Uttarakhand Election 2022: इस चुनाव में दिग्गजों की पक्की उम्मीदवारी, बाकी पर मंथन जारी
भाजपा में मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष व मंत्रियों के टिकट तकरीबन फाइनल हैं तो कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, मौजूदा विधायकों व पूर्व कैबिनेट मंत्रियों को प्रत्याशी बनाया जाना लगभग तय है।
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उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में जिताऊ उम्मीदवारों की तलाश के लिए राजनीतिक दलों में मंथन शुरू हो गया है। मगर सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस में दिग्गज नेताओं की उम्मीदवारी पक्की मानी जा रही है। भाजपा में मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष व मंत्रियों के टिकट तकरीबन फाइनल हैं तो कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, मौजूदा विधायकों व पूर्व कैबिनेट मंत्रियों को प्रत्याशी बनाया जाना लगभग तय है। अमर उजाला ने इस पूरे मामले की पड़ताल की है।
कांग्रेस : 32 सीटों पर तय माने जा रहे दावेदारों के नाम
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2022 के लिए कांग्रेस पार्टी में टिकट के दावेदारों के आवेदनों की स्क्रूटनी का काम शुरू हो गया है। इस संबंध में प्रदेशभर में आवेदन प्रक्रिया के बाद साक्षात्कार का काम पूरा हो गया है। प्रदेश चुनाव समिति की बैठक भी हो चुकी है। नई दिल्ली में बुधवार और बृहस्पतिवार को स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक के बाद फाइनल नामों की सूची आलाकमान को सौंप दी जाएगी। इस पूरी प्रकिया के बीच तमाम सीटें ऐसी हैं, जिन पर करीब-करीब पहले से टिकट तय हैं। इन सीटों में मौजूदा विधायकों के साथ कई दिग्गज भी शामिल हैं। ऐसी सीटों की संख्या करीब 32 बताई जा रही है।
कांग्रेस पार्टी में चुनाव में टिकटों के वितरण से पूर्व एक प्रक्रिया अपनाई जाती है। जो इन दिनों अपने अंतिम चरण में है। बृहस्पतिवार को स्क्रीनिंग कमेटी की अंतिम दौर की बैठक के बाद फाइनल सूची पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंप दी जाएगी। ऐसे में माना जा रहा है कि जनवरी के पहले या दूसरे सप्ताह में पार्टी प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर सकती है। इस सूची में वह नाम शामिल हो सकते हैं, जिनके पहले से टिकट तय माने जा रहे हैं। पार्टी सूत्रों की मानें तो ऐसे नामों की संख्या करीब 32 है। इन नामों में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह के अलावा सीटिंग विधायक और कुछ पूर्व विधायकों के नाम शामिल हैं। इसके अलावा भाजपा से पुन: कांग्रेस में शामिल हुए यशपाल आर्य और उनके पुत्र संजीव आर्य का नाम भी करीब-गरीब पक्का बताया जा रहा है। हल्द्वानी सीट पर दिग्गज नेता रहीं इंदिरा हृदयेश के निधन के बाद उनके पुत्र सुमित हृदयेश का टिकट भी पक्का माना जा रहा है।
इन सीटों पर नहीं करनी होगी पार्टी को माथापच्ची
कांग्रेस पार्टी में जिन सीटों के पहले से टिकट तय माने जा रहे हैं, उनमें गंगोत्री से विजयपाल सजवाण, बदरीनाथ से राजेंद्र भंडारी, थराली से प्रो. जीत राम, केदारनाथ से मनोज रावत, देवप्रयाग से मंत्री प्रसाद नैथानी, प्रतापनगर से विक्रम सिंह नेगी, टिहरी से किशोर उपाध्याय, चकराता से प्रीतम सिंह, विकासनगर से नवप्रभात, धर्मपुर से दिनेश अग्रवाल, राजपुर से राजकुमार, भगवानपुर से ममता राकेश, पिरान कलियर से फुरकान अहमद, मंगलौर से काजी निजामुद्दीन, यमकेश्वर से शैलेंद्र रावत, पौड़ी से नवल किशोर, श्रीनगर से गणेश गोदियाल, चौबट्टाखाल से राजपाल सिंह बिष्ट, कोटद्वार से सुरेंद्र सिंह नेगी, धारचूला से हरीश धामी, कपकोट से ललित फर्स्वाण, द्वारहाट से मदन सिंह बिष्ट, रानीखेत से करण माहरा, सल्ट से गंगा पंचोली, सोमेश्वर राजेंद्र बाराकोटी, अल्मोडा से मनोज तिवारी, जागेश्वर से गोविंद सिंह कुंजवाल, चंपावत से हिमेश खर्कवाल, भीमताल से दान सिंह भंडारी, हल्द्वानी से सुमित हृदयेश, जसपुर से आदेश चौहान और खटीमा से भुवन कापड़ी के नाम शामिल हैं।
पूर्व में एक प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा था कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए करीब 38 टिकट तय कर दिए हैं। किसी भी सिटिंग विधायक का टिकट नहीं काटा जाएगा। विपरीत परिस्थितियों के चलते जिन कांग्रेस नेताओं ने पार्टी का साथ दिया है, उन्हें शामिल करते हुए सिटिंग विधायकों सहित कांग्रेस ने लगभग 38 सीटों पर प्रत्याशियों का चयन कर लिया है। इस पर नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने एतराज जताया था। बकौल प्रीतम, टिकट तय करने की एक प्रक्रिया है, नेता प्रतिपक्ष होने के नाते वह भी उस प्रक्रिया का हिस्सा हैं। ऐसे में किसका टिकट तय है और किसका नहीं, पूरी प्रक्रिया अपनाए जाने से पहले इस बारे में कुछ नहीं कहा जाना चाहिए।
