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पूर्व सीएम हरीश रावत ने भरा जोश, कहा ‘जलजलों के खौफ से क्या घर बनाना छोड़ दें’
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 01 Jun 2018 08:31 AM IST
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हादसों की जद में हैं तो क्या/ मुस्कराना छोड़ दें/ जलजलों के खौफ से क्या/ घर बनाना छोड़ दें। थराली उपचुनाव का नतीजा कांग्रेस के खिलाफ आने पर पूर्व सीएम हरीश रावत की पहली प्रतिक्रिया ये ही थी।
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उनके फेसबुक पेज पर ये इबारत उभरी तो एक बात साफ हो गई। हरीश रावत कार्यकर्ताओं को अगले चुनावी समर के लिए अपने अंदाज में तैयार कर रहे हैं। उनमें जोश भरने के लिए वह सक्रिय हो गए हैं। बकौल-हरीश रावत, हम जीतते-जीतते हार गए हैं। भाजपा का पैसा हमारे कार्यकर्ताओं की मेहनत पर भारी पड़ा है।
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2017 में विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस फिर से खड़ा होने का प्रयास कर रही है। पूर्व सीएम हरीश रावत कार्यकर्ताओं के बीच लगातार सक्रिय रहने की कोशिश में है। उनका ये ही मानना है कि प्रतिकूल स्थितियों में कार्यकर्ताओं का बढ़ा हुआ मनोबल ही कांग्रेस की नैया को पार लगाएगा। इसलिए थराली उपचुनाव में हार होने के बाद फेसबुक पेज पर कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाता संदेश उन्होंने जारी कर दिया। हरीश रावत ने अपनी बात कहने के लिए जिस शायरी का सहारा लिया है, वह अपने आप में बहुत कुछ कह रहा है। वह बता रहा है कि कांग्रेस के लिए जलजले थमे नहीं हैं, लेकिन इस डर से घर बनाना नहीं छोड़ा जा सकता। ‘अमर उजाला’ को अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बाद में पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा-हम सबने मेहनत की। मुझे नहीं लगता कि हमारे पार्ट पर कहीं कमी रही है, लेकिन भाजपा का पैसा चुनाव को प्रभावित कर गया है।
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कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने का प्रयास प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भी किया। थराली की हार पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने थराली में अपनी ताकत दिखाई है। सत्तारूढ़ पार्टी होने के बावजूद भाजपा को जीत आसानी से नहीं मिली है। कार्यकर्ताओं की यही एकजुटता और मेहनत निकाय और अन्य चुनाव में पार्टी को शानदार जीत दिलाएगी।