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Uttarakhand Election 2022: कर्णप्रयाग विधानसभा सीट के गांवों में खंडहर मकान कर रहे अपनों का इंतजार

Thu, 20 Jan 2022 11:35 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal संवाद न्यूज एजेंसी, कर्णप्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, कर्णप्रयाग Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 20 Jan 2022 11:35 AM IST
सार

हालत यह है कि कई गांवों में सिर्फ बुजुर्ग हैं। राज्य निर्माण के बाद क्षेत्र के विकास गति नहीं पकड़ पाया। आज भी सड़कों की हालत बदतर है, अस्पतालों में डॉक्टर और शिक्षण व तकनीकी संस्थानों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है।

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Uttarakhand Election 2022: Karnprayag assembly seat villages Waiting for loved ones
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

विस्तार

पलायन की त्रासदी झेल रहे कर्णप्रयाग के गांवों में बंद मकान अपनों के आने का इंतजार कर रहे हैं। अधिकांश युवा रोजगार की तलाश में देहरादून व दिल्ली को पलायन कर चुके हैं। हालत यह है कि कई गांवों में सिर्फ बुजुर्ग हैं। राज्य निर्माण के बाद क्षेत्र के विकास गति नहीं पकड़ पाया। आज भी सड़कों की हालत बदतर है, अस्पतालों में डॉक्टर और शिक्षण व तकनीकी संस्थानों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है।

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उत्तर प्रदेश के दौर में विधानसभाओं के परिसीमन के समय गढ़वाल जिले में बदरीनाथ और केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र थे। 1960 में चमोली जिले के गठन के बाद 1972 में बदरी-केदार और कर्णप्रयाग विधानसभा सीट का गठन हुआ।
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कर्णप्रयाग विधानसभा सीट में चमोली जिले के गैरसैंण व कर्णप्रयाग ब्लॉक व नारायणबगड़ ब्लॉक की दो न्याय पंचायतों नौली व नैनीसैंण (जो वर्तमान में कर्णप्रयाग ब्लॉक में हैं) और पौड़ी जनपद के थलीसैंण, पाबौ, पोखड़ा तथा बीरोंखाल का आधा हिस्सा व खिर्सू ब्लॉक का चौथाई हिस्सा शामिल था। राज्य निर्माण के बाद 2002 विधानसभा परिसीमन के समय कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र से पौड़ी जनपद के क्षेत्र को हटाकर थलीसैंण विधानसभा क्षेत्र बना दिया गया था।
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कर्णप्रयाग विधानसभा एक नजर में
मतदेय स्थल- 174
कुल मतदाता- 93880
पुरूष मतदाता- 47058
महिला मतदाता- 46822

अब तक के विधायक
राज्य बनने से पहले के विधायक
चंद्र सिंह रावत- 1952 से 1957 तक।

राज्य निर्माण से पूर्व (विधानसभा क्षेत्र बदरीनाथ में)
घनश्याम डिमरी- 1957 से 1962 और फिर 1962 से 1967 तक।
योगेश्वर प्रसाद खंडूड़ी- 1967 से 1969 तक, कांग्रेस।
शेर सिंह दानू- 1969 से 1974 तक, जनसंघ।
डॉ. शिवानंद नौटियाल- 1974 से 1991 तक पांच बार, कांग्रेस।
डॉ. रमेश पोखरियाल-1991 से 2001 तक, तीन बार, बीजेपी।

उत्तराखंड राज्य बनने के बाद
अनिल नौटियाल, 2002 से 2012 तक, दो बार, भाजपा।
डॉ. अनसुया प्रसाद मैखुरी- 2012 से 2017 तक, कांग्रेस।
सुरेंद्र सिंह नेगी- 2017 से 2022 तक, भाजपा। 