2017 में भी किया था विधायकों को रिपीट
वर्ष 2012 में कांग्रेस के 32 विधायक थे। इनमें से नौ विधायक कांग्रेस छोड़कर चले गए। 21 विधायक पार्टी के साथ मजबूती के साथ खड़े रहे। तब भी पार्टी ने करीब-करीब सभी विधायकों को 2017 में रिपीट किया था, लेकिन जीतकर मात्र 11 ही आए थे। चुनाव अभियान समिति की कमान संभाल रहे पूर्व सीएम हरीश रावत का टिकट भी तय है, लेकिन वह कहां से चुनाव लड़ेंगे, यह भी तय नहीं है। पूछने पर हरीश रावत ने बताया, जहां से पार्टी आदेश कर देगी, मैं वहीं से चुनाव लड़ लूंगा। वैसे हरीश रावत इस बार चुनाव में उतरेंगे या नहीं इस पर भी संशय बना हुआ है। पिछले चुनाव में उन्होंने किच्छा और हरिद्वार ग्रामीण से भाग्य अजमाया था, लेकिन दोनों ही सीटों से उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था।
दिग्गजों के टिकट सबसे पहले तय करेगी भाजपा
भाजपा की सियासत में दिग्गज नेताओं के टिकट तय माने जा रहे हैं। चुनाव आचार संहिता के बाद पार्टी कभी भी पहली सूची जारी कर सकती है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक पहले ही यह संकेत दे चुके हैं। संगठन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, प्रत्याशियों की पहली सूची में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक, प्रदेश सरकार के तकरीबन सभी मंत्री व वरिष्ठ विधायकों के नाम शामिल होंगे।
केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से कराए गए सर्वेक्षणों में भाजपा ने बी और सी श्रेणी की सीटों का निर्धारण किया है। बी श्रेणी में विधानसभा की उन सीटों को रखा गया है, जहां पार्टी सिटिंग विधायक को उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर दुविधा में है। सी श्रेणी में वे सीटें हैं, जिन पर कांग्रेस का कब्जा है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी बी व सी श्रेणी की सीटों पर उम्मीदवारों की सूची बाद में जारी कर सकती है।
इन सीटों को पार्टी ए श्रेणी में रखा
पुरोला, देवप्रयाग, नरेंद्रनगर, प्रतापनगर, विकासनगर, सहसपुर, रायपुर, डोईवाला, मसूरी, ऋषिकेश, हरिद्वार, ज्वालापुर, रुड़की, खानपुर, हरिद्वार ग्रामीण, यमकेश्वर, कोटद्वार, श्रीनगर, चौबट्टाखाल, डीडीहाट, पिथौरागढ़, कपकोट, सल्ट, सोमेश्वर, लोहाघाट, चंपावत, कालाढुंगी, गदरपुर, किच्छा, सितारगंज, नानकमत्ता व खटीमा।
बी श्रेणी में शामिल सीटें
बदरीनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री, थराली, कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग, टिहरी, धर्मपुर, राजपुर रोड, बीएचईएल रानीपुर, लक्सर, झबरेड़ा, ज्वालापुर, पौड़ी, लैंसडौन, गंगोलीहाट, द्वारहाट, लालकुआं, भीमताल, रामनगर, काशीपुर।
सी श्रेणी शामिल सीटें
चकराता, भगवानपुर, जसपुर, पिरानकलियर, मंगलौर, केदारनाथ, गंगोत्री, जागेश्वर, रानीखेत, धारचुला, हल्द्वानी, नैनीताल, बाजपुर।
इन दिग्गजों के टिकट तय माने जा रहे
सीएम पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, हरक सिंह रावत, डॉ. धनसिंह रावत, गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, बिशन सिंह चुफाल, अरविंद पांडेय, बंशीधर भगत, रेखा आर्य, यतीश्वरानंद, स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल, डिप्टी स्पीकर रघुनाथ सिंह चौहान, उमेश शर्मा काऊ, राजकुमार ठुकराल, राजेश शुक्ला, सौरभ बहुगुणा, डॉ. प्रेम सिंह, पूरन सिंह फर्त्याल, त्रिवेंद्र सिंह रावत, कुंवर प्रणव चैंपियन, मुन्ना सिंह चौहान, प्रीतम सिंह पंवार, राम सिंह कैडा, राजकुमार, संजय गुप्ता, प्रदीप बतरा, ऋतु खंडूड़ी, विनोद कंडारी, चंदन राम दास, बलवंत सिंह भौर्याल, महेश जीना आदि के नाम प्रमुख हैं।
आप प्रभारियों की रिपोर्ट पर घोषित करेगी प्रत्याशी
आम आदमी पार्टी की ओर से आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज कर दी गई है। अब पार्टी ने जो 44 प्रभारी बनाए हैं, उन्होंने अपना काम शुरू कर दिया है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर प्रत्याशी घोषित किए जाएंगे।आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी दिनेश मोहनिया ने बताया कि आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उन्होंने 44 प्रभारी तैनात किए हैं। यह प्रभारी विधानसभाओं में संभावित दावेदारों की जीत की गुंजाइश और जनता के बीच उनकी छवि के आधार पर अपनी रिपोर्ट संगठन को देंगे। इनकी रिपोर्ट के आधार पर आप की ओर से विधानसभा वार प्रत्याशियों की घोषणा की जाएगी। हालांकि यह घोषणा कब तक होगी, उन्होंने इसकी जानकारी से इंकार किया। माना जा रहा है कि आचार संहिता लागू होने के साथ ही आप भी अपने प्रत्याशियों की घोषणा शुरू कर देगी।