फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand election 2022: Some work is done not for votes but for society says Chief Minister Pushkar Singh Dhami

उत्तराखंड चुनाव 2022: कुछ काम वोटों के लिए नहीं समाज के लिए होते हैं- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

Wed, 29 Dec 2021 02:09 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 29 Dec 2021 02:09 PM IST
सार

हरिद्वार में धर्म संसद विवाद पर मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हम सभी धर्मों का आदर करते हैं। हम न्याय के आधार पर काम करते हैं, तुष्टिकरण के आधार पर नहीं।

विज्ञापन
uttarakhand election 2022: Some work is done not for votes but for society says Chief Minister Pushkar Singh Dhami
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कुछ काम वोटों के लिए नहीं बल्कि समाज और देश के लिए होते हैं। देवस्थानम प्रबंधन कानून पर मैंने तत्काल निर्णय नहीं लिया। वरिष्ठ नेता की अध्यक्षता में कमेटी बनाई। कमेटी की रिपोर्ट पर मंत्रिमंडलीय उपसमिति ने रिपोर्ट दी और उसके आधार पर निर्णय हुआ।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री न्यूज चैनल आज तक के उत्तराखंड की पंचायत कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने धर्मांतरण विरोधी कानून और मजबूत करने की बात कही। हमारी कोशिश है कि उत्तराखंड की शांति और सौहार्य का स्वरूप नहीं बिगड़े। बाहर से जो लोग आ रहे हैं, उनका सत्यापन होना चाहिए। बहुत से लोग राज्य में बसें हैं, जिनका रिकार्ड खराब रहा है। हरिद्वार में धर्म संसद विवाद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी धर्मों का आदर करते हैं। हम न्याय के आधार पर काम करते हैं, तुष्टिकरण के आधार पर नहीं।
विज्ञापन


केदारनाथ, काशी का पुननिर्माण और अयोध्या राम मंदिर निर्माण का श्रेय उन्होंने प्रधानमंत्री को दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने नई कार्यसंस्कृति पैदा की। कहा कि इसका प्रभाव यह है कि जो कभी धर्म की बात नहीं करते थे, वह धर्म की बात करने लगे हैं। जो कर्म नहीं करते थे, अब उनको मजबूरी में कर्म करने पड़ रहे हैं। जो मंदिर नहीं जाते थे, वो मंदिर जा रहे हैं। कहा कि कुछ लोग नकली जनेऊ भी पहनने लगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


Uttarakhand Election 2022: चुनावी समर में सीट बदलकर कोई बना हीरो तो कोई हुआ जीरो, खास रिपोर्ट

जितने भी ओवर बचे हैं, रन पूरे बना दूंगा
मुख्यमंत्री के तौर पर कम समय मिलने के सवाल पर धामी ने कहा कि अब जितने भी ओवर बचे हैं, वह पूरे रन बना देंगे। तीन-तीन मुख्यमंत्री बदलने के सवाल पर सीएम ने कहा कि कभी कभी ऐसी स्थितियां बन जाती हैं। लेकिन सबकुछ वही है, बस चेहरा बदल गया है। सरकार वही है। नीतियां वही हैं। मैं छोटा हूं, सभी का दुलार मिलता है। अपने बड़ों से मैं सीखता हूं। धामी ने कहा कि हमारी पार्टी लोकतांत्रिक व्यवस्था से चलने वाली पार्टी है। किसी भी कार्यकर्ता को कोई भी दायित्व दे दिया जाता है। जब दायित्व दे दिया जाता है तो सारे लोग उसका सहयोग करते हैं।

पूर्व सरकार में घोषणाएं जमीन पर नहीं उतरीं
धामी ने कहा कि पूर्व सरकार में बड़ी-बड़ी घोषणाएं हुईं, जमीन पर नहीं उतरीं। हमने जो शिलान्यास किए, उनपर धरातल पर काम किया। हम काम करने पर विश्वास करते हैं। सीएम ने कहा कि विपक्ष मुद्दाविहीन है वह घिसी पिटी बातें कर रहा है। विपक्ष की आलोचनाओं से मुझे ऊर्जा मिलती है और काम करने की प्रेरणा है। मुख्यमंत्री ने केदारनाथ में पुनर्निर्माण के तीसरे चरण का कार्य अप्रैल में शुरू होगा। उन्होंने पीएम मोदी को श्रेय दिया और उन्हें कर्मयोगी बताया। कहा कि विपक्ष उनके हर काम पर प्रश्न खड़े करता है।

