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आपदा के बाद पहली बार गौरीकुंड पहुंचा ट्रक

Sat, 06 Dec 2014 01:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग Updated Sat, 06 Dec 2014 01:46 PM IST
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uttarakhand disaster and gaurikund

गौरीकुंड तक केदारनाथ हाईवे के पुनर्निर्माण में बीआरओ सफल रहा है। आपदा के डेढ़ वर्ष बाद शुक्रवार को गौरीकुंड तक कोई वाहन पहुंचा। बीआरओ ने कठोर पहाड़ियों को आधुनिक मशीन से लगभग 500 मीटर काटकर सड़क बनाई। अब सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक छोटे वाहन भी दौड़ने लगे हैं।

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राजमार्ग को ठीक करने का काम शुरू
केदारघाटी की आपदा में केदारनाथ राजमार्ग गौरीकुंड तक कई स्थानों पर पूरी तरह से ध्वस्त हो गया था। सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच छह किमी मार्ग कई स्थानों पर मंदाकिनी नदी के उफान में बह गया था। बीआरओ द्वारा आपदा के कुछ समय बाद ही राजमार्ग को ठीक करने का काम शुरू कर दिया गया था, लेकिन हालात काफी खराब होने से कई स्थानों पर सड़क नहीं बनाई जा सकी।
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इस वजह से केदारनाथ यात्रा भी प्रभावित हुई और यात्रियों को सोनप्रयाग से ही पैदल रास्ते से धाम पहुंचना पड़ा। पहले यात्री गौरकुंड से पैदल केदारनाथ जाते थे। इस बार यात्रा शुरू होने तक बीआरओ ने गौरीकुंड से 5 सौ मीटर पीछे तक सड़क बना दी थी। यात्रा के दौरान कार्य को धीमा कर दिया गया ताकि पैदल मार्ग प्रभावित न हो।
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बीआरओ अधिकारियों के मुताबिक केदारनाथ धाम के कपाट बंद होते ही सड़क के पुनर्निर्माण कार्य में तेजी लाई गई। यहां कठोर चट्टानों को काटने के लिए आधुनिक आरओसी मशीनें लाई गई, जिससे दो माह में खत्म होने वाला काम 20 से 25 दिन में ही पूरा कर लिया गया।

बुधवार शाम तक बीआरओ ने गौरीकुंड तक सड़क का कार्य पूरा कर दिया था। शुक्रवार को यहां बीआरओ का ट्रक पहुंच गया है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही छोटी गाड़ियां भी आसानी से गौरीकुंड पहुंचेंगी। राजमार्ग पर सुधारीकरण का कार्य अभी जारी रहेगा। जहां पर चट्टानें झुकी हैं, उसे भी ठीक किया जा रहा है।


निम का सामान भी जा सकेगा
केदारनाथ हाईवे के गौरीकुंड तक बनने से केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य में जुटे निम के मजदूरों का सामान भी अब गौरीकुंड से धाम पहुंचाया जा सकेगा। अब धाम की दूरी भी 16 किमी रह गई है, क्योंकि अभी तक सोनप्रयाग तक ही वाहनों का संचालन हो रहा था।

गौरीकुंड तक वाहनों का संचालन शुरू कर दिया गया है। आधुनिक मशीन से कठोर चट्टान का लगभग 500 मीटर हिस्सा 20-25 दिन में काटकर सड़क तैयार की गई है।
मुकेश कुमार, सहायक कमान अधिकारी बीआरओ

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