जबकि दो का पता नहीं चल पाया।

लापता युवक पौड़ी और कुमाऊं के रहने वाले हैं। कालोनी में किराये के मकान में रहने वाले ये युवक पानी देखने बाहर निकले थे। लेमपुर तिराहे से कुछ दूरी पर तीनों युवक तेज बहाव की चपेट में आ गए। इनमें से युवक योगेश को आसपास के लोगों ने किसी तरह बचा लिया, जबकि दो युवक बहे गए। बहने वाले युवकों की पहचान परविंद्र (36) पुत्र शंकर लाल निवासी परसूडाखाल पौड़ी गढ़वाल और दीपक (22) निवासी कुमाऊं मंडल के रूप में हुई है। तीन युवक सिडकुल की औद्योगिक इकाई में काम करते हैं।

हरिद्वार में 50 से ज्यादा मकानों में घुसा बरसाती पानी

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heavy water logging - फोटो : amar ujala

हरिद्वार में पथरी क्षेत्र के पदार्था और गैंडीखाता की गुर्जर बस्ती में 50 से ज्यादा मकानों में बरसाती नालों का पानी घुस आया है। भगवानपुर में तीन कच्चे मकान गिर गए हैं। जबकि एक मुर्गी फार्म हाउस में जलभराव होने से दो हजार मुर्गी के बच्चे मर गए हैं। सोलानी नदी का तटबंध टूटने से जोगावाला गांव के दर्जनों घरों में पानी घुस गया है।

बदरीनाथ के यात्रियों को जोशीमठ, पांडुकेश्वर और बदरीनाथ धाम में रोका गया है। कोठियाड़ा गांव के 23 और परिवारों ने घरों में मलबा घुसने से स्कूल में शरण ली है। सिंगोरी गांव में भूस्खलन से एक मकान दब गया। पाबौ ब्लॉक के घुड़दौड़स्यू पट्टी के ग्राम पीपली में मकान के धराशायी होने से एक युवक जख्मी हो गया। गंगोत्री धाम में स्नान घाट आदि क्षतिग्रस्त हो गए। जोशीमठ-मलारी हाईवे रविवार को ग्यारह घंटे तक बाधित रहा। भारी बारिश के दौरान तड़के तीन बजे जोशीमठ-मलारी हाईवे सलधार और झेलम गांव के पास चट्टान से मलबा और बोल्डर आने से अवरुद्ध हो गया था।

लगातार बारिश से ग्वालदम से नंदकेशरी को जाने वाला मोटर मार्ग करीब 20 मीटर धंस गया। कोटद्वार में पदमपुर-सिमलचौड़ मार्ग पर सड़क किनारे खड़ा एक भारी-भरकम पेड़ मकान और खोखा पर गिर गया। इससे गुजर रहे राहगीरों ने भागकर जान बचाई। पुश्ता ढहने से पोखड़ा बैंजरों-गैरसैण मोटर मार्ग पर यातायात बाधित हो गया।

अधिकारी भी बाल-बाल बचे
रुद्रप्रयाग कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी आवास के पीछे पुश्त ढहने से डीएम बाल-बाल बचे। पुश्ते के मलबे से परिसर में खड़े दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। उधर, नरेंद्रनगर में पहाड़ी से आए मलबे के बाद मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष मो. अकरम पहाड़ी से बड़ा पत्थर नीचे आ गिरने से बाल-बाल बचे। पहाड़ी से पत्थर गिरता देख वहां मौजूद लोगों के शोर मचाने पर एसओ वहां से हट गए।

यह सड़क मार्ग हैं बंद
बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग 
ऋषिकेश-गंगोत्री राजमार्ग
चमोली जिले के 61 मार्ग 
कैलास-मानसरोवर मार्ग  
जोशीमठ-मलारी राजमार्ग
पोखड़ा बैंजरों-गैरसैण मार्ग
पिथौरागढ़-तवाघाट हाईवे 

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