उत्तराखंड में मिथक टूटेगा, पहली बार साठ पार होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड विधानसभा के चुनाव में मिथक टूटेगा। भाजपा की सरकार बनेगी और पहली बार सीटों की संख्या साठ के पार होगी। आम आदमी पार्टी के बारे में मख्यमंत्री ने कहा कि उनका एजेंडा केवल चुनाव है। पहाड़ के लोग स्वाभिमानी है, मुफ्त की चीजों में विश्वास नहीं करते। मुख्यमंत्री ने कहा कि गैरसैंण हमारी भावनाओं का केंद्र है। हमारी सरकार ने उसे ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया। वह विकास की संभावना का केंद्र बिंदु है, उसे आगे बढ़ाएंगे।

आपदा प्रबंधन का केंद्र मिलेगा
सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार से हमें आपदा प्रबंधन का केंद्र मिलेगा, जो सारे देश के काम आएगा। धामी ने कहा कि 2025 में राज्य के रजत जयंती वर्ष तक उत्तराखंड को देश का अग्रणीय राज्य कैसे बनाया जाना है, इसके लिए सरकारी विभागों से 10 साल का रोडमैप मांगा गया है।
 

Trending Videos

जनमत संग्रह करा लें, आम जन देवस्थानम बोर्ड के पक्ष में - त्रिवेंद्र सिंह रावत

पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उनकी सरकार में बने चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड और भू कानून बनाए जाने का समर्थन किया है। उन्होंने दावा किया जनमत संग्रह करा लें, देश का आम आदमी देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के पक्ष में है। त्रिवेंद्र देहरादून के एक होटल में आयोजित आज तक उत्तराखंड पंचायत कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह के साथ बहस में शामिल थे। त्रिवेंद्र सरकार के समय लिए गए फैसलों को तीरथ व धामी सरकार में बदलने से जुड़े प्रश्न पर त्रिवेंद्र ने अपनी सरकार में लिए गए फैसलों का बचाव किया। उन्होंने कहा कि 2017 में सरकार बनने के चार साल के दौरान ऐतिहासिक कार्य किए। उन्होंने अल्पकालिक नहीं बल्कि दीर्घकालिक सोच के आधार पर ये निर्णय लिए।

त्रिवेंद्र ने कहा कि चारधाम आने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकार की यह सोच थी कि 2025 तक यात्रियों की संख्या एक करोड़ तक पहुंच सकती है। इतने अधिक यात्रियों की व्यवस्था समिति के माध्यम से संभव नहीं। इसलिए देवस्थानम बोर्ड बनाने का निर्णय लिया।  हालांकि, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह सवाल दागा कि फिर आपकी ही सरकार ने इसे वापस क्यों लिया। भू कानून पर प्रीतम के सवाल पर त्रिवेंद्र ने तर्क दिया कि उत्तराखंड सीमांत राज्य है। सीमांत इलाकों में नागरिकों बसाए रखना जरूरी है, लेकिन वह तभी रुकेंगे जब उन्हें रोजगार मिलेगा। पहाड़ की 90 प्रतिशत भूमि असिंचित है। बंजर भूमि पर पानी पहुंचाना संभव नहीं। निवेशक को बढ़ावा देने के लिए हमने कानून में संशोधन किया, ताकि रोजगार के अवसर पैदा हों। 

त्रिवेंद्र जी आपने जो कदम बढ़ाए आपकी सरकार ने वापस क्यों लिए
नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने त्रिवेंद्र सिंह रावत के सामने सवाल पर सवाल दागे। उन्होंने पूछा कि आपने जो कदम बढ़ाए थे, उन कदमों वर्तमान सरकार पीछे क्यों खींच रही है। गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया एक दिन भी राजधानी संचालित नहीं की। आपने गैरसैंण को कमिश्नरी बनाया, जिला प्राधिकरण का निर्णय लिया। आपकी सरकार ने उन्हें कमेटी के हवाले कर दिया। देवस्थानम बोर्ड बनाया, आपकी सरकार ने वापस ले लिया। भू कानून को भी समिति के हवाले कर दिया। 

व्यक्ति राजनीतिक दल से ऊपर नहीं होता : प्रीतम 
नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि व्यक्ति राजनीतिक दल से ऊपर नहीं होता। पहली प्राथमिकता राजनीतिक दल को मजबूत करने की है। उन्होंने खुद को पार्टी का बहुत छोटा कार्यकर्ता बताया। कहा कि जब पार्टी उन्हें जिम्मेदारी दी तो वातावरण के कांग्रेस के पक्ष में नहीं था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed