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Uttarkashi Disaster: धराली, पौड़ी की आपदा के कारणों का अध्ययन करेगी टीम, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

Sun, 10 Aug 2025 11:57 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sun, 10 Aug 2025 11:57 AM IST
सार

मुख्य सचिव ने धराली, पौड़ी की आपदा के कारणों का अध्ययन करने के लिए टीम को निर्देश दिए हैं। आईजी एसडीआरएफ को सर्च एंड रेस्क्यू अभियान का नोडल बनाया गया है।

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Uttarakhand Disaster team will study the causes of the disaster in Dharali Pauri
बैठक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने पौड़ी तथा धराली में भू-वैज्ञानिकों की एक टीम भेजने के निर्देश दिए हैं। जो इन आपदाओं के कारणों का अध्ययन करेगी। यह टीम एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी। इसके अलावा आईजी एसडीआरएफ अरुण मोहन जोशी को सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन का नोडल अधिकारी बनाने का निर्देश दिया है।

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आईजी अरुण मोहन जोशी सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, वायु सेवा के साथ ही ग्राउंड जीरो पर कार्य कर रहे अन्य विभागों तथा एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए जल्द से जल्द रेस्क्यू अभियान को संपन्न करवाएंगे। सीएस ने हर्षिल घाटी में विभिन्न स्थानों पर किए जा रहे राहत और बचाव कार्यों को संचालित करने के लिए इन स्थानों को सेक्टर में बांटने के निर्देश दिए।

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उन्होंने कहा कि सभी सेक्टर प्रभारी अपने-अपने दायित्वों को समयबद्ध रूप से संपन्न कराएं। मुख्य सचिव ने जल्द से जल्द बैली ब्रिज का निर्माण किए जाने के निर्देश दिए ताकि सड़क मार्ग से कनेक्टिविटी को भी शीघ्र बहाल किया जा सके। लोनिवि सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडे ने बताया कि बैली ब्रिज के निर्माण का काम तेज गति से चल रहा है। बीआरओ को सभी तरह का सहयोग राज्य सरकार की एजेंसियों के माध्यम से प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द बैली ब्रिज बनाकर यातायात के लिए चालू कर दिया जाएगा।

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प्रभावित क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं को बहाल करने पर फोकस

मुख्य सचिव कहा कि वायु सेवा से रेस्क्यू अभियान काफी हद तक पूरा हो गया है। अब पूरा फोकस प्रभावित क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं को बहाल किए जाने पर है। यूकाडा के हेलिकाप्टर ने सराहनीय कार्य करते हुए बड़ी संख्या में लोगों को रेस्क्यू किया है। इसके साथ ही भारतीय सेवा के चिनूक तथा एमआई 17 हेलीकॉप्टर भी मानव संसाधन तथा उपकरणों को प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाने में बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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खनिकर्म विभाग को भेजा गया पत्र

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि दोनों जगहों पर आपदा के कारणों के अध्ययन के लिए तीन-तीन सदस्यीय टीम भेजने के लिए भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग निदेशक को पत्र भेज दिया गया है। यह टीम एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत करेगी। बैठक में सचिव गृह शैलेश बगौली, प्रमुख सचिव डॉ. आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव सचिन कुर्वे, एडीजी एपी अंशुमान आदि मौजूद थे।

 

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