प्रमुख मुद्दे
1- गांवों व शहरों में रोजगार, पलायन बंदरों के आतंक से लोग परेशान।
2- भराड़ीसैंण में सचिवालय बनाकर राजधानी संचालित करना है चुनौती।
3- गैरसैंण में पेयजल के लिए प्रस्तावित झील का निर्माण व बीएड कॉलेज की स्थापना।
 4- विस क्षेत्र में मेडिकल व इंजीनियरिंग कालेज व केंद्रीय विद्यालय की स्थापना।
5- धुनारघाट-बाटाधार मोटर मार्ग को एनएच में शामिल किया जाए।
6- सिमली में बेस अस्पताल का संचालन जल्द कराया जाए।
7- आदिबदरी के नौना-पंया में सड़क पहुंचाने की चुनौती।
8- आदिबदरी में तहसील भवन का निर्माण।

एएनएम सेंटर, पटवारी चौकी और सहकारी समिति के भवनों पर ताले लटके हैं। सड़कें बद से बदतर हो गई हैं। अब आने वाली सरकार से उम्मीद है कि समस्याओं का समाधान होगा।
- प्रताप सिंह गढ़वाली, सामाजिक कार्यकर्ता, रोहिड़ा

कर्णप्रयाग विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी ने बहुत विकास किया है। जिन गांवों में सड़क जाने की आशा नहीं थी वहां उन्होंने सड़कें पहुंचाई हैं। उन्होंने विधायक निधि का प्रयोग अच्छे कामों में किया है और क्षेत्र के हर जरूरतमंद आदमी की सहायता की है। वे  विकास के लिए समर्पित हैं।
-बलवीर कठैत, मेलचौंरी

सिमली और कर्णप्रयाग में पिंडर नदी के कटाव से बरसात में लोग काफी परेशान रहते हैं। नई सरकार से उम्मीद है नदी किनारे रहने वालों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। साथ ही सिमली बेस अस्पताल का संचालन कर वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की उम्मीद भी है।

- गोर्वधन डिमरी, सिमली

युवाओं को रोजगार दिया जाए और बढ़ती महंगाई पर रोक लगनी चाहिए। गैस सिलिंडर के दाम काफी बढ़ गए हैं। सरकार को लोगों की इस समस्या पर गंभीर रूप से विचार करना होगा। साथ ही तकनीकी संस्थान खोलने की जरूरत है।
- अशोक चौधरी, नंदासैंण

शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क के क्षेत्र में पिछले पांच सालों में काम काफी काम हुए हैं। विस क्षेत्र के 98 प्रतिशत राजस्व गांवों में सड़कों पर काम चल रहा है। साढ़े तीन सौ करोड़ की लागत से कर्णप्रयाग क्षेत्र में प्रधानमंत्री सड़क योजना व राज्य योजना के अंतर्गत काम गतिमान है। माईथान, बहुवाबांण मेहलचौंरी, मालसी, थिरपाक, शैलेश्वर, देवलकोट व मालसी के अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्रों में हमने एमबीबीएस डॉक्टर भेजे। सिमली बेस अस्पताल को 15 करोड़ रुपये अवमुक्त करवाकर अस्पताल बनवा दिया, इससे  गेंदोखाल क्षेत्र के लोगों को भी फायदा मिलेगा। कारोनाकाल में मैंने विधायक निधि से क्षेत्र पंचायत सदस्यों व ग्राम सभाओं को मास्क व जरूरी चीजों के लिए धनराशि उपलब्ध कराई। कर्णप्रयाग में आक्सीजन प्लांट के लिए 12 लाख रुपये दिए। कंडारा, सिमली, नंदासैंण, रोहिड़ा में अटल आदर्श विद्यालय की स्वीकृति कराई। दूरस्थ स्कलों में लैब व फर्नीचर के लिए एक करोड़ रुपये स्वीकृत कराए। नंदासैंण डिग्री कालेज के मुख्य भवन को तीन करोड़ स्वीकृत कराए। गैरसैंण आईटीआई के लिए चार करोड़ की धनराशि स्वीकृत कराकर काम शुरू कर दिया है। 4.5 करोड़ की लागत से गैरसैंण में ऑडिटोयिम का काम शुरू हो गया है।
- सुरेंद्र सिंह नेगी, विधायक कर्णप्रयाग विधानसभा